Homeहमारा उत्तराखण्डटिहरीपुनर्वास विभाग की लापरवाही पड़ रही भारी, प्रशासन बना मूकदर्शक

पुनर्वास विभाग की लापरवाही पड़ रही भारी, प्रशासन बना मूकदर्शक

नई टिहरी। पुनर्वास विभाग की लापरवाही जिला मुख्यालय के सी. ब्लॉक टाइप 3 की दो सरकारी बिल्डंग के अलावा एक निजी भवन और सामुदायिक पार्क पर भी दरारें पड़ती दिखाई दे रही है।

यहां पुनर्वास की ओर से आवंटित प्लॉटों के समतलीकरण के दौरान यह परिसंपत्तियां पूरी तरह खतरे की जद में आ गई हैं। लेकिन जिला प्रशासन सहित संबंधित एजेंसियां मूकदर्शक बनी हुई हैं।

बता दें कि टिहरी में पुनर्वास विभाग ने कई स्थानों पर अनाप-शनाप तरीके से प्लाट आवंटन किए हैं। आलम यह है कि ग्रीन बेल्ट, संवेदनशील स्थलों के अलावा पार्क और पार्किंगों को भी पुनर्वास विभाग के अधिकारियों और भू माफियाओं ने सांठगांठ कर आवंटित कर दिया।

करीब 100 से अधिक ऐसे आवंटन हैं, जो संदेह के घेरे में हैं। इन आवंटनों को लेकर डीएम/पुनर्वास निदेशक नितिका खंडेलवाल ने जांच के निर्देश दिए हैं। ताजा मामला सी. ब्लॉक टाइप 3 के पास का है। जहां पुनर्वास के अधिकारियों ने डंपिंग जोन को अविकसित प्लाट के रूप में आवंटित कर दिया।

भूस्वामी की ओर से जब प्लाट का समतलीकरण शुरू किया गया तो ऊपर स्थित भवन का आंगन बीते दिनों भरभरा कर गिर गया। भवन स्वामी बलवीर नेगी, सतीश उनियाल ने बताया कि इस बाबत डीएम से शिकायत की थी, जिसके चलते कुछ दिन इंजीनियरों की देखरेख में प्रोटेक्शन कार्य होना था।

लेकिन ऐसा नहीं हुआ और रविवार को फिर से वहां भूस्खलन हो गया। जिससे उनकी बल्डिंग सहित कई भवन और पार्क खतरे की जद में आ गए हैं। उन्होंने दोनों परिवारों का अन्यत्र विस्थापन करने और वहां सुरक्षात्मक कार्य करने की मांग की है।

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