पुलिस महानिरीक्षक, एसटीएफ/साइबर नीलेश आनन्द भरणे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊँ परिक्षेत्र, रुद्रपुर की टीम द्वारा प्राप्त तकनीकी इनपुट के आधार पर जनपद ऊधमसिंहनगर के काशीपुर क्षेत्र में NS Enterprise के नाम से संचालित एक संदिग्ध कॉल सेन्टर/डिजिटल एक्सचेंज का भंडाफोड़ किया गया है।
राज्य को साइबर अपराध मुक्त बनाने तथा साइबर अपराधों में प्रयुक्त होने वाले अवैध टेलीकॉम नेटवर्क एवं तकनीकी संसाधनों पर प्रभावी अंकुश लगाने के दृष्टिगत एसटीएफ द्वारा निरंतर इनपुट विकसित कर निगरानी की जा रही थी। इसी क्रम में काशीपुर क्षेत्र में संचालित एक संदिग्ध टेलीकॉम सेटअप के संबंध में महत्वपूर्ण इनपुट प्राप्त हुआ, जिसमें SIP कनेक्शन के माध्यम से ILD गेटवे बाईपास एवं ऑटोमेटेड/रोबो कॉलिंग किए जाने की आशंका व्यक्त की गई थी, जिससे 21 दिवस के अन्दर 45, 453 आउटगोइंग कॉल की जानी प्रकाश में आयी थी।
उक्त सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ एवं साइबर क्राइम कुमाऊँ यूनिट द्वारा दूरसंचार विभाग की टीम के साथ संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए मौके पर तकनीकी जांच एवं निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान संदिग्ध टेलीकॉम सेटअप से संबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य प्राप्त हुए, जिनके आधार पर 01 अभियुक्त नईमुद्दीन पुत्र जाहिद हुसैन, निवासी मनकुआ मकसूदपुर, थाना डिलारी, जनपद मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गयी।
अभियुक्त नईमुद्दीन के विरुद्ध साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन कुमाऊं रूद्रपुर में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4), 61(2), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C), 66(D) तथा दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 42(1), 42(3) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
प्रकरण में बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, डिजिटल लॉग्स एवं अन्य साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। साथ ही अन्य अभियुक्त के सहयोगियों की भूमिका तथा अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में भी जांच की जा रही है। विवेचना में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
तकनीकी जांच में क्या-क्या सामने आया
मौके पर उपलब्ध कंप्यूटर सिस्टम की जांच के दौरान Linux आधारित वर्चुअल मशीन तथा FreePBX लॉगिन पाया गया। इसके अतिरिक्त सिस्टम में रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर, SSH क्लाइंट एवं व्हाट्सएप वेब से संबंधित डिजिटल साक्ष्य भी प्राप्त हुए। जांच के दौरान उपलब्ध सिस्टम लॉग्स, वर्चुअल मशीन से संबंधित तकनीकी डेटा तथा संबंधित व्हाट्सएप चैट को सुरक्षित किया गया है। व्हाट्सएप चैट में SIP ट्रंक, SIP केबल एवं इंटरनेट कनेक्शन से संबंधित बातचीत भी पाई गई, जिसे प्रकरण की विवेचना के लिए महत्वपूर्ण मानते हुए सुरक्षित किया गया।
कंप्यूटर सिस्टम एवं वर्चुअल मशीन का RAM Dump तथा अन्य तकनीकी लॉग्स संकलित किए गए हैं, ताकि संबंधित डिजिटल गतिविधियों, सिस्टम के उपयोग एवं संभावित संचार व्यवस्था के संबंध में विस्तृत तकनीकी विश्लेषण किया जा सके। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तथा डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों एवं गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
अपराध करने का तरीका (Modus Operandi)
1. फर्म की आड़ में संदिग्ध टेलीकॉम सेटअप का संचालन: अभियुक्त द्वारा NS Enterprise के नाम से फर्म स्थापित कर काशीपुर में कार्यालय किराये पर लिया गया तथा इंटरनेट एवं SIP कनेक्शन प्राप्त कर फर्म की आड़ में अवैध टेलीकॉम सैटअप स्थापित धोखाधड़ी की जा रही थी।
2. इंटरनेट एवं SIP कनेक्शन के माध्यम से कॉलिंग गतिविधियां: कार्यालय में कंप्यूटर सिस्टम, जियो एवं एयरटेल कनेक्टिविटी, SIP उपकरणों तथा अन्य नेटवर्किंग डिवाइस के माध्यम से टेलीकॉम सेटअप संचालित किया गया था। इन संसाधनों के उपयोग एवं उनके माध्यम से कॉलिंग गतिविधियों की जा रही थी।
3. ILD गेटवे बाईपास एवं रोबो कॉलिंग: दूरसंचार विभाग से प्राप्त इनपुट के अनुसार, उक्त SIP कनेक्शन के माध्यम से ILD गेटवे बाईपास किए जाने तथा कम अवधि की ऑटोमेटेड/रोबो कॉलिंग (ऐसी कॉलिंग जिसमें सॉफ्टवेयर या तकनीकी सिस्टम के माध्यम से बिना किसी व्यक्ति द्वारा प्रत्येक कॉल किए, एक साथ बड़ी संख्या में लोगों को स्वचालित फोन कॉल की जाती हैं। इन कॉलों का उपयोग प्रचार, रिकॉर्डेड संदेश भेजने अथवा साइबर धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों में किया जा सकता है) की जा रही थी।
4. वर्चुअल मशीन एवं तकनीकी सॉफ्टवेयर का उपयोग: कंप्यूटर सिस्टम की जांच के दौरान Linux आधारित वर्चुअल मशीन, FreePBX लॉगिन, रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर एवं SSH क्लाइंट पाए गए।
6. डिजिटल एवं संपर्कों की जांच: मौके पर उपलब्ध कंप्यूटर सिस्टम में व्हाट्सएप वेब से संबंधित डिजिटल साक्ष्य प्राप्त हुए। व्हाट्सएप चैट में SIP ट्रंक, SIP केबल एवं इंटरनेट कनेक्शन से संबंधित बातचीत पाई गई।
अभियुक्त –
नईमुद्दीन पुत्र जाहिद हुसैन, निवासी मनकुआ मकसूदपुर, थाना डिलारी, जनपद मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश।
बरामदगी
01 कंप्यूटर
03 जियो राउटर।
01 एयरटेल राउटर।
01 SETU VTEP उपकरण।
पेन ड्राइव, मोबाईल फोन एवं अन्य नेटवर्किंग उपकरण।
कंप्यूटर सिस्टम एवं वर्चुअल मशीन
साइबर ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें: यदि आप साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार होते हैं, तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। शीघ्र शिकायत करने से ठगी की धनराशि को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
STF/Cyber टीम
निरीक्षक अरुण कुमार
उपनिरीक्षक अशोक कांडपाल
उपनिरीक्षक प्रकाश भगत
अपर उपनिरीक्षक सत्येन्द्र गंगोला
अपर उपनिरीक्षक विनोद कुमार बिष्ट
हेड कांस्टेबल मनोज कुमार
कांस्टेबल मुहम्मद उस्मान
दूरसंचार विभाग (DoT) की टीम:
श्री राहुल नरेडी, ADG (Security & Technology)
सुश्री मीनू कुमारी, JTO (Security & Technology)



