Homeहमारा उत्तराखण्डउत्तराखंड विधानसभा सत्र: विपक्ष का हंगामा, काले झंडे लहराए, कार्यवाही कुछ देर...

उत्तराखंड विधानसभा सत्र: विपक्ष का हंगामा, काले झंडे लहराए, कार्यवाही कुछ देर स्थगित, मनाने पहुंचे मंत्री

उत्तराखंड विधानसभा के दूसरे दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट पर चर्चा और मतदान के साथ कई अहम विधायी कार्य प्रस्तावित हैं। सदन में पेश किए गए नौ विधेयकों पर विचार के बाद उन्हें पारित करने की कार्यवाही होगी। इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण की अध्यक्षता में हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में दिनभर का एजेंडा तय किया गया।

विधानसभा सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध जारी रहा। विपक्षी विधायक एक बार फिर सदन के वेल में पहुंच गए और काले झंडे दिखाते हुए नारेबाजी की। विपक्ष चर्चा कराने की मांग पर अड़ा रहा, जिससे सदन में हंगामे की स्थिति बनी रही। इस दौरान भाजपा विधायकों ने चकराता की दो बेटियों को धमकी दिए जाने का मामला भी उठाया। इस मामले में कांग्रेस में शामिल करने की मांग किए जाने की बात कही गई। सदन में हंगामे के बीच कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

विधानसभा सत्र के दौरान विपक्षी विधायकों ने सदन में चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा किया। कांग्रेस विधायक अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंचे और वहां काले झंडे लहराए। विपक्ष विधानसभा अध्यक्ष से सदन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग कर रहा था। हंगामे और नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही को सुबह 11:20 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्ष के विरोध के चलते विधानसभा की कार्यवाही बाधित रही। कांग्रेस विधायक अपनी मांगों पर चर्चा कराने के लिए लगातार आवाज उठाते रहे।

विधानसभा में फोटो सेशन को लेकर सत्ता पक्ष-विपक्ष आमने-सामने, अरविंद पांडेय ने की निंदा

उत्तराखंड विधानसभा में फोटो सेशन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद हो गया। विधायक अरविंद पांडेय ने फोटो सेशन से विपक्ष के किनारा करने की निंदा की। सत्ता पक्ष के विधायकों ने इस मामले में निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की। वहीं, विपक्ष का कहना है कि विधायकों के साथ जिस तरह की दुर्दशा हुई, ऐसे में फोटो सेशन का क्या मतलब है। इस मुद्दे पर दोनों पक्ष आमने-सामने नजर आए। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि नए विधायकों के फोटो सेशन का मौका निकल गया।

विधानसभा सत्र का दूसरा दिन: कार्यवाही शुरू होने से पहले धरने पर बैठे विपक्षी नेता

उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू हो गई। कार्यवाही शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस के सभी विधायक विधानसभा भवन के बाहर धरने पर बैठ गए। कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया। सदन के भीतर कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष का यह प्रदर्शन देखने को मिला। विधानसभा भवन के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए अपना विरोध जताया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल विपक्षी नेताओं को मनाने पहुंचे।

पहली बार : गैरसैंण में एक साल में दो विधानसभा सत्र

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में पहली बार एक साल में दो विधानसभा सत्र हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने गैरसैंण में सत्र कराने को प्राथमिकता दी है। भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में मंगलवार से विधानसभा सत्र शुरू हुआ। साथ ही राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में पहली बार एक साल के भीतर दो विधानसभा सत्र आयोजित होने का नया अध्याय जुड़ गया है। इससे पहले इसी साल मार्च में भराड़ीसैंण में बजट सत्र आयोजित किया गया था। गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। इसके बाद से यहां समय-समय पर विधानसभा की कार्यवाही संचालित होती रही है। हालांकि कुछ वर्षों में यहां कोई सत्र आयोजित नहीं हुआ, जबकि कुछ वर्षों में एक बार विधानसभा सत्र आयोजित किया गया।

न भाजपा में जाऊंगा, न कांग्रेस में: उमेश कुमार

विधायक उमेश कुमार ने कहा कि वह सदन से इस्तीफा देंगे। अगली बार ईश्वर ने चाहा तो हमारे साथ दो-चार लोग और आएंगे। हर किसी को अच्छी सड़क, भ्रष्टाचार मुक्त शासन, अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं चाहिएं। भगत सिंह पड़ोसी के घर में पैदा हो। यही विपक्ष का हाल है। मैं कांग्रेस में कभी नहीं जा रहा। मैं उन नेताओं के नारे नहीं लगा सकता जो कल तक मेरे घर के दरवाजे के बाहर बैठे थे। भाजपा में जाकर क्या मैं त्रिवेंद्र रावत के नारे लगाऊंगा या कांग्रेस में हरीश रावत जिंदाबाद के नारे लगाऊंगा। आपको बता दें कि उमेश कुमार की पत्नी ने हाल ही में जन निर्माण पार्टी बनाई है। चर्चा है कि उमेश कुमार अगले चुनाव में इसी पार्टी से मैदान में उतरेंगे।

भराणीसैंण विधानसभा सत्र का दूसरा दिन, कार्यवाही के लिए पहुंचे मंत्री-विधायक, बाहर धरने पर बैठा विपक्ष

विधानसभा सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही में शामिल होने के लिए मंत्री, विधायक और विभिन्न विभागों के अधिकारी विधानसभा भवन पहुंचे। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा परिसर के बाहर राजनीतिक गतिविधियां भी देखने को मिलीं। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस के सभी विधायक भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर विधानसभा भवन के बाहर धरने पर बैठ गए। विपक्ष ने इन मुद्दों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। एक ओर सदन की कार्यवाही में शामिल होने के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस विधायकों ने अपनी मांगों और मुद्दों को लेकर धरना दिया। विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सदन के भीतर होने वाली कार्यवाही के साथ ही बाहर विपक्ष का प्रदर्शन भी चर्चा का केंद्र रहा।

उमेश कुमार बोले- साढ़े चार साल तक किसानों और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विपक्ष से मिली निराशा

उमेश कुमार ने कहा कि एक निर्दलीय के तौर पर खानपुर की जनता ने चुनकर भेजा था। साढ़े चार साल तक जब भी भ्रष्टाचार, किसानों की लड़ाई को लेकर हमने विपक्ष की तरफ उम्मीदों से देखा कि शायद अब ये बेंच बजाएंगे, हमारे साथ खड़े होंगे, हमारा समर्थन करेंगे तो हमारे हाथ सिर्फ निराशा लगी। उमेश कुमार ने कहा कि साढ़े चार साल में कौन सा दिन था, जब विपक्ष हमारे साथ एक दिन भी खड़ा रहा हो। इस सदन से मैं इस्तीफे की घोषणा करता हूं। मैं प्रयास करूंगा कि अगली बार हमारे साथ कुछ लोग हमारे और आएं ताकि हम आज इकबालपुर शुगर मिल की बात करें तो 118 करोड़ का भुगतान दो साल से बकाया है। कितने किसानों की मौत हो गई है बीमारी में। पैसा न होने के कारण इलाज नहीं हुआ। 2023 में आपदा में पूरा हरिद्वार जनपद डूब गया। फसलें खत्म हो गईं। किसानों की आरसी काट दी गई। किसान क्रेडिट कार्ड का ब्याज माफ नहीं किया गया। बिजली के बिलों का बकाया माफ नहीं किया गया। कनेक्शन काट दिए। बिजली बंद कर दी।

खानपुर विधायक उमेश कुमार देंगे इस्तीफा

सत्र के दूसरे दिन खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के इस्तीफे की घोषणा भी अहम घटनाक्रम है। उन्होंने बुधवार को सदन से इस्तीफा देने की बात कही है। उमेश कुमार का कहना है कि उन्होंने विपक्ष के साथ मिलकर मुद्दे उठाए, लेकिन भ्रष्टाचार और हरिद्वार में किसानों की समस्याओं जैसे मामलों में विपक्ष का अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने अगली बार दो-चार अन्य लोगों के साथ सदन में पहुंचने की इच्छा भी जताई है।

RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular