उत्तरकाशी जिले में ऊंचाई वाले इलाकों में फंसे पर्वतारोहियों और ट्रैकर्स को सुरक्षित निकालने का अभियान जारी है। आज मंगलवार को सुबह से चलाए गए अभियान में कालिंदी पास बेस क्षेत्र से 10, सतोपंथ बेस क्षेत्र से चार और जोगिन-I पास बेस क्षेत्र से आठ सदस्यों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इस तरह सुबह 11:15 बजे तक कुल 22 सदस्यों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद ट्रैकिंग और पर्वतारोहण के लिए गए लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला प्रशासन अभियान की लगातार निगरानी कर रहा है। सोमवार को कालिंदी पास बेस और ऑडिन कोल बेस क्षेत्र से 40 सदस्यों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया था। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य स्मार्ट कंट्रोल रूम से पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने रेस्क्यू टीमों को सभी जरूरी व्यवस्थाओं के साथ तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं। हर्षिल समेत अन्य पड़ावों पर भी टीमों के बीच समन्वय बनाया जा रहा है।
हेलीपैड पर जरूरी व्यवस्थाएं की गई
प्रशासन के अनुसार सोमवार और मंगलवार को मिलाकर अब तक कुल 50 लोगों को सुरक्षित हर्षिल हेलीपैड पहुंचाया जा चुका है। रेस्क्यू किए गए ट्रैकर्स की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए हर्षिल हेलीपैड पर जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। यहां उनके लिए भोजन, गर्म पानी और स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि रेस्क्यू के बाद उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य आपदा कंट्रोल रूम से संबंधित टीमों के साथ समन्वय कर रेस्क्यू अभियान की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। एडीएम मुक्ता मिश्र सहित आपदा प्रबंधन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व, वन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन की टीमें रेस्क्यू किए जा रहे लोगों की सुरक्षा और आवश्यक मदद सुनिश्चित करने में जुटी हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालकर हर्षिल हेलीपैड तक लाने का अभियान लगातार जारी है।
कालिंदी खाल में फंसे सभी 19 लोगों को सुरक्षित निकाला
सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर टीम ने ट्रेकर्स की सुरक्षित निकासी की। एसडीआरएफ की हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम ने मौके पर रेकी कर बचाव कार्य किया। लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण अभियान में कई चुनौतियां सामने आईं। मौसम अनुकूल होने पर रेस्क्यू कार्य दोबारा शुरू किया गया और सभी ट्रेकर्स को सुरक्षित हर्षिल पहुंचाया गया। इसके साथ ही कालिंदी खाल रेस्क्यू अभियान पूरा कर लिया गया है। सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर एसडीआरएफ की टीमें अन्य रेस्क्यू एजेंसियों के साथ मिलकर बचाव कार्य में जुटी हैं।
आज रेस्क्यू अभियान के दौरान 19 और लोगों को सुरक्षित निकालकर हर्षिल हेलीपैड पहुंचाया गया। इसके साथ ही कालिंदी खाल में फंसे सभी 19 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। हर्षिल हेलीपैड पर अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र की मौजूदगी में रेस्क्यू टीमों और हेलिकॉप्टर के पायलट ने अभियान को लेकर आवश्यक समन्वय और विस्तृत प्लानिंग की। इसके अलावा माउंट जॉगिंग क्षेत्र की रेकी के लिए एसडीआरएफ के दो जवान भी रवाना हुए हैं। टीम क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षित मार्ग का आकलन कर रही है। शेष ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान जारी है।
रेस्क्यू में आईटीबीपी, एनआईएम, एसडीआरएफ, वन विभाग शामिल
सोमवार को शासन-प्रशासन की ओर से चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद चालीस पर्वतारोहियों को हेलिकॉप्टर से सुरक्षित निकाल लिया गया। रेस्क्यू में आईटीबीपी, एनआईएम, एसडीआरएफ, वन विभाग शामिल है। शाम को मौसम खराब होने के कारण बचाव अभियान को रोक दिया गया। अभी 97 पर्वतारोही फंसे हुए हैं। सोमवार को सुबह मौसम साफ होने के बाद चार हेलीकॉप्टर के माध्यम से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बचाव कार्य शुरू किया गया।
इसमें सबसे पहले ओडन कॉल पास से आईटीबीपी की दो टुकड़ियों सहित वन विभाग की टीम ने पर्वतारोहियों को रेस्क्यू किया। वहां से दोपहर तक सभी 29 पर्वतारोहियों को रेस्क्यू किया गया। उसके बाद एसडीआरएफ सहित एनआईएम की टीम ने कालींदी खाल पास से 11 पर्वतारोहियों को रेस्क्यू कर हर्षिल हेलिपैड पहुंचाया।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य का कहना है कि मौसम खराब होने के कारण दोपहर बाद अभियान को रोकना पड़ा है। कांलिदी खाल पास पर दो एसडीआरएफ के जवान पर्वतारोहियोें के साथ मौजूद हैं। मंगलवार सुबह अन्य लोगों को भी निकालने के लिए रेस्क्यू शुरू किया गया। साथ ही अन्य चोटियों के आरोहण के दल के लोगों से भी संपर्क किया जा रहा है। वह सभी सुरक्षित है। सभी लोगों को योजना अनुसार रेस्क्यू किया जाएगा।