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Monday, September 26, 2022
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सितंबर माह में सौरमंडल में ग्रहों की हलचल से यह महीना रहेगा खास

राजनीतिज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए हलचल भरा रहेगा महीना

भारतीय पंचांग के मुताबिक सितंबर माह में सौरमंडल में बड़ी हलचल रहेगी कई ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे, इससे यह महीना बहुत खास रहेगा जिससे कई जातकों की लग्न कुंडली प्रभावित होंगे। हर ग्रह के राशि परिवर्तन करने से जातक को उसका अलग-अलग फल मिलता है।

उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल बताते हैं कि इस महीने सौरमंडल में ग्रहों की हलचल से देश के राजनीतिज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों मे जबरदस्त हलचल का माहौल देखने को मिलेगा।

निश्चित रूप से ग्रहों के राशि परिवर्तन करने से देश, दुनिया के साथ मनुष्य के जीवन में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं सितंबर माह में कौन-कौन से ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे।

10 सितंबर को बुध ग्रह कन्या राशि में होंगे वक्री

ज्योतिषाचार्य डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल बताते हैं कि गणना के अनुसार बुध ग्रह अपनी मार्गी गति में अपना राशि परिवर्तन लगभग 24 दिन की अवधि में करते हैं। बुध ग्रह कन्या राशि में मौजूद रहते हुए कन्या राशि में ही वक्री हो जाएंगे। वक्री बुध जातकों की रचनात्मकता को बढ़ाता है, लेकिन साथ ही व्यवहार, वाणी और बुद्धि को भी प्रभावित करता है।

बुध कन्या राशि में वक्री 10 सितंबर 2022, शनिवार को सुबह 8.42 मिनट पर होगा और उसके बाद 2 अक्टूबर 2022, रविवार को बुध कन्या राशि में ही अपनी मार्गी गति शुरू करेंगे, जिसके बाद वे 26 अक्टूबर 2022, बुधवार को कन्या से तुला राशि में गोचर कर जाएंगे। ज्योतिष के मुताबिक जब कोई ग्रह वक्री होता है तो उसे पीड़ित माना जाता है।

बुध ग्रह की अशुभता से बचने के लिए जातकों को भगवान गणेश की पूजा करना चाहिए। यदि कुंडली के किसी भी स्थान पर बुध ग्रह अकेला हो तो पन्ना रत्न भी धारण कर सकते हैं परंतु यदि वह किसी अन्य ग्रह के साथ हो तो फिर ज्योतिष की आयुर्वेदिक चिकित्सा के तहत उन लोगों के लिए बुध ग्रह का यंत्र बनाया जाता है इसका निर्णय कुंडली को देखने के बाद ही हो सकता है इसलिए समय पर अपनी कुंडली का विश्लेषण अवश्य करवाना चाहिए।

15 सितंबर को सिंह राशि में अस्त होंगे शुक्र ग्रह आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद बताते हैं कि शुक्र ग्रह का अस्त होना अच्छा नहीं माना जाता है। शुक्र ग्रह सिंह राशि में अस्त की अवधि 15 सितंबर 2022 को सुबह 02.29 मिनट पर शुरू होगी और फिर 2 दिसंबर को सुबह 6.13 मिनट पर सिंह राशि में शुक्र अस्त की अवस्था खत्म होगी।

शुक्र ग्रह के अस्त होने से निजी जीवन में मतभेद पैदा हो सकते हैं। धन की कमी के कारण परेशानी हो सकती है। प्रेम संबंधों पर भी प्रतिकूल असर हो सकता है। जो लोग शादी करने का इंतजार कर रहे हैं उन्हें अभी अनुकूल अवधि का इंतजार करने की ज़रूरत होगी, क्योंकि शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण विवाह संबंधी कार्य व तारीख तय करना अशुभ माना जाता है। शुक्र को भोर का तारा भी कहा जाता है।

शुक्र अस्त होने पर पूर्ण फल नहीं दे पाता है। जिन लोगों का विवाह नहीं हो पा रहा है अथवा दांपत्य जीवन में कड़वाहट चल रही है, संतान की प्राप्ति नहीं हो रही है अथवा समय पर प्रमोशन नहीं हो पा रहा है ,मकान और गाड़ी लेने में परेशानी हो रही है उन सभी लोगों के लिए शुक्र ग्रह की अशुभता को दूर करने के लिए मंत्रों की ध्वनि को यंत्रों में परिवर्तित कर पूर्ण वैदिक और वैज्ञानिक पद्धति से शुक्र ग्रह का यंत्र तैयार किया जाता है।

17 सितंबर को कन्या राशि में सूर्य पारगमन

सितंबर माह में तीसरा प्रमुख राशि परिवर्तन कन्या राशि में होगा। 17 सितंबर को सभी ग्रहों के स्वामी सूर्य अपनी राशि सिंह को छोड़कर कन्या राशि में राशि परिवर्तन करेंगे। सूर्य का यह पारगमन कन्या राशि वालों के लिए काफी शुभ होगा। किसी भी राशि में सूर्य देव की शुभ स्थिति बड़े पदों की प्राप्ति करने में मददगार रहती है, वहीं विपरीत स्थिति से जातक के मान-सम्मान के साथ स्वास्थ्य को भी हानि पहुंचाती है। सूर्य को सिंह राशि का स्वामित्व प्राप्त होता है। मेष राशि इनकी उच्च, वहीं तुला इसकी नीच राशि मानी गई है। सूर्य देव 17 सितंबर 2022, शनिवार को अपनी स्वराशि सिंह से निकलकर बुध देव की राशि कन्या में सुबह 07:11 बजे विराजमान हो जाएंगे।

24 सितंबर को शुक्र का कन्या राशि में गोचर

सितंबर माह में ही शुक्र ग्रह का एक बार फिर राशि परिवर्तन होगा। शुक्र ग्रह 24 सितंबर को कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र ग्रह के राशि परिवर्तन होने से कन्या राशि के जातकों के खर्च बढ़ सकते हैं। सेहत का ध्यान रखना होगा। कन्या राशि वालों को लक्ष्मी जी का पूजन करना चाहिए और दान देना चाहिए। शुक्र का कन्या राशि में गोचर 24 सितंबर 2022, शनिवार को रात 8.51 मिनट पर होगा, जब वह सिंह राशि से निकलकर बुध की कन्या राशि में गोचर करेंगे।

आचार्य चंडी प्रसाद घिल्डियाल बताते हैं कि लोगों को ग्रह परिवर्तन की स्थिति से डरने के बजाय अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहिए जिससे समय पर आगे होने वाले खतरों से बचा जा सके।

आचार्य का परिचय
नाम-आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल
सहायक निदेशक शिक्षा विभाग।
निवास स्थान- 56 / 1 धर्मपुर देहरादून, उत्तराखंड। कैंप कार्यालय मकान नंबर सी 800 आईडीपीएल कॉलोनी वीरभद्र ऋषिकेश
मोबाइल नंबर-9411153845
उपलब्धियां
वर्ष 2015 में शिक्षा विभाग में प्रथम गवर्नर अवार्ड से सम्मानित, वर्ष 2016 में उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तराखंड ज्योतिष रत्न सम्मान से सम्मानित, वर्ष 2017 में त्रिवेंद्र सरकार ने दिया ज्योतिष विभूषण सम्मान। वर्ष 2013 में केदारनाथ आपदा की सबसे पहले भविष्यवाणी की थी। इसलिए 2015 से 2018 तक लगातार एक्सीलेंस अवार्ड, 5 सितंबर 2020 को प्रथम वर्चुअल टीचर्स राष्ट्रीय अवार्ड, अमर उजाला की ओर से आयोजित ज्योतिष महासम्मेलन में ग्राफिक एरा में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिया ज्योतिष वैज्ञानिक सम्मान।

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