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Friday, January 2, 2026
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अंकिता हत्याकांड: मंत्री सुबोध उनियाल ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- सबूत लाओ, सरकार हर जांच को तैयार

अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में लगातार विपक्ष द्वारा घेरे जाने पर मंत्री सुबोध उनियाल ने आज पत्रकारवार्ता की, जिसमें उन्होंने कहा कि सबूत लाओ, सरकार हर जांच को तैयार है। कहा कि एसआईटी की जांच को सत्र न्यायालय, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट सही ठहरा चुके हैं। कहा, कोर्ट ने खुद माना था कि सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है।

उत्तराखंड में तीन साल पहले हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला अब फिर चर्चा में आ गया है। बीते दिन एक वीडियो वायरल हुआ और देहरादून से दिल्ली तक फिर हलचल हो गई। भाजपा-कांग्रेस में भी आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। कांग्रेस ने वीआईपी का नाम उजागर कर सीबीआई जांच की मांग की तो वहीं, भाजपा ने कांग्रेस पर शर्मनाक राजनीति करने का आरोप लगाया। अब ये पूरा मामला फिर चर्चा में हैं।

दरअसल, ये पूरा मामला पूर्व विधायक की कथित पत्नी के सोशल मीडिया पर जारी वीडियो के बाद ही शुरू हुआ। भाजपा निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी ने फेसबुक लाइव आकर खुलासा किया था। इस वीडियो में महिला ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी गट्टू का जिक्र किया। उन्होंने वीडियो में बताया कि गट्टू बीजेपी का बड़ा नेता है। वहीं, पूर्व जिला पंचायत सदस्य का भी जिक्र किया। वीडियो में उन्होंने कहा कि जिस दिन अंकिता की हत्या हुई वो गट्टू वहां क्या कह रहा था? साथ ही एक ऑडियो का भी जिक्र किया जिसमें कहा कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पास पूरी जानकारी है। इसके बाद से ही इस मामले ने तूल पकड़ लिया।

वीडियो वायरल हुआ तो कांग्रेस ने भी इस पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गाेदियाल ने दिल्ली में प्रेसवार्ता की। उन्होंने वायरल वीडियो भी प्रेसवार्ता में दिखाया। साथ ही सरकार पर मामला दबाने का आरोप लगया। उन्होंने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में सीबीआई जांच करवाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दस दिनों के भीतर अगर सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं करती है तो कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।

भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस चुनाव से पहले वीआईपी का राग अलाप कर अपनी नाकामियों से ध्यान हटा रही है। कांग्रेस को ही यह बताना चाहिए कि वीआईपी कौन है। अंकिता की असली अपराधी कांग्रेस है। जनता ने अंकिता कि लड़ाई लड़ने के लिए भाजपा को आशीर्वाद दिया है। कांग्रेस को दुष्प्रचार की ढाल को आधार बनाकर आरोप प्रत्यारोप की राजनीति से बाज आने की जरूरत है। भट्ट ने कहा कि उस समय डीजीपी ने सार्वजनिक अपील की थी कि यदि किसी को वीआईपी के बारे में जानकारी है तो आए और बताए। तब किसी ने नहीं बताया और न आज बता रहे हैं। अंकिता पर अनावश्यक षड्यंत्र कर कांग्रेस उस बिटिया की आत्मा को अपमानित करने का भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अपुष्ट वायरल वीडियो को छेड़छाड़ वाला बताते हुए उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। कांग्रेस उसे राजनीतिक हथियार बनाने का प्रयास कर रही है। जबकि जिस महिला का ऑडियो वायरल किया है, उसके पिछले कृत्य और राजनीतिक षडयंत्र किसी से छिपे नहीं है। कहा कि बिना पुष्टि आरोप लगाने वाली कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए।

18 सिंतबर, 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था। घटना के एक सप्ताह बाद चीला नहर से शव बरामद हुआ था। एसआईटी की जांच के बाद वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक व दो अन्य कर्मियों के खिलाफ करीब 500 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 97 गवाह बनाए गए थे। जिसमें से अभियोजन पक्ष ने विवेचक समेत 47 गवाह परीक्षित कराए।

मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना), 354 (ए) (छेड़खानी व लज्जा भंग) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोप तय हुए। दूसरे आरोपी सौरभ भास्कर और तीसरे आरोपी अंकित गुप्ता पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोपों पर विचारण किया गया। इसके बाद उन्हें उम्रकैद की सजा हुई थी।

वहीं,  घटना के दिन अंकिता भंडारी ने अपने मित्र पुष्पदीप को रिजॉर्ट में वीआईपी के आने की जानकारी दी थी। उसने पुष्पदीप को बताया था कि पुलकित आर्य उसपर एक बड़े वीआईपी को अतिरिक्त सेवा देने के लिए दबाव डाल रहा है। लेकिन वीआईपी कौन था यह राज आज भी बरकरार है।

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