निशानेबाज जसपाल राणा को आज अंतिम विदाई दी जाएगी। उनका पार्थिव शरीर उनके अंतिम दर्शन के लिए देहरादून स्थित आवास पर रखा जाएगा। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए वाराणसी ले जाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी में देश का नाम रोशन करने वाले जसपाल राणा (50) के आकस्मिक निधन पर उनके पैतृक गांव टटोर नैनबाग चिलामू सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। गांव के बेटे की मौत की खबर सुनते ही क्षेत्र के अधिकतर लोग अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए देहरादून चल दिए।
राणा के करीबी दोस्त प्रदीप कवि, मोहन सिंह रावत और डॉ. विरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि जसपाल बेहद सरल स्वभाव के थे। चार-पांच माह पहले जब वह तीन-चार दिन के लिए गांव आए थे, उस दौरान उनसे मुलाकात नहीं हो पाई।
उन्होंने बताया कि जसपाल का जन्म उत्तरकाशी जिले में हुआ था, उस दौरान उनके पिता नारायण सिंह आईटीबीपी में तैनात थे। उनकी पढ़ाई मसूरी, दिल्ली आदि जगहों पर हुई। दिल्ली में पढ़ाई के दौरान उन्होंने शूटिंग का प्रशिक्षण भी लिया।

