कांवड़ मेले में अपराधी माहौल खराब न करें इसके लिए भी साइबर पुलिस और एसटीएफ गहन निगरानी करेगी। इसके लिए पांच राज्यों ने उत्तराखंड पुलिस को इनामी बदमाशों का विवरण सौंपा है। कांवड़ मेला क्षेत्र में लगे फेस रिकग्निशन कैमरों (चेहरे की पहचान करने वाले) से इन पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए साइबर पुलिस और एसटीएफ की एक विशेष टीम बनाई गई है जिसे विभिन्न कंट्रोल रूम में तैनात किया जाएगा।
कांवड़ मेला क्षेत्र और मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में पिछले दिनों उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा के पुलिस के आला अधिकारियों की बैठक हुई थी। इस बैठक में यात्रा मार्ग पर विभिन्न व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा हुई। इसके साथ ही मौजूदा समय में सोशल मीडिया की चुनौतियों को लेकर भी विभिन्न अधिकारियों ने विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है। मार्गों पर यात्रियों के ठहने के स्थानों की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी दिशा निर्देश पुलिस अधिकारियों ने जारी किए थे। इसके साथ ही इस बैठक में अपराधियों पर नजर रखने के लिए भी सक्रिय तंत्र स्थापित करने पर सहमति बनी।
इसके लिए पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल और उत्तर प्रदेश ने उत्तराखंड पुलिस को इनामी और आदतन अपराधियों की सूची उपलब्ध कराई है। कांवड़ मेले में आने वाली करोड़ों की भीड़ में कहीं इन अपराधियों की दखल न हो इसके लिए निगरानी तंत्र बनाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक करीब आठ से 10 हजार इनामी बदमाशों की पांच राज्यों की पुलिस ने फोटो युक्त विवरण उपलब्ध कराया है। इनकी पहचान के लिए सीसीटीवी और फेस रिकग्निशन कैमरों की फीड पर काम किया जाएगा। इसके लिए साइबर कमांडो और अन्य साइबर पुलिस कर्मियों को निगरानी के लिए लगाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एआई चुनौती बना हुआ है। यह चुनौती इस बार कांवड़ मेले में पुलिस के सामने भी रहेगी। सोशल मीडिया पर वीडियो फोटो पर भी साइबर कमांडो नजर रखेंगे। माहौल खराब करने वाले वीडियो प्रसारित करने वालों को भी चिह्नित किया जाएगा। चिह्नीकरण के बाद ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
पड़ोसी राज्यों ने अपने ज्यादातर इनामी बदमाशों की सूची उपलब्ध कराई है। इन पर नजर रखने के लिए साइबर पुलिस की विशेष टीम बनाई गई है। ताकि मेले में कोई ऐसा अपराधी आए तो उस पर कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर गहन निगरानी भी की जाएगी। आपत्तिजनक वीडियो और फोटो वायरल करने वालों को भी साइबर पुलिस चिह्नित कर कार्रवाई करेगी।
– डॉ. नीलेश आनंद भरणे, आईजी एसटीएफ