देहरादून में देर रात बादल फटने से भारी तबाही मची है। कुछ मजदूरों के बहने की सूचना है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से देहरादून समेत चमोली, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर और नैनीताल जिले के कुछ इलाकों में तेज दौर की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में भी तेज बारिश होने की संभावना है। 21 सितंबर तक प्रदेशभर में तेज दौर की बारिश होने के आसार हैं।
उत्तराखंड के कई हिस्सों में बीती रात से जारी मूसलाधार बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने तबाही मचा दी है। राजधानी देहरादून के सहस्त्रधारा क्षेत्र में बादल फटने से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। तेज़ बारिश के चलते करलिगाड़ नदी उफान पर आ गई, जिससे नदी किनारे बसे दुकानों और होटलों को भारी क्षति पहुंची। कई दुकानें बह गईं और दो होटल जमींदोज हो गए। सहस्त्रधारा मुख्य बाजार में मलवा घुस आया, जिससे दर्जनों वाहन दब गए और दुकानों को नुकसान पहुंचा।
सहस्त्रधारा में तबाही का मंजर देखने को मिला। यहां एक शव बरामद हुआ है। जामुनवाला स्थित एकादश मुखी हनुमान मंदिर को भारी नुकसान पहुंचा है। हवन कुंड और शनि मंदिर बह गए। मुख्य मंदिर भी खतरे में। यहां कुछ मजदूरों की बहने की सूचना मिली है।
मुख्य बाजार में पानी और मलबे में दबी कारें, बाइक, स्कूटी। दुकानों में मलबा और बहती कारें, कई लोग लापता। देहरादून-पौंटा राजमार्ग का पुल टूटा, यातायात पूरी तरह ठप।
देहरादून के सहस्त्रधारा के पास ही मजाड़ा में भूस्खलन से एक युवक के दबने की सूचना मिली है। इसी क्षेत्र के ऊपर देर रात बादल फटा है।
इधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खुद जेसीबी पर चढ़कर स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं।
पुल और सड़कें ध्वस्त
- पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी को जोड़ने वाला पुल बह गया, यूनिवर्सिटी ने छुट्टी घोषित की।
- प्रेमनगर के पास नंदा की चौकी पर राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा टूटा।
- मसूरी-देहरादून मार्ग, कोल्हुखेत और झड़ीपानी टोल के पास सड़कें टूटीं, पर्यटक और स्थानीय फंसे।
- देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर लालतप्पड़ के पास जाकन नदी पुल पर पानी पुल के ऊपर तक पहुंचा।

