मां नंदा की बड़ी जात इसी वर्ष 2026 में आयोजित होगी। 5 सितंबर को नंदा अपने सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर से कैलाश के लिए विदा होगी। मां नंदा ने अपने मुख्य अवतारी पुरुष पर अवतरित होकर इसी वर्ष कैलाश जाने की इच्छा जताई। इसके बाद गौड़ ब्राह्मणों ने बड़ी जात आयोजन का दिनपट्टा तय किया।
इसी के साथ मां नंदा की बड़ी जात की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। बड़ी जात यात्रा समिति ने बाकायदा मां नंदा की बड़ी जात का 21 दिन का यात्रा कार्यक्रम भी घोषित कर दिया है।
वसंत पंचमी पर्व पर शुक्रवार को मां नंदा के सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर परिसर में नंदा की बड़ी जात का दिनपट्टा कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया था। मां नंदा के मंदिर में सुबह आठ बजे विशेष पूजाएं आयोजित हुई।


