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Tuesday, August 9, 2022
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देहरादून में राहुल गाँधी की जनसभा : मेरा परिवार और उत्तराखंड का कुर्बानी का रिश्ता: राहुल गाँधी

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार को परेड ग्राउंड में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करने देहरादून पहुंचे। यहां उन्होंने जनरल बिपिन रावत को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

इसके बाद राहुल गांधी ने पूर्व सैनिकों को स्मृति चिन्ह देकर उनका सम्मान किया। रैली में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला। वहीं उत्तराखंड और अपने परिवार के बीच कुर्बानी का रिश्ता जोड़ा।

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने सबसे पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बिपिन रावत, उनकी पत्नी और सेना के जवानों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। राहुल ने अपनी यादें साझा करते हुए कहा कि जब मैं छोटा था, देहरादून के दून स्कूल में पढ़ा करता था। मैं यहां आपके साथ दो तीन साल रहा। आपने उस समय मुझे बहुत प्यार दिया।

कहा शायद मेरे परिवार का और उत्तराखंड का गहरा रिश्ता है। आज यहां आकर मुझे वो दिन याद आया जब 31 अक्टूबर को मेरी दादी इस देश के लिए शहीद हुईं थी। फिर मुझे 21 मई का दिन याद आया, जिस दिन मेरे पिता इस देश के लिए शहीद हो गए।

मेरा और आपका कुर्बानी का रिश्ता है। जो कुर्बानी के उत्तराखंड के हजारों परिवारों ने दी है। वही कुर्बानी मेरे परिवार ने दी है। जिन लोगों ने अपनों को खोया है, वह इस रिश्ते को अच्छी तरह समझेंगे। जो सेना में हैं उन्हें यह बात गहराई से समझ आएगी।

कहा कि आज देश को बांटा जा रहा है, कमजोर किया जा रहा है। एक भाई को दूसरे भाई से लड़ाया जा रहा है। पूरी सरकार दो तीन पूंजीपतियों के लिए चलाई जा रही है। काले कानून, किसानों के खिलाफ उनकी मदद नहीं उन्हें खत्म करने को बनाए गए थे। किसान न डरे और न पीछे हटे।

जिसके एक साल बाद प्रधानमंत्री हाथ जोड़कर कहते दिखे कि गलती हो गई, माफी मांगता हूं। जो 700 किसान शहीद हुए, उनके बारे में भाजपा के नेता सदन में कहते हैं कि किसी की मृत्यु नहीं हुई। पंजाब सरकार ने 400 किसानों को मुआवजा दिया, लेकिन केंद्र सरकार ने नहीं दिया। हिंदुस्तान के किसानों की आमदनी उनसे छीनी जा रही थी।

नोटबंदी के बाद गलत जीएसटी, उसके बाद कोरोना के समय हिंदुस्तान के सबसे बड़े उद्योगपति को टैक्स माफ, लेकिन मजदूरों को बस या ट्रेन का टिकट नहीं दिया। चाहे नोटबंदी हो या जीएसटी या कोरोना में सरकार के एक्शन… ये तीनों काम हिंदुस्तान के किसानों, छोटे कारोबारियों पर कुछ बड़े पूंजीपतियों के आक्रमण हैं।

जो लोग आपको रोजगार दे सकते हैं, उन छोटे कारोबारियों, व्यापारियों को भाजपा ने खत्म कर दिया। कहा कि मोदी केवल पूंजीपतियों की नीतियों को चला रहे हैं। जब तक केंद्र से भाजपा की सरकार नहीं हटेगी, तब तक रोजगार नहीं मिलेगा। देश की आर्थिक शक्ति को भाजपा नष्ट कर रही है।

कहा कि ये मत सोचिए कि हिंदुस्तान मजबूत हो रहा है। हेलीकॉप्टर, हवाई जहाज, तोप से देश मजबूत नहीं होता। देश मजबूत तब होता है, जब देश का नागरिक मजबूत होता है। जब देश में जनता बिना डरे बोल सके, तब मजबूत होता है। बांग्लादेश लड़ाई के समय देश मजबूत था। सेना और सरकार के बीच मे मजबूत रिश्ता था।

हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था मजबूत थी। इसीलिए पाकिस्तान को 13 दिन में हराया। आज वह समय नहीं है। मीडिया वाले जितना भी कह लें। हवाई जहाज, टैंक से देश मजबूत नहीं होता। मैं वो दिन कभी नहीं भूल सकता जब मुझे स्कूल में बताया गया कि इंदिरा गांधी को 32 गोलियां लगी हैं। ऐसे ही बताया कि आपके पापा शहीद हो गए।

आज दिल्ली में विजय दिवस कार्यक्रम में इंदिरा गांधी का नाम तक नहीं है। जिस महिला ने देश के लिए 32 गोलियां खाई…क्योंकि सच्चाई से मोदी सरकार डरती है। आपके सामने सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी की है। आपके लोग पलायन करते हैं। दूसरी मुश्किल महंगाई है। यह क्यों है?

इंटरनेशनल मार्केट में तेल के दाम गिरते जा रहे हैं। दुनिया में सबसे ज्यादा टैक्स हिंदुस्तान में है। नरेंद्र मोदी ने 10 लाख करोड़ रुपए आपसे छीनकर करोड़पतियों का कर्ज माफ किया है। आपकी जेब से जो पैसा निकल रहा है, वह देश के चंद अरबपतियों की जेब में जा रहा है, क्योंकि वो नरेंद्र मोदी की मार्केटिंग करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि गंगा में बहुत लोगों ने स्नान किया, लेकिन ऐसा लगता है कि हिंदुस्तान में केवल एक ही व्यक्ति ने गंगा स्नान किया है। वहां योगीजी को परमिशन नहीं दी, बाकी का तो छोड़ो। नरेंद्र मोदी एक ही हिंदुस्तानी हैं जो गंगा में स्नान कर सकते हैं।

रोजगार उत्तराखंड में तब आएगा जब छोटे व्यापारियों की मदद होगी। दो-तीन पूंजीपतियों को पूरा धन देने से उत्तराखंड आगे नहीं जा सकता। कहा कि जब हमारी सरकार आएगी तो किसानों की मदद होगी, रोजगार देगी, कानून बनाएगी लेकिन किसानों के लिए बनाएगी। इतना कहकर राहुल गांधी ने अपना संबोधन समाप्त कर दिया।

रैली के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राहुल गांधी और बलिदान के बीच में एक अलग रिश्ता है। महावीर चक्र दीवान सिंह के बेटे, शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट के पिता भी मंच पर हैं। इंदिरा गांधी की ललकार ने अमेरिका के बेड़े को बंगाल की खाड़ी छोड़ने पर मजबूर कर दिया था।

केदारनाथ आपदा में राहुल गांधी अकेले राष्ट्रीय नेता थे जो हमारे आंसू पोंछने आए। जब मैं सीएम बना तो राहुलजी ने कहा था कि बस एक जिम्मेदारी सौंप रहा हूं कि केदारनाथ आपदा के जख्म भरने हैं और आज लोग हमारी बनाई हुई गुफाओं में योग करने आते हैं। देवस्थानम बोर्ड की लड़ाई हमने तीर्थ पुरोहितों के साथ लड़ी। आज सभी पुरोहित धन्यवाद देने आए हैं।

राहुल सबसे पहले केदारनाथ आए। आपने भोले से क्या मांगा ये तो आप और भोले जाने, लेकिन उस आपदा में लड़खड़ाई हमारी अर्थव्यवस्था उठ खड़ी हुई। आप लोकतंत्र बचाने की लड़ाई के अग्रणी सैनिक हैं। हमारा वादा है आपसे, इस लड़ाई में पूरे उत्तराखंड का आशीर्वाद आपके साथ है। हम उत्तराखंड को बेरोजगारी मुक्त बनाएंगे। किसानों से कहना चाहता हूं कि कांग्रेस आएगी तो आपका बोझ घटाएगी।

हम माता-बहनों की रसोई के दुखों को दूर करेंगे। पूर्व सैनिक भाइयों के परिवारों का कांग्रेस ख्याल रखेगी। अपनी बहनों से कहना चाहता हूं कि 2014 में हमने महिला सशक्तिकरण का नया दौर शुरू किया था, जिसे हमारे बाद आए लोगों ने बंद कर दिया। हम सत्ता में आएंगे तो इसे नए सिरे से शुरू करेंगे। आपकी सरकार गरीबों, कमजोरों का सहारा बनेगी। हम उत्तराखंड को मॉडल स्टेट बनाएंगे। मंडुआ झंगोरा खाएंगे, उत्तराखंड बनाएंगे की परंपरा से पलायन को रोकने का काम करेंगे। आप अकेले कांग्रेस की धरोहर नहीं है, आप लोकतंत्र की धरोहर हैं।

नेता विपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि आज का दिवस विश्व के इतिहास में अपनी अलग पहचान रखने का काम करता है। स्व. इंदिरा गांधी के नेतृत्व में पाकिस्तान के दो टुकड़े करने का काम हुआ। आज हम सब इंदिरा जी के उस सशक्त नेतृत्व को याद कर रहे हैं, जिसके लिए पूरी दुनिया उन्हें लौह महिला के तौर पर जानती है।

उत्तराखंड के सेना के जवानों ने देश की हिफाजत करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया, हम उनको नमन करते हैं। देश की आजादी की लड़ाई लड़ते हुए नेहरू जी ने देहरादून की जेल में ही डिस्कवरी ऑफ इंडिया लिखने की शुरुआत की। कहा कि राहुल गांधी और हमारा जो साथ है, उसे कोई अलग नहीं कर सकता।

आज ये प्रदेश जिस कठिन दौर से गुजर रहा है। किसान हताश हैं, निराश हैं। सत्ता में बैठे लोगों ने किसानों का ऋण माफ करने का वादा किया, लेकिन माफ नहीं किया। रोजगार का वादा किया, लेकिन रोजगार नहीं दिया। महंगाई सबके लिए मुसीबत बन रही है। सरकार को भूमाफिया, शराब माफिया चला रहे हैं। हम आपसे वादा करते हैं कि 2022 में हमारी सरकार बनेगी तो हम बेरोजगारी को दूर करेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ सम्मान रैली में परेड ग्राउंड पहुंचे। इस दौरान उनके समर्थक भी साथ रहे। राहुल की रैली में सीडीएस जनरल बिपिन रावत का कटआउट भी प्रमुखता से लगाया गया। इसके साथ ही हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए सभी सैनिकों, अधिकारियों और जनरल रावत की पत्नी को श्रद्धांजलि देते हुए होर्डिंग भी लगाया गया। पूर्व सैनिकों को मंच पर स्थान दिया गया।

रैली में कपकोट विधानसभा से महिलाएं अपने पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं। परेड ग्राउंड में कलाकार पारंपरिक परिधान पहने पहुंचे। वहीं इस रैली के लिए दोपहर 12 बजे से लोगों की भीड़ जुटने लगी। राहुल गांधी दोपहर एक बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का स्वागत सांसद प्रदीप टम्टा और अन्य पदाधिकारियों ने किया। यहां से वह हेलीकॉप्टर से रैली स्थल पहुंचे।

बांग्लादेश निर्माण के युद्ध में भारत की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक विजय की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित हुई इस रैली में पूर्व सैनिकों और शहीद सैनिकों के परिजनों को प्रियदर्शनी सैन्य सम्मान देकर सम्मानित किया गया। वहीं पार्टी नेताओं ने प्रदेशभर से करीब 50 हजार लोगों के रैली में शामिल होने का दावा किया है।

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