हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की जनसभा के बाद हुए शुद्धिकरण के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देहरादून में प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस भवन से कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर सचिवालय कूच किया।
सुभाष रोड पर बैरिकेडिंग लगाए जाने के बाद गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़कर प्रदर्शन करने लगे। कांग्रेस ने ‘शुद्धिकरण’ के लिए जिम्मेदार दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस इस बीच गणेश गोदियाल को हिरासत में ले लिया।
पुलिस मुख्यालय कूच के दौरान मंगलवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की अचानक तबीयत बिगड़ गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद उन्हें सांस फूलने और घबराहट की शिकायत हुई। इसके बाद उन्हें तत्काल राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उनकी स्वास्थ्य जांच शुरू की। ईसीजी समेत आवश्यक जांचें की गईं। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति पर निगरानी रखी। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमएस डॉ. आरएस बिष्ट ने बताया कि जांच के बाद हरक सिंह रावत की हालत सामान्य और स्थिर है।
प्रदर्शन के दौरान हुई धक्का-मुक्की के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना से मौके पर मौजूद समर्थकों में भी चिंता फैल गई। अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद चिकित्सकों ने उनकी जांच कर उपचार शुरू किया। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
हल्द्वानी में आठ अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण के मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देहरादून में विभिन्न स्तरों पर विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस से जुड़े प्रतिनिधिमंडलों ने रायपुर थाना, नेहरू कॉलोनी थाना और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अजबपुर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नेहरू कॉलोनी थाने पहुंचकर ज्ञापन दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसी राष्ट्रीय नेता के कार्यक्रम स्थल के मंच का कथित रूप से शुद्धिकरण किया जाना सामाजिक सद्भाव, समानता और संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने घटना से जुड़े वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्यों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रायपुर थाने में भी तहरीर दी। पीसीसी सदस्य एवं प्रदेश सचिव विनीत प्रसाद भट्ट ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने मामले की तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना के तीन सप्ताह बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी क्रम में नगर निगम पार्षद आयुष गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस महानिरीक्षक का पुतला दहन कर विरोध जताया गया।महानगर अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा सुरेंद्र कुमार घेयल ने भी एसएसपी को पत्र सौंपकर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की।

