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Sunday, May 29, 2022
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उत्तराखण्डः नेताओं की दिल्ली दौड़, 5 दिन बाद भी सीएम नहीं हुआ फाइनल, चर्चाओं का दौर जारी

उत्तराखण्ड में हाल ही में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा को लगातार दूसरी बार प्रचंड बहुमत मिला है। वर्ष 2017 में जहां भाजपा को 57 विधायक मिले वहीं इस बार भी पार्टी के 47 विधायक जीत कर विधानसभा में पहुंचे हैं। बीते 10 मार्च को मतगणना के पांच दिन बाद अभी तक भाजपा मुख्यमंत्री का नाम फाइनल नहीं कर पाई है। प्रदेश में नये मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा का दौर जारी है।

इस बीच भाजपा हाईकमान ने विधायक दल के नेता चुनाव के लिए केन्द्रीय पर्यवेक्षक एवं सह-पर्यवेक्षक के तौर पर केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं केन्द्रीय विदेश राज्यमंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी को नियुक्त कर दिया है। सूत्रों की मानें तो आगामी 19 मार्च को केन्द्रीय पर्यवेक्षक की उपस्थिति में विधायक दल के नेता के चुनाव के साथ ही प्रदेश को नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा।

इधर, उत्तराखण्ड के कार्यवाहक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली दौरे पर हैं। उनके इस दौरे को लेकर राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा बनी हुई है। आज श्री धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार की राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात हुई। बताया जा रहा है कि नड्डा ने कई विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्याशियों की जीत और हार का भी फीड बैक लिया। इसके साथ ही 19 मार्च को होने वाली संभावित विधायक दल की बैठक को लेकर चर्चा की।

इसके बाद कार्यवाहक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख एवं राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उत्तराखण्ड के सियासी परिदृष्य पर चर्चा की। इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भाजपा प्रदेश नेतृत्व के साथ चुनाव नतीजों के बाद की समीक्षा की। मंगलावर शाम को कार्यवाहक सीएम पुष्कर सिंह धामी राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी के साथ संसद भवन स्थित केंद्रीय गृह मंत्री शाह के दफ्तर पहुंचे।

उन्होंने पुष्पगुच्छ देकर शाह का अभिनंदन किया। सूत्रों ने बताया कि धामी की काफी देर तक शाह के साथ नतीजों को लेकर चर्चा हुई। शाह ने उत्तराखंड में दोबारा भाजपा को दो तिहाई बहुमत मिलने पर बधाई दी। माना जा रहा है कि शाह ने खटीमा से हार की वजह के बाबत भी धामी से पूछा और उन्हें भरोसा दिया कि भविष्य में सब अच्छा ही रहेगा।

राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चा पर गौर करें तो मुख्यमंत्री के संभावित दावेदारों में कार्यवाहक सीएम पुष्कर सिंह धामी, राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी, सांसद पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक, अजय भट्ट की चर्चा है वहीं विधायकों में सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, धन सिंह रावत, ऋतु खण्डूड़ी, सरिता आर्य प्रमुख दावेदारों में शुमार हैं।

हालांकि रणनीतिकार तो यह भी मान कर चल रहे हैं कि पिछले कार्यकाल में त्रिवेन्द्र सिंह रावत के बाद बने दोनों सीएम तीरथ सिंह रावत और पुष्कर सिंह धामी के नामों ने जैसे सबको चौंका दिया था वैसे ही इस बार भी भाजपा नये सीएम को लेकर सबको चौंका सकती है। अब देखना यह होगा कि भाजपा के किस नेता के नाम सीएम की लाटरी खुलती है।

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