वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के कुलपति डॉ. बी. पी. भट्ट ने यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति और उत्तराखंड के राज्यपाल, लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (रिटायर्ड) से आज शिष्टाचार भेंट की।
बैठक के दौरान, कुलाधिपति श्री सिंह ने यूनिवर्सिटी की पहचान, प्रासंगिकता और प्रभाव को बढ़ाने के लिए बहुमूल्य सुझाव दिए। उन्होंने टिकाऊ आजीविका को बढ़ावा देने और राज्य के आर्थिक विकास में योगदान देने के लिए बागवानी, मधुमक्खी पालन, खाद्य प्रौद्योगिकी और प्रसंस्करण, फसल कटाई के बाद का प्रबंधन, संरक्षित खेती, औषधीय और सुगंधित पौधे तथा वानिकी पर ध्यान केंद्रित करते हुए शैक्षणिक, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों को मजबूत करने पर जोर दिया।
ग्रामीण युवाओं के पलायन पर चिंता व्यक्त करते हुए, कुलाधिपति ने राज्य के भीतर रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा करने के लिए बागवानी और अन्य कृषि व संबद्ध उद्यमों की क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीकों को शामिल करने पर भी जोर दिया और समावेशी ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए SHGs, महिला मंगल दलों और FPOs को मजबूत करने पर बल दिया।
कुलाधिपति ने यूनिवर्सिटी के छात्रों की उपलब्धियों की सराहना की और प्रशिक्षण, अनुभवात्मक शिक्षा और उद्योग के साथ जुड़ाव के माध्यम से उनके कौशल और रोजगार क्षमता को और बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यूनिवर्सिटी को प्राथमिकता के आधार पर कृषि कॉलेज को चालू करने की सलाह भी दी और कृषि तथा ग्रामीण विकास के मुख्य चालक के रूप में महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया।
इस अवसर पर कुलाधिपति ने यूनिवर्सिटी को एक व्यापक रोडमैप तैयार करने का भी निर्देश दिया, जिसमें उसकी रणनीतिक दृष्टि, शैक्षणिक प्राथमिकताएं, अनुसंधान लक्ष्य, बुनियादी ढांचे का विकास और विस्तार कार्यक्रम शामिल हों।

