Homeहमारा उत्तराखण्डबंद बीमा पॉलिसियों को चालू करने के नाम पर धोखाधड़ी वाले गैंग...

बंद बीमा पॉलिसियों को चालू करने के नाम पर धोखाधड़ी वाले गैंग का सदस्य गिरफ्तार

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ द्वारा जानकारी दी गई कि पटेलनगर देहरादून निवासी एक पीडित द्वारा साइबर ठगी के सम्बन्ध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज करायी गयी ।

शिकायतकर्ता ने बताया कि पीएनबी मिडलाइफ इंश्योरेंस में तीन पॉलिसियां थी, लेकिन कुछ कारण के चलते मैं पिछले दो साल से जमा नहीं कर पाया था। अक्टूबर 2025 में उसे अज्ञात साईबर ठग द्वारा फोन कर स्वयं को पीएनबी मिडलाइफ का अधिकारी/कर्मचारी बताकर उसकी बन्द पडी पॉलिसियों को फिर से चालू करने व मुनाफे की बात बताकर अपने हेड बाबू से बात करने को कहा गया।

जिसके उपरान्त शिकायतकर्ता द्वारा उन लोगों के झांसे में आकर उनके बताये अनुसार विभिन्न खातों में पैसे जमा किये गये। बाद में जब शिकायतकर्ता ने अपने इंश्योरेंस पॉलिसी के बारे में ऑफिस के कस्टमर केयर से पता किया, तो पता लगा कि उसके साथ अब तक 25,90,000/- रुपये की धोखाधड़ी हो चुकी है।

जिस पर शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत दर्ज करायी गयी । शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मु0अ0सं0 18/26 धारा 318(4), 61(2) BNS एवं 66D IT Act पंजीकृत किया गया ।

प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों/ रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों / व्हाट्सअप की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया।

प्राप्त डेटा के विश्लेषण से जानकारी मे आया कि साईबर अपराध अभियुक्त को चिन्ह्ति करते हुये अभियुक्त की तलाश जारी की । साईबर टीम द्वारा विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत प्रकाश में आये अभियुक्त सूरज पुत्र विजय चौहान निवासी सैक्टर- 31, निठारी नोएडा, गौतमबुद्धनगर उ0प्र0, उम्र करीब 21 वर्ष के रूप में की गई जो अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों की बन्द पडी पॉलिसी की जानकारी प्राप्त कर उन्हें चालू करवाकर मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देते थे।

अभियुक्त से पूछताछ पर पता चला कि वह इस प्रकार की साईबर ठगी में प्राप्त रुपयों को ठिकाने लगाने के लिये अपने बैंक खातों का प्रयोग कर कमीशन के रुप में पैसे प्राप्त करता था, इस काम के लिये अभियुक्त द्वारा अपने नाम से कई खाते खोलकर साईबर ठगी हेतु किराये पर दिये होना अथवा बेच दिये होने की जानकारी मिली।

साईबर थाना देहरादून के उक्त अभियोग में अभियुक्त के 02 खातों में 20 लाख रुपये प्राप्त होना पाया गया है। अभियुक्त ने साईबर अपराध हेतु जिस बैंक खातों का प्रयोग किया गया है उसमें मात्र कुछ माह में 42,00000 रूपयों का लेन-देन होना प्रकाश में आया है। साइबर अपराध की धोखाधड़ी में संलिप्त अन्य अभियुक्तो के सम्बन्ध में जानकारी हेतु अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है ।

गिरफ्तार अभियुक्त का नाम पता–
1- सूरज पुत्र विजय चौहान निवासी सैक्टर- 31, निठारी नोएडा, गौतमबुद्धनगर उ0प्र0, उम्र करीब 21 वर्ष ।

गिरफ्तारी पुलिस टीम-
1- निरीक्षक विजय भारती
2- का0 नीरज नेगी
3- का0 विकास रावत

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड ने जनता से अपील की है कि अपना बैंक खाता किसी अन्य को उपयोग हेतु न दें, कमीशन/किराये पर खाता देना अपराध है, ATM कार्ड, OTP, PIN, UPI PIN साझा न करें, अज्ञात धनराशि आने पर तुरंत बैंक/पुलिस को सूचित करें तथा अन्जान नम्बरों से आने वाली वीडियो कॉल से बात न करें, न ही कोई सूचना/दस्तावेज दें । यदि कोई आपको पुलिस, सीबीआई, ईडी आदि का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट करने को डराये धमकाये तो घबरायें नहीं, कोई भी एजेन्सी ऑनलाईन गिरफ्तार नहीं करती है । किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों / फर्जी साईट / धनराशि दोगुना करने के प्रलोभनों में न आयें । साथ ही फर्जी निवेश ऑफर जैसे YouTube like सब्सक्राइब, टेलीग्राम आधारित निवेश वेबसाइट ऑफर में निवेश न करें । गूगल से कोई भी कस्टमर केयर नम्बर को सर्च न करें । तेजी से बढ़ रहे इन्वेस्टमेंट स्कैम्स ने लाखों लोगों को अपना शिकार बनाया है। स्कैमर्स वेबसाइट्स और नकली रिव्यू प्रोग्राम्स के माध्यम से लोगों को पहले छोटे-छोटे इनाम देकर भरोसा जीतते हैं तथा फिर धीरे-धीरे उन्हें भारी रकम निवेश करने पर मजबूर कर देते हैं। कम समय में अधिक लाभ के चक्कर में इन्वेस्ट ना करें व शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें । वित्तीय साईबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular