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ढाई घंटे में दून से दिल्ली: पीएम ने किया 212 किमी लंबे इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण, तीन राज्यों को सौगात

वर्षों का इंतजार आज खत्म हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण कर जनता को समर्पित किया। इससे पहले पीएम मोदी ने बाबा भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मंत्री नितिन गडकरी ने पीएम मोदी को ब्रह्मकमल का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। सीएम धामी ने शॉल और नंदा देवी राजजात यात्रा संबंधी स्मृति चिन्ह भेंट किया।

दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे पर बनाए गए एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर को भारतीय वन्य जीव संस्थान ने तीन जोन में बांटा है। इसमे गणेशपुर, मोहंड और आसारोडी देहरादून तक के क्षेत्र को शामिल किया गया है। इसके साथ ही दून से दिल्ली की दूरी मात्र ढाई से तीन घंटे की रह जाएगी।

11,963 करोड़ की लागत से बना 210 किमी लंबा दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर कई मायनों में खास है। दिसंबर 2021 में एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू हुआ था, जो पूरा होने के बाद अब उद्घाटन के लिए तैयार है। दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर एक्सप्रेसवे बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर से होते हुए दून के आशारोड़ी को जोड़ता है। खास है कि एक्सप्रेसवे पर 100 से ज्यादा अंडरपास, कई फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और टनल बनाई गई है।

काफी समय से एक्सप्रेसवे के शुरू होने का लोगों को खासा इंतजार था। इस बीच कई बार उद्घाटन की तिथि की चर्चाएं भी चलीं लेकिन लोगों का इंतजार बढ़ता गया। और आज ये एक्सप्रेस वे पीएम मोदी ने जनता को समर्पित किया। इस दौरान मंच पर केंद्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री अजय टम्टा, पूर्व सीएम विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, त्रिवेंद्र रावत, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, मंत्री मदन कौशिक, सुबोध उनियाल, खजान दास, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सौरभ बहुगुणा, भरत चौधरी मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आज उत्तराखंड को ऐसी सौगात दी जा रही है जो यहां के विकास को नई गति देगी। जॉन एफ कैनेडी ने कहा था कि अमेरिका की सड़कें अच्छी नहीं क्योंकि अमेरिका अमीर देश है। यहां देहरादून, हरिद्वार और पूरे उत्तराखंड के लिए एक नई राह खुलने वाली है। 213 किलोमीटर का है।

दिल्ली से देहरादून जाने के लिए दो से सवा दो घंटे में सफर होगा। सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक का कॉरिडोर जून में करेंगे लोकार्पण। 1700 करोड़ का देहरादून का 4 लेन बाइपास हम करेंगे। 2300 करोड़ से हरिद्वार में 4 लेन बाईपास का जल्द काम शुरू करेंगे। 800 करोड़ का देहरादून से मसूरी 2 लेन की डीपीआर बन रही है। इसे भी जल्द शुरू करेंगे। 5200 करोड़ से टनकपुर पिथौरागढ़ होकर लिपुलेख मार्ग बनाया जा रहा है। यह सालभर में पूरा हो जाएगा। 640 किमी का ऑल वेदर रोड का काम पूरा हुआ। केदारनाथ में 1300 करोड़ का रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड तक दिसंबर 2026 तक शुरू करेंगे। यमुनोत्री में 2500 करोड़ से धरासू से यमुनोत्री तक का काम हम 2028 तक पूरा करेंगे।

भूस्खलन के लिए हमने योजनाएं तैयार की हैं। 4300 करोड़ से 296 कार्यों को हमने मंजूरी दी है। 5800 करोड़ के 194 कार्यों की तैयारी हो रही है। सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12 किमी रोपवे बनाने का काम शुरू हुआ। गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब का 12.4किमी रोपवे बनाया जा रहा है। अनेक जगह पर सड़क के बजाय हम टनल बना रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड के भविष्य को हम बदलेंगे। पर्यटन में इजाफा होगा। युवाओं को रोजगार मिलेगा।

सीएम धामी ने कहा कि जब भी पीएम मोदी आए हैं कोई ना कोई सौगात दी है। पीएम मोदी ने उत्तराखंड में पर्यटन को नया विजन दिया है। आज इस कॉरिडोर की सौगात लेकर आए हैं। 2027 के चुनाव में भी हम कमल खिलाएंगे।

एक्सप्रेसवे पर सबसे खास और अहम शिवालिक की पहाड़ियों यानी मोहंड में बना 12 किलोमीटर लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जो एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर माना जा रहा है। इस कॉरिडोर को इस तरह बनाया गया कि वाहन भी फर्राटा भरेंगे और वन्यजीवों की आवाजाही भी प्रभावित नहीं होगी, वन्यजीवों को वाहनों की आवाज भी सुनाई नहीं देगी। इसके लिए बाकायदा साउंड प्रूफ शीट लगाई गई हैं।

पीएम बनने के बाद मोदी मंगलवार को 28वीं बार उत्तराखंड पहुंचे। उन्होंने 11,963 करोड़ की लागत से बने 213 किमी लंबे दून-दिल्ली ऐलिवेटेड एक्सप्रेस-वे की सौगात दी। इसके अलावा एक हजार मेगावाट क्षमता के देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी लोकार्पण करेंगे। बता दें कि मोदी, प्रधानमंत्री बनने के बाद पांच बार केदारनाथ आ चुके हैं, साथ ही बदरीनाथ व मुखबा का भी दौरा कर चुके हैं। बीते वर्ष मार्च में उत्तरकाशी जिले में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा पहुंचकर प्रधानमंत्री ने शीतकालीन यात्रा का संदेश दिया था।

क्यों खास है एक्सप्रेस-वे

  • शामिल राज्य – दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड
  • कुल लंबाई – 213 किलोमीटर
  • लागत – 11,963 करोड़
  • 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे लंबा वाइल्ड लाफ कॉरिडोर
  • 200 मीटर लंबे 2 एलिफिटेंट अंडरपास, 6 एनिमल पास
  • 370 मीटर लंबी सुरंग डाटकाली के पास
  • 6 लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर
  • 2 आरओबी, 10 पुल, 7 इंटरचार्ज
  • 2.5 घंटे में होगा दिल्ली का सफर
  • 20 किलोमीटर वन क्षेत्र शामिल है एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट में
  • 19 प्रतिशत ईंधन की बचत होने का अनुमान
  • 1.95 लाख पेड़ लगाए गए हैं प्रतिपूरक वृक्षारोपण कार्य के लिए
  • 33,840 पेड़ों का कटान बचा आधुनिक तकनीकी के प्रयोग से
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