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Saturday, January 17, 2026
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Ankita Murder Case: विरोध के बीच सीएम धामी ने की मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति, अब केंद्र लेगी फैसला

भारी विरोध के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी के माता–पिता से बातचीत के बाद अब बड़ा फैसला लिया है। सीएम धामी ने अंकिता हत्याकांड प्रकरण की सीबीआई जांच कराए जाने की संस्तुति कर दी है। इस पर अब केंद्र सरकार फैसला लेगी।

सीएम धामी ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया। प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया और राज्य सरकार की ओर से प्रभावी और सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई। आरोपी सलाखों के पीछे हैं। सरकार की अंकिता के परिवार के साथ पूरी संवेदना है।

दरअसल, ये पूरा मामला पूर्व विधायक की कथित पत्नी उर्मिला सनावर के सोशल मीडिया पर जारी वीडियो के बाद ही शुरू हुआ। भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी ने फेसबुक लाइव आकर खुलासा किया था। इस वीडियो में महिला ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी गट्टू का जिक्र किया। साथ ही एक ऑडियो का भी जिक्र किया जिसमें कहा कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पास पूरी जानकारी है। इसके बाद से ही इस मामले ने तूल पकड़ लिया।  

कई संगठन कर रहे प्रदर्शन

इस मामले के फिर से चर्चा में आते ही कांग्रेस समेत कई संगठनों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। जिसके बाद से सीबीआई जांच की मांग की जा रही है। इसे लेकर 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का भी एलान किया गया है।

आरोपियों को हो चुकी जेल

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में भले ही मुख्य आरोपी पुलकित आर्या समेत तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा मिल गई हो, लेकिन मामला अभी भी सुर्खियों में बना हुआ है। वजह है वो वीआईपी जो हत्याकांड की रात रिजॉर्ट में गया था। मामले को तीन साल हो गए, लेकिन वीआईपी के नाम का राज आज भी बरकरार है।

यह था पूरा मामला

18 सिंतबर, 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था। घटना के एक सप्ताह बाद चीला नहर से शव बरामद हुआ था। एसआईटी की जांच के बाद वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक व दो अन्य कर्मियों के खिलाफ करीब 500 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 97 गवाह बनाए गए थे। जिसमें से अभियोजन पक्ष ने विवेचक समेत 47 गवाह परीक्षित कराए।

मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना), 354 (ए) (छेड़खानी व लज्जा भंग) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोप तय हुए। दूसरे आरोपी सौरभ भास्कर और तीसरे आरोपी अंकित गुप्ता पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोपों पर विचारण किया गया। इसके बाद उन्हें उम्रकैद की सजा हुई थी।

वहीं,  घटना के दिन अंकिता भंडारी ने अपने मित्र पुष्पदीप को रिजॉर्ट में वीआईपी के आने की जानकारी दी थी। उसने पुष्पदीप को बताया था कि पुलकित आर्य उसपर एक बड़े वीआईपी को अतिरिक्त सेवा देने के लिए दबाव डाल रहा है। लेकिन वीआईपी कौन था यह राज आज भी बरकरार है।

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