केदारताल ट्रैक पर लापता ट्रैकर्स और सपोर्टिंग स्टाफ की तलाश में एसडीआरएफ उत्तराखंड पुलिस का सर्च एवं रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। बुधवार को अभियान के दौरान मिले चार शव हेलिकॉप्टर से मातली हेलीपैड पहुंचाए गए। इनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। चारों शव जिला अस्पताल पहुंचाए गए हैं।
27 अक्तूबर को सात ट्रैकर्स और छह सपोर्टिंग स्टाफ सहित कुल 13 सदस्यीय दल गंगोत्री से केदारताल ट्रैक के लिए रवाना हुआ था। खराब मौसम, भारी बर्फबारी और ग्लेशियर के कारण रास्ता अवरुद्ध होने से दल निर्धारित समय पर वापस नहीं लौट सका। इसके बाद से प्रशासन के समन्वय से एसडीआरएफ, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम), वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी की टीमें तलाश एवं बचाव अभियान में जुटी हैं।
पांच दिन पूर्व केदारताल ट्रैक पर कच्ची ढांग के समीप फंसे आठ ट्रैकर्स की तलाश के लिए मंगलवार को मौसम खुलने पर समुद्रतल से करीब चार हजार मीटर की ऊंचाई पर अभियान चलाया गया था। इस दौरान एसडीआरएफ और निम की टीम को एक महिला और एक पुरुष का शव मिला था। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने भी दो शव मिलने की पुष्टि की थी। इसके बाद बुधवार को चार शव हेलिकॉप्टर से मातली हेलीपैड पहुंचाए गए।
एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में टीमें अन्य रेस्क्यू एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर अभियान चला रही हैं। प्रतिकूल मौसम, भारी बर्फबारी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद तलाश जारी है।
लाइफ सपोर्ट सामग्री के साथ केदारखड़क भेजी जाएगी अतिरिक्त टीम
एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने बताया कि रेस्क्यू अभियान में जुटी टीम की मदद के लिए एक अतिरिक्त टीम रसद और अन्य लाइफ सपोर्ट सामग्री के साथ केदारखड़क भेजी जाएगी। निम और एसडीआरएफ की टीमें शेष लापता लोगों की तलाश में संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं।
यूपी की दो सगी बहनों के शव बरामद
केदारताल ट्रैक पर हुए हिमस्खलन के बाद फंसे ट्रैकर्स में उत्तर प्रदेश के लखनऊ गायत्रीपुरम की दो सगी बहनें वर्तिका वर्मा व दीपिका वर्मा भी शामिल थी। दोनों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मंगलवार को उनके भाई अतुल वर्मा अपने परिजनों के साथ बहनों को ढूंढने के लिए जिला मुख्यालय पहुंचा था। उन्होंने बताया कि ट्रेकिंग एजेंसी की ओर से उन्हें घटना की जानकारी नहीं दी गई। वह सोशल मीडिया पर खबर देखने के बाद उत्तरकाशी पहुंचे हैं।
दो माह पूर्व दीपिका व वर्तिका फूलों की घाटी सहित हेमकुंड साहेब की ट्रैकिंग करके लौटी थी। इससे पूर्व एक साल पहले अतुल वर्मा और उनकी दोनों बहनों ने अपने दोनों दोस्तों के साथ उत्तरकाशी के मोरी के केदारकांठा पर सफल ट्रैकिंग की थी। दोनों बहनें नेपाल में भी कई स्थानों पर ट्रैकिंग कर चुकी हैं। वर्मा ने बताया कि दोनों बहनों ने ट्रैकिंग से संबंधित हर सुविधाओं को अपने पास रखा हुआ था। दोनों के सुरक्षित लौटने की उम्मीद के साथ वह उत्तरकाशी पहुंचे थे।
केदारताल ट्रैक पर फंसे आठ ट्रैकर्स की तलाश में जुटी एसडीआरएफ की टीम को दो शव मिले हैं। जिनमें एक महिला और दूसरा पुरुष है। अन्य छह लोगों को ढूंढने के लिए नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) व एसडीआरएफ की हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम ने अभियान जारी रखा है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि एसडीआरएफ को दो शव मिले हैं।
पांच दिन पूर्व केदारताल ट्रैक पर कच्ची ढांग के समीप फंसे आठ ट्रैकर्स की तलाश करने के लिए एसडीआरएफ व निम की टीम ने मौसम खुलने पर मंगलवार को समुद्रतल से करीब चार हजार मीटर की ऊंचाई पर रेस्क्यू अभियान चलाया।
इस दौरान टीम को एक महिला और एक पुरुष का शव मिला। यह शव फंसे हुए ट्रैकर्स के ही बताए जा रहे हैं। बुधवार को दोनों शवों को हेलिकॉप्टर के माध्यम से हर्षिल हेलीपैड लाया जाएगा। वहीं, दो शवों के मिलने के बाद अब अन्य लोगों के जीवित होने की संभावनाएं भी धूमिल होती नजर आ रही है।



