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Independence Day: सप्तधारा, जेन-जी और AI ट्रेनिंग, पीएम मोदी ने बताया 2047 के भारत का विजन

भारत अपनी स्वतंत्रता के 80 साल पूरे होने के अवसर पर जश्न मना रहा है। 1947 में मिली आजादी के बाद से हर साल देश का मुख्य समारोह लाल किले पर होता है। आज पीएम मोदी ने लाल किले पर ध्वजारोहण करने के बाद परेड की सलामी ली। प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से 13वीं बार देशवासियों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री का संबोधन करीब 76 मिनट तक चला, इसमें उन्होंने उनकी सरकार में देश में हुई प्रगति का जिक्र किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबधन में कहा, आज मुझे एक काम के लिए आपकी मदद चाहिए। सभी नौजवानों से मैं चाहता हूं कि आप नेतृत्व करिए। आपका एक या दो घंटे देश को बहुत बड़ी शक्ति देने वाला है। इन दिनों में देश में जनगणना का काम हो रहा है। गिनती सिर्फ आंकड़ों से बात बनती नहीं है। उसकी बारीकियों से योजनाएं बनती हैं, देश के आगे बढ़ने की रूप रेखा तैयार होती है। कभी कभी सरकार के प्रतिनिधि जल्दी में होते हैं, वे कुछ गड़बड़ी कर देते हैं। इस बार निर्णय हुआ है कि आप अपनी जानकारी जनगणना में भरकर दे सकते हैं। लेकिन आप परिवार के सब बैठकर डिजिटली अपनी रजिस्ट्री करा दें। आप जितनी परफेक्ट जानकारी देंगे, देश को उससे आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। इससे देश की समय और शक्ति काम आएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा, मैंने लाल किले से पंच प्राण की बात की थी। इसने हमारे संकल्पों को बड़ा बल दिया। जिस भारत का सपना, महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, बिरसा मुंडा, ज्योतिबा फुले ने देखा था। आइये इन संकल्पों को हम दोहराएं। मैं सभी देशवासियों से कहूंगा कि समय हमारा है, अवसर हमारा है, संकल्प हमारा है।

“आइये सपनों को संकल्प बनाएं, संकल्प को सामर्थ्य बनाएं और सामर्थ्य को सफलता में बदल कर रहें। आइये हर कदम को विकास का कदम बनाएं, कदम से कदम मिलाएं, मन से मन मिलाएं, लक्ष्य से जुड़े रहें, एक दीप से जलें दीप हजारों, आओ मिलकर विकसित भारत बनाएं।”

प्रधानमंत्री ने कहा, हमने संसद में महिला शक्ति को बल देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश किया था। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह कर रहा हूं कि महिलाओं के समार्थ्य के पुजारी बनिए। जल्द से जल्द हमारी माताओं-बहनों को 33 फीसदी प्रतिनिधित्व मिले, वे भारत के विकास में योगदान दें। आइये महिला आरक्षण लागू कर के आप भी उन्हें आगे बढ़ाने का श्रेय लीजिए, लेकिन हमारी नारी शक्ति को बल दीजिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा, हमें देश की सुरक्षा के लिए नागरिकों को भी आगे लाना है। मैं लाल किले से एलान कर रहा हूं कि हम जल्द ही नागरिक रक्षा (सिविल डिफेंस) का देश में एक बड़ा नेटवर्क खड़ा करेंगे, जो आधुनिक चुनौतियों का सामना करेगा। इसमें युवाओं की बड़ी भागीदारी होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा, देश की सत्ता में वर्षों तक माओवादी सोच वाले लोग जगह बनाकर बैठे थे। इन लोगों ने सरकारों की नीतियों को भी प्रभावित किया था। हमें नक्सलवादियों से देश को आजाद कराने में मदद मिली है। हथियार वाले नक्सल तो गए लेकिन दिमाग वाले नक्सल देश में हैं। यह देश को हिंसा में घसीटने की कोशिश में जुटे हैं। हमें इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा। इन्हें अलग-थलग करना होगा। सुरक्षित भारत बनाना हमारा दायित्व है। सुरक्षा सीमा के अंदर हो या बाहर हम सबके लिए तैयार हैं। जरूरी नहीं कि युद्ध सीमाओं पर हो, आज तेल रिफाइनरियों पर हमले हो रहे हैं, बैंकिग क्षेत्र हमलों का शिकार हो रहे हैं। हमें इन क्षेत्रों की सुरक्षा भी करनी है।

80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, माओवाद-नक्सलवाद ने देश के कई परिवारों को बर्बाद किया। चार दशक तक इसने देश की बड़ी आबादी को बंदूक की नोक पर दबोच कर रखा था। देश के नागरिकों की रक्षा में देश साढ़े तीन हजार सुरक्षाबल और पुलिस के जवानों को जान की बाजी लगानी पड़ी। नक्सलवाद ने देश की धरती को लहूलुहान कर दिया। 2014 में जब आपने हमें मौका दिया तभी हमने संकल्प किया था कि हम नक्सलवाद को देश से खत्म करेंगे। हम उसे पूरी तरह खत्म करने की दिशा में हैं। जहां पर कभी नक्सलियों की गोलियां चलती थीं, जहां कभी धरती रक्तरंजित होती थी, आज वहां विश्वास, प्रयास और विकास का तिरंगा लहरा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज भारत खेल की दुनिया में अपनी जगह बना रहा है। भारत का राष्ट्रगान आज दुनिया में हर पोडियम पर सुनाई देता है। टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना ने इसे काफी बढ़ावा दिया है। खेलो इंडिया गेम्स, खेलों के लिए कोचिंग, खेल चिकित्सा आदि में युवाओं के लिए काफी जगह बनी है। हम 2036 में ओलंपिक के मजबूत दावेदार बनकर उभर रहे हैं। 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों को भारत आयोजित करने वाला है।

उन्होंने कहा, ओलंपिक में इससे जुड़े 40 खेल होते हैं और 350 स्पर्धाएं होती हैं। भारत में इनमें से दो-तिहाई खेलों में हमारी मौजूदगी नहीं होती। हम उनमें योग्यता हासिल नहीं कर पाते। लेकिन मैं आपको चुनौती देता हूं। जिन स्पर्धाओं में भारत योग्यता हासिल नहीं करता, हम उनके लिए आगे बढ़ेंगे। 5 से 15 साल की उम्र के बच्चों में प्रतिभा ढूंढने के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल प्रतिभा खोज अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद इन प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा, देश में कोचिंग कक्षाओं की स्पर्धा बढ़ती जा रही है। हर परिवार को लगता है कि उन्होंने बच्चे को कोचिंग नहीं भेजा तो उनका भला नहीं हो सकता। इसलिए हमने छात्रों के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने का निर्णय लिया है। हम युवाओं को निशुल्क कोचिंग देने का नेटवर्क खड़ा करने वाले हैं।

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