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नहीं रहीं सुरों की मल्लिका: आशा भोसले का निधन, देशभर में शोक

Indian Singer Asha Bhosle Death: तमाम फिल्मी गानों को अपनी मखमली आवाज से सजाने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले नहीं रहीं। उन्होंने 92 साल की उम्र में आज रविवार 12 अप्रैल को दुनिया को अलविदा कह दिया है। अमर उजाला से बातचीत में आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने इस खबर की पुष्टि की है। गायिका का जाना सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है। फैंस गमगीन हैं। सिनेमाई दुनिया में शोक है।

मशहूर सिंगर आशा भोसले हमारे बीच नहीं रहीं। 92 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया है। बॉलीवुड की दिग्गज सिगंर आशा भोसले का निधन हो गया है. देशभर के फैंस के लिए ये दुखद खबर सामने आई है। वे पिछले कुछ दिन से बीमार चल रही थीं और उन्हें मुंबई के कैंडी ब्रीच अस्पताल में एडमिट कराया गया था. वे 92 साल की थीं। बताया जा रहा है कि मल्टिपल ऑर्गन फेलियर की वजह से उनका निधन हुआ है।

सिंगर जुबीन नौटियाल ने आशा भोसले के निधन पर श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट साझा कर लिखा है, ‘वो आवाज, जिसने कभी खामोशी को रूह में बदल दिया था, अब खुद खामोशी बन गई है। आशा भोसले के गुजर जाने से, दुनिया ने सिर्फ एक गायिका को ही नहीं खोया है, बल्कि एक दौर, एक एहसास और एक ऐसी धड़कन को खो दिया है, जो लाखों गीतों के भीतर धड़कती थी। उनकी आवाज सिर्फ सुनी ही नहीं जाती थी, बल्कि उसे महसूस किया जाता था। दिल टूटने पर, प्यार में, तड़प में और जश्न के मौकों पर। कई पीढ़ियां सिर्फ उन्हें सुनकर ही बड़ी नहीं हुईं, बल्कि उनके गीतों के जरिए भावनाओं को महसूस करते हुए बड़ी हुईं। संगीत की शाश्वत गोद में उन्हें शांति मिले। परिवार के लिए प्रार्थनाएं। हर हर महादेव’।

आशा भोसले का अंतिम संस्कार कल सोमवार को होगा। गायिका का पार्थिव शरीर सुबह 11 बजे लोअर परेल में उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। शाम 4 बजे दादर के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। यही वही जगह है, जहां उनकी बहन लता मंगेशकर का भी अंतिम संस्कार हुआ था।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आशा भोसले की आवाज ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया और उनके गीत हमेशा लोगों के दिलों में गूंजते रहेंगे। उन्होंने इसे संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक संतप्त परिवार और उनके करोड़ों प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

भारतीय संगीत जगत की महान गायिका आशा भोसले के निधन पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे देश के संगीत क्षेत्र के लिए एक बड़ी और अपूरणीय क्षति बताया। नितिन गडकरी ने कहा कि पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा से संगीत की दुनिया में अलग पहचान बनाई। उनके साथ उनके व्यक्तिगत और पारिवारिक संबंध भी रहे, जिससे यह क्षति उनके लिए और अधिक भावुक कर देने वाली है।

उन्होंने कहा कि ‘नया दौर’, ‘तीसरी मंजिल’, ‘हरे रामा हरे कृष्णा’, ‘उमराव जान’, ‘इजाजत’ और ‘रंगीला’ जैसी फिल्मों के गीतों को आशा भोसले ने अपनी आवाज से अमर बना दिया। एक प्लेबैक सिंगर के रूप में उन्होंने अनेक यादगार गाने दिए, जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं। गडकरी ने कहा कि आशा भोसले का योगदान सिर्फ एक दौर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनकी आवाज कई पीढ़ियों तक लोगों के दिलों में गूंजती रहेगी। संगीत के क्षेत्र में उनका ‘स्वर’ हमेशा अमर रहेगा। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को संबल देने की कामना की और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

संगीत जगत को अपूरणीय क्षति-पीयूष गोयल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मधुर वाणी और अद्वितीय गायकी की प्रतिमूर्ति दीदी आशा भोसले जी ने दशकों तक भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी आवाज केवल सुरों का संगम नहीं, बल्कि भावनाओं का ऐसा अनकहा रिश्ता है जिसे शब्दों में बांध पाना संभव नहीं है। एक ऐसा जुड़ाव जो हर दिल में सदा जीवित रहेगा। उनके गाए गीत आने वाली पीढ़ियों तक यूं ही गूंजते रहेंगे।

यह क्षण उनके परिवार, कला जगत से जुड़े सभी लोगों और करोड़ों प्रशंसकों के लिए अत्यंत भावुक और अपूरणीय क्षति का है। मैं सभी के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ। मां सरस्वती दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति दें।

आशा भोसले के निधन पर देवेंद्र फडणवीस हुए भावुक
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महान गायिका आशा भोसलेके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशा ताई के जाने से संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है और सुरों का एक खूबसूरत बाग आज सूना हो गया है। फडणवीस ने कहा कि पद्म विभूषण और महाराष्ट्र भूषण से सम्मानित आशा भोसले का जाना बेहद दुखद है। लता मंगेशकर के बाद मंगेशकर परिवार का एक और चमकता सितारा हमेशा के लिए खो गया है।

उन्होंने आशा भोसले की बहुमुखी प्रतिभा को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भक्ति गीतों से लेकर गजल, शास्त्रीय, लोक, पॉप और फिल्मी संगीत तक हर शैली में अपनी अलग पहचान बनाई। 12,000 से अधिक गीतों को अपनी आवाज देने वाली आशा ताई ने 20 से अधिक भाषाओं में गाकर संगीत की दुनिया में अनोखा मुकाम हासिल किया। फडणवीस ने हाल ही में हुई एक मुलाकात का जिक्र करते हुए बताया कि एक कार्यक्रम में आशा ताई ने उनसे ‘अभी ना जाओ छोड़कर’ गाने का आग्रह किया था और मजाक में कहा था कि उन्होंने मुख्यमंत्री से गाना गवा लिया।

सुरों की जादूगरनी को श्रद्धांजलि
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले एक ऐसी महान कलाकार थीं, जिन्होंने पीढ़ियों तक लोगों के दिलों पर राज किया। उन्होंने बंगाली गीतों के जरिए भी बंगाल में अपार लोकप्रियता हासिल की थी। वर्ष 2018 में उन्हें राज्य का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बंगविभूषण’ भी प्रदान किया गया था।

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