उत्तराखंड के टिहरी ज़िला सत्र एवं न्यायाधीश की अदालत द्वारा आज पंचायत चुनाव को लेकर एक अहम आदेश पारित किया गया है। जिले के कीर्तिनगर ब्लॉक के जिला पंचायत वार्ड चिलेडी और जौनपुर ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत वार्ड बिच्छू से निर्वाचित सदस्य के शपथ ग्रहण पर अदालत ने रोक लगा दी है।
मिली जानकारी के मुताबिक कोर्ट ने इन दोनों पंचायत सदस्यों का नाम दो-दो जगह की मतदाता सूची में दर्ज होने के कारण शपथ ग्रहण पर स्टे किया है। दोनों चुनाव याचिका पर सुनवाई के लिए 11 सितंबर की तिथि निर्धारित है। ऐसे में अब कल शुक्रवार को क्षेत्र पंचायत सदस्य और 1 सितंबर को जिला पंचायत सदस्य के शपथ समारोह में ये दोनों सदस्य शपथ नहीं ले पाएंगे।
विदित हो कि टिहरी जिले के कीर्तिनगर ब्लॉक के जिला पंचायत वार्ड से उत्तम सिंह जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए थे। उन्होंने प्रतिद्वंदी कमलेश सिंह को पराजित किया था। चुनाव हारने के बाद कमलेश सिंह ने जिला न्यायालय में याचिका दर्ज कर बताया कि उत्तम सिंह का नाम ग्राम पंचायत मालगढ़ी के साथ ही नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती ढालवाला के वार्ड 11 की मतदाता सूची में भी दर्ज है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रेम सिंह बिष्ट ने अदालत से उत्तम सिंह का नाम दो जगह की मतदाता सूची में होने के कारण उनके शपथ ग्रहण पर रोक लगाने की मांग की। जिस पर जिला जज अमित सिंह सिरोही की अदालत ने वीरवार को सुनवाई करते हुए एक सितंबर को होने वाले जिला पंचायत सदस्य उत्तम सिंह के शपथ ग्रहण पर रोक लगा दी है।
इसके साथ ही जौनपुर ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत वार्ड 25 बिच्छू से कल्पना देवी से चुनाव हारी प्रियंका ने जिला जज की अदालत में याचिका दाखिल की। वादी के अधिवक्ता जयवीर सिंह रावत ने बताया कि क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव जीती कल्पना देवी का नाम ग्राम पंचायत बिच्छू की मतदाता सूची में होने के साथ ही नगर पालिका मसूरी के वार्ड 11 इंद्र कालोनी की निर्वाचन नामावली में भी शामिल है। ऐसे में दो मतदाता सूची में नाम होने के कारण कल्पना के शपथ ग्रहण पर रोक लगाई जाए।
जिसका जिला जज अमित सिंह सिरोही की अदालत ने वीरवार को सुनवाई करते हुए शुक्रवार 29 अगस्त को होने वाले कल्पना के शपथ ग्रहण पर रोक लगाते हुए दोनों मामलों में 11 सितंबर को तिथि निर्धारित की है।
कोर्ट के इस आदेश से अन्य कई पंचायत सदस्यों में हड़कंप मचा हुआ है। टिहरी के साथ साथ प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी यह आदेश अहम साबित हो सकता है।