टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक स्थित मुयाल गांव के जंदोली तोक में देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी। लगातार हुई बारिश के चलते भारी भूस्खलन होने से अनुसूचित जाति के कई परिवारों के मकानों पर खतरा मंडरा गया। तड़के सुबह सविता देवी के घर के आगे अचानक आंगन का बड़ा हिस्सा दरक गया, जिससे भारी मात्रा में मलबा नीचे स्थित मकानों तक पहुंच गया। घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीण जान बचाने के लिए घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन और तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को घरों में न रहने की सलाह देते हुए उन्हें गांव के पंचायत भवन के अतिरिक्त कक्षों में अस्थायी रूप से शिफ्ट कराया। भूस्खलन की चपेट में गांव का प्राथमिक विद्यालय भी आ गया है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ग्राम प्रधान जितेन्द्र थपलियाल ने बताया गांव के बलवीर लाल, मुकंद लाल, संजय लाल का मकान और गांव का प्राथमिक विद्यालय व गांव के दो पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है, उन्होंने बताया कि जंदोली क्षेत्र लंबे समय से भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील है। विगत वर्षों में भी यहां कई बार भूस्खलन हो चुका है और प्रशासन को कई बार इसकी जानकारी देकर स्थायी समाधान की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि रविवार सुबह हुए भूस्खलन से तीन परिवार और प्राथमिक विद्यालय सीधे प्रभावित हुए हैं। तीनों परिवारों को पंचायत भवन में सुरक्षित ठहराया गया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल राहत, उचित मुआवजा और स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग की। साथ ही बताया कि इस क्षेत्र में रहने वाले करीब 25 परिवार पहले से ही खतरे की जद में हैं।
पीड़ित सविता देवी ने बताया कि रात करीब तीन बजे से तेज बारिश हो रही थी, जिसके बाद अचानक भूस्खलन हो गया। उन्होंने कहा कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं और अब परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार से सुरक्षित आवास की व्यवस्था करने की मांग की।
एक अन्य पीड़ित पूनम ने बताया कि बारिश से उनके घर के पीछे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के साथ अब वहां रहना सुरक्षित नहीं है और प्रशासन उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करे।
पूर्व प्रधान सोहन दास ने कहा कि जंदोली में आपदा जैसे हालात बने हुए हैं। यहां कई परिवार और प्राथमिक विद्यालय वर्षों से भूस्खलन के खतरे में हैं तथा लंबे समय से विस्थापन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में विधायक शक्ति लाल शाह को भी प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मौके पर पहुंचे राजस्व निरीक्षक विजय कुमार पटवाल ने बताया कि देर रात हुई भारी बारिश के कारण जंदोली तोक में भूस्खलन हुआ है। प्रभावित अनुसूचित जाति के परिवारों को एहतियात के तौर पर पंचायत भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि दैवीय आपदा के प्रावधानों के तहत प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और नुकसान का आकलन कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

