केदारनाथ धाम की रूप छड़ी और मुकुट के गायब होने के सोशल मीडिया पर चर्चा है। इसे लेकर आज विधानसभा सत्र के बाद पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि मामले की जांच होगी। वहीं, इसे लेकर केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग ने स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम की परंपराएं प्राचीन काल से चली आ रही है और इसे लेकर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
रावल ने बताया कि वीरशैव लिंगायत धर्म में पांच प्रमुख प्राचीन पीठ हैं। रामभपुरी, उज्जैनी, केदार, श्रीशैल और काशी इन पांचों पीठों का विशेष महत्व है। वहीं, केदार पीठ ऊखीमठ वैराग्य पीठ है, जो चारों युगों से चली आ रही परंपराओं का अभिन्न हिस्सा है। परंपरा के अनुसार धर्म प्रचार के लिए रावल को रूप छड़ी, मुकुट और अन्य धार्मिक सामग्री अपने साथ ले जाने का अधिकार है।

