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Saturday, February 7, 2026
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बजट 2026: क्या सस्ता-क्या महंगा?: EV की कीमत घटेंगी, शराब महंगी होगी, कैंसर दवाओं के दाम होंगे कम, जानें खास बातें

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल बजट में कई बड़े एलान किए हैं। खासकर भारतीय अर्थव्यवस्था को अमेरिकी टैरिफ से बचाने के लिए सरकार ने कई नए प्रावधान किए हैं। इनमें निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कुछ आयात शुल्क घटाने की घोषणा की गई है, जिससे व्यापारियों को मुख्य तौर पर राहत मिलेगी। इसके अलावा घरेलू खपत बढ़ाने के लिए भी कई चीजों के शुल्क को घटाया गया है।

क्या होगा सस्ता, क्या महंगा?

  • समुद्री खाद्य उत्पादों की प्रोसेसिंग के लिए शुल्क मुक्त आयात की सीमा बढ़ाई गई है। यह सस्ते होंगे। इसके जरिए मछलीपालन उद्योग से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी।
      • जूतों के ऊपरी हिस्सों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए इनके शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी गई है। यानी विदेश भेजे जाने वाले जूतों की निर्माण लागत कम होगी। इससे देश में बिकने वाले जूते भी सस्ते होंगे।
    • चमड़े और वस्त्र परिधानों के निर्यात में व्यापारियों की सहायता करने के लिए इनके कच्चे माल के आयात पर छूट की समयसीमा एक साल बढ़ाई गई है। भारत में इनकी कीमत जस-की-तस बनी रहेगी।
    • लिथियम आयन सेल विनिर्माण में प्रयोग होने वाली वस्तुओं पर सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी। इससे लिथियम आयन तकनीक से संचालित होने वाली बैटरी देश में सस्ती होंगी। इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) के क्षेत्र को मदद मिलेगी और यह सस्ते हो सकते हैं।
    • सोडियम एंटीमोनेट के आयात शुल्क पर मूल सीमा शुल्क में छूट। इसका इस्तेमाल टेलीविजन ट्यूब्स के फाइनिंग और ऑप्टिकल ग्लास में किया जाता है। साथ ही दमकल उपकरणों में इनका प्रयोग होता है। यानी टीवी-शीशे की बनी चीजें और दमकल उपकरण सस्ते हो सकते हैं।
    • न्यूक्लियर परियोजनाओं के लिए जरूरी वस्तुओं के आयात पर छूट जारी रहेगी।
    • अहम खनिजों की प्रोसेसिंग के लिए जरूरी वस्तुओं के आयात पर छूट मिलेगी। इससे सेमीकंडक्टर क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा खनन और इसका प्रसंस्करण सस्ता होगा।
    • बायोगैस मिश्रित सीएनजी पर केंद्रीय सीमा शुल्क की गणना में बायोगैस के मूल्य पर छूट मिलेगी। यह सस्ती होगी।
    • एयरक्राफ्ट विनिर्माण के घटकों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट का प्रस्ताव। भारत में विमान बनाना सस्ता होगा। मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन मिलेगा।
    • तेंदुपत्ता पर  ‘स्रोत पर कर संग्रह’ (टीसीएस) को पांच फीसदी से घटाकर दो प्रतिशत किया गया। यह सस्ते होंगे।
    • शिक्षा और चिकित्सा जरूरतों के लिए रेमिटेंस (भेजे जाने वाली रकम) पर टीसीएस को पांच प्रतिशत से दो प्रतिशत पर लाने का प्रस्ताव। इन जरूरतों के लिए विदेश से 10 लाख रुपये तक का लेन-देन सस्ता होगा। बाकी जरूरतों पर 20 फीसदी टीसीएस लगता रहेगा।
    • रक्षा क्षेत्र के विमानों के पुर्जे के लिए आयातित कच्चे माल पर मूल सीमा शुल्क में छूट। भारत में रक्षा उपकरण बनाना भी सस्ता होगा। विदेशी कंपनियां भारतीय कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ा कर आत्मनिर्भर भारत पर जोर दे सकेंगी।
    • माइक्रोवेव ओवन के निर्माण में इस्तेमाल पुर्जों के मूल सीमा शुल्क में छूट। यह सस्ते होंगे।
    • निजी उपयोग के लिए आयातित सभी शुल्क योग्य वस्तुओं पर टैरिफ घटकर 10 फीसदी होगा। यह सभी सस्ते होंगे।
    • कैंसर रोगियों के लिए 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट। 7 अन्य गभीर रोगों की दवाओं के लिए निजी आयात शुल्क में छूट। यह सभी सस्ती होंगी।
    • 10 लाख रुपये तक के पर्यटन पैकेज टीसीएस पांच फीसदी से दो फीसदी पर लाने का प्रस्ताव। यह सस्ता होगा। 10 लाख रुपये से ऊपर के टूर पैकेज पर 20 फीसदी का टीसीएस लागू रहेगा।

    क्या होगा महंगा?

    • शराब के लिए इस्तेमाल होने वाले एल्कोहल पर ‘स्रोत पर कर संग्रह’ (टीसीएस) एक फीसदी से बढ़ाकर दो प्रतिशत किया गया। यानी शराब महंगी होगी।
    • कबाड़ पर भी टीसीएस को एक प्रतिशत से दो प्रतिशत किया गया। यानी कबाड़ महंगा होगा।
    • खनिजों, खासकर कोयले और लौह अयस्कों पर टीसीएस को एक प्रतिशत से दो प्रतिशत किया गया। यह महंगे होंगे।
    • आयकर की गलत जानकारी देने पर टैक्स की राशि का 100% जुर्माने का प्रावधान।
    • चल संपत्ति का खुलासा न करने पर जुर्माना लगेगा।
    • स्टॉक ऑप्शन्स और फ्यूचर ट्रेडिंग महंगी होंगी। लेन-देन पर टैक्स 0.02 से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया गया।

     

वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए आर्थिक विकास और राजकोषीय अनुशासन के बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ पेश किए गए इस बजट में सरकार ने जहां एक तरफ इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाया है, वहीं दूसरी तरफ शेयर बाजार के ट्रेडर्स पर टैक्स की सख्ती की है। हालांकि, आम करदाताओं को विदेश यात्रा और पढ़ाई के मामले में बड़ी राहत दी गई है।

बजट दस्तावेजों और हाईलाइट्स के आधार पर, यहाँ जानिए बजट 2026-27 की 10 सबसे बड़ी बातें-

1. शेयर बाजार: F&O ट्रेडिंग पर STT बढ़ा
शेयर बाजार के ट्रेडर्स के लिए बजट में झटका लगा है। सरकार ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटभ्) बढ़ा दिया है:
• फ्यूचर्स: STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है।
• ऑप्शंस : STT 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है।

2. विदेश यात्रा और पढ़ाई पर TCS घटा 
मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए, सरकार ने विदेश यात्रा पैकेज और शिक्षा/चिकित्सा के लिए विदेश भेजे जाने वाले पैसे (एलआरएस) पर टीसीएस (टीसीएस) की दर को घटाकर 2% कर दिया है। पहले यह दरें काफी ऊंची (5% से 20% तक) थीं।

3. इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च
सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए पूंजीगत व्यय का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। वित्त वर्ष 2015 में यह मात्र 2 लाख करोड़ रुपये था, जो अब छह गुना बढ़ चुका है।

4. राजकोषीय घाटा का लक्ष्य 

सरकार ने वित्तीय अनुशासन का पालन करते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 4.3% तय किया है। वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमानों (आई) में यह 4.4% आंका गया है।

5. एसएमई के लिए ₹10,000 करोड़ का फंड छोटे उद्योगों को ‘चैम्पियन’ बनाने के लिए तीन आयामी रणनीति अपनाई गई है। सरकार ने एक समर्पित ₹10,000 करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड बनाने की घोषणा की है। साथ ही, TReDS प्लेटफॉर्म के जरिए क्रेडिट गारंटी सपोर्ट भी दिया जाएगा।

6. शेयर बायबैक पर टैक्स नियम बदला 
कंपनियों द्वारा शेयरों के बायबैक से होने वाली आय को अब शेयरधारकों के हाथों में ‘कैपिटल गेन्स’ माना जाएगा और उसी हिसाब से टैक्स लगेगा।

7. इंडस्ट्री और इनोवेशन: सेमीकंडक्टर और बायो-फार्मा 
मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) 2.0’ और ‘बायो-फार्मा शक्ति’ (बायो फार्माI) जैसी नई योजनाओं का ऐलान किया गया है। साथ ही, रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स के लिए भी एक विशेष स्कीम लाई जाएगी।

8. कैंसर की दवाएं और कस्टम ड्यूटी 
स्वास्थ्य सेवा को किफायती बनाने के लिए कैंसर के मरीजों के लिए 17 दवाओं और औषधियों को बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) से छूट दी गई है। इसके अलावा, सोलर ग्लास और लिथियम-आयन बैटरी के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सामानों पर भी कस्टम ड्यूटी में राहत दी गई है।

9. विदेशी संपत्ति का खुलासे के लिए छह महीने का मौका 
छोटे करदाताओं के लिए एकमुश्त ‘विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना’ (फॉरेन असेट डिक्लरेशन स्कीम) लाई जाएगी, जो छह महीने के लिए खुली रहेगी। इसके अलावा, 20 लाख रुपये से कम की अचल विदेशी संपत्ति का खुलासा न करने पर अब मुकदमा नहीं चलाया जाएगा।

10. कृषि और मत्स्य पालन 
मछुआरों को बड़ी राहत देते हुए भारतीय जहाजों द्वारा ‘एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन’ (EEZ) में पकड़ी गई मछलियों पर ड्यूटी खत्म कर दी गई है। इसके अलावा, 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास की योजना भी बनाई गई है।  बजट 2026-27 स्पष्ट रूप से ‘युवा शक्ति’ और ‘उत्पादन क्षमता’ पर केंद्रित है। जहां STT में बढ़ोतरी से बाजार में उतार-चढ़ाव दिख सकता है, वहीं टीसीएस में कटौती और कैपेक्स में वृद्धि से अर्थव्यवस्था के पहियों को गति मिलने की उम्मीद है।

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