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Uttarkashi Cloud burst: होटल, घर और दुकानें सैलाब में बहे, चार की मौत, 70 लापता, रेस्क्यू जारी

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में धराली गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। ऊंचाई वाले इलाके में बादल फटा, जिससे खीरगंगा नदी में सैलाब आ गया। पहाड़ से तेजी के साथ नीचे उतरा पानी अपने साथ 20-25 होटल, घर और होम स्टे को बहा ले गया। धराली का मुख्य बाजार पूरी तरह तबाह हो गया है।
प्रसिद्ध कल्प मंदिर भी मलबे में बह गया है। चार लोगों की मौत हुई है और 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इसके कुछ देर बाद सुखी टॉप पर भी बादल फटने की घटना सामने आई, लेकिन उसमें किसी तरह के नुकसान की अभी जानकारी नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात कर स्थिति की जानकारी ली है और हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 1:50 बजे गांव के ऊपर बादल फटा। इसके बाद महज 20 सेकंड के भीतर खीरगंगा नदी का पानी और मलबा मुख्य बाजार की ओर मुड़ गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ रहे थे, लेकिन इससे पहले कि वे सुरक्षित जगह पर पहुंच पाते, सैलाब ने सब कुछ तबाह कर दिया। वहां मौजूद कई होटल, रिसॉर्ट, दुकानें, घर और सेब के बगीचे जमींदोज हो गए। वहां चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते पूरा बाजार मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस-प्रशासन की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
चार की मौत, लापता लोगों की तलाश जारी
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि चार लोगों की मौत हुई है। होटलों और बाजार में जहां-तहां फंसे लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हर्षिल में राहत शिविर स्थापित किया गया है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। जमींदोज हुए घरों में लोगों की तलाश की जा रही है। भूस्खलन के चलते रास्ते बंद हैं, इसलिए बचाव दलों को मौके पर पहुंचने पर मुश्किलें आ रही हैं। धराली गंगोत्री धाम के रास्ते में मुख्य पड़ाव है। यहां कई होटल, रेस्टोरेंट और होमस्टे हैं, दो धराली को दो हिस्सों में बांटती खीर गंगा नदी के किनारे बने हैं।
बादल फटने की घटना के बाद का एक वीडियो सामने आया है। इसमें पहाड़ी से खीर नदी का कीचड़ भरा पानी की तेज धारा धराली गांव की ओर बहता दिखाई दे रहा है। पानी के साथ पहाड़ से बड़े-बड़े पत्थर और पेड़ भी बहते नजर आ रहे हैं। 30 सेकंड से भी कम समय में सैलाब की तरह उतरा पानी नदी के किनारे बने कई घरों, होटलों और रेस्तरां को बहा ले जाता है। यह भयावह दृश्य रूह को कंपा देने वाला है। वीडियो में लोगों की चीख-पुकार भी सुनाई दे रही है। वीडियो में एक आवाज सुनाई देती है, सब कुछ खत्म हो गया है।
प्रभावितों की हर संभव मदद के निर्देश : सीएम
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि जिला प्रशासन, भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत अन्य एजेंसियों राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। प्राथमिकता के आधार पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावितों की हर संभव मदद के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र व वायु सेना से मांगे दो एमआई व एक चिनूक
प्रदेश सरकार की तरफ से केंद्र सरकार व वायु सेना से रेस्क्यू अभियान के लिए दो एमआई और एक चिनूक मांगा गया है। दरअसल लगातार बारिश के कारण हेलिकॉप्टरों की उड़ान में बाधा आ रही है। यूकाडा ने भी बचाव कार्यों के लिए दो निजी हेलिकॉप्टर तैयार रखे हैं। मौसम साफ होते ही वायु सेना हेलिकॉप्टर से राहत पहुंचाएगी।
पीएम और गृह मंत्री ने फोन पर ली जानकारी
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने फोन कर घटना के संबंध में जानकारी ली। साथ ही दोनों ने ही केंद्र की ओर से राज्य की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।
व्यावसायिक इमारतों को हुआ ज्यादा नुकसान
लोगों का कहना है कि अगर नदी का बहाव सीधे आगे बढ़ता तो गांव की बस्ती को भी भारी नुकसान हो सकता था लेकिन पानी बाजार की ओर मुड़ जाने से सबसे ज्यादा नुकसान व्यावसायिक इमारतों को हुआ है। बताया कि एक बार पानी के साथ मलबा आया और उसके बाद कुछ देर के लिए रुक गया। कुछ देर बाद दोबारा मलबा आया।
हेल्पलाइन नंबर जारी
जिला प्रशासन ने 01374222126, 222722 और 9456556431 नंबर जारी किया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, हरिद्वार से 01374-222722, 7310913129, 7500737269 टोल फ्री नंबर-1077, ईआरएसएस टोल फ्री नंबर 112 पर संपर्क किया जा सकता है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून से 0135-2710334, 2710335, 8218867005, 9058441404 और टोल फ्री नंबर 1070, ईआरएसएस टोल फ्री नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं।
राष्ट्रपति, पीएम व अन्यों की प्रतिक्रियाएं
उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना का समाचार अत्यंत दुखद है। पीड़ित परिवारों के प्रति मैं संवेदना व्यक्त करती हूं और राहत तथा बचाव कार्यों में सफलता की कामना करती हूं। -द्रौपदी मुर्मु, राष्ट्रपति
पीएम मोदी ने व्यक्त की संवेदना
उत्तरकाशी के धराली में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से बात कर मैंने हालात की जानकारी ली है। राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं। लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है। – नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
गृह मंत्री अमिश शाह ने सीएम धामी से की बात
उत्तराखंड के धराली में बाढ़ की घटना को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात कर घटना की जानकारी ली। आईटीबीपी की निकटतम तीन टीमों को वहां भेज दिया गया है, साथ ही एनडीआरफ की चार टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं, जो शीघ्र पहुंचकर बचाव कार्य में लगेंगी। -अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में भयानक आपदा के बाद चिकित्सा सेवाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने डॉक्टरों की छुट्टी रद्द करने के साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम आपदा प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना कर दी है। आपदा में घायलों के इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज दून व एम्स ऋषिकेश में बेड आरक्षित किए गए।

गंगोत्री हाईवे बंद होने से छह घंटे फंसे रहे डीएम और एसपी

धराली आपदा के बाद मौके के लिए निकले डीएम प्रशांत आर्य और एसपी सरिता डोबाल नेताला के समीप गंगोत्री हाईवे बंद होने के कारण वहां पर करीब छह घंटे फंसे रहे। बीआरओ की मशीन को हाईवे खोलने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं इस घटना ने आपदा से पूर्व की गई तैयारियों की पोल खोल कर रख दी है। क्योंकि मानसून में ऐसे स्थानों पर हर समय मशीनें तैनात करने के निर्देश थे। धराली में आई आपदा के बाद जिला प्रशासन सहित पुलिस और पूरा महकमा अलर्ट होते ही घटनास्थल के लिए रवाना हुआ। लेकिन प्रशासन के कदम तंत्र की आधू-अधूरी तैयारी ने नेताला में रोक लिया। वहां पर पहाड़ी से सड़क पर भारी मलबा आने और सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण पूरे प्रशासनिक अमले को वहां पर सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। देर शाम करीब साढ़े आठ बजे के मार्ग खुलने के बाद डीएम और एसपी घटना स्थल के लिए रवाना हो सके। वहीं इसने मानसून सीजन में प्रशासनिक तंत्र की आपदा और भूस्खलन जोन को लेकर की गई तैयारियों की पोल खोल दी है। शासन-प्रशासन की ओर से सभी सड़क संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। सभी भूस्खलन जोन पर 24 घंटे मशीनें तैनात रहेंगी लेकिन वहां पर मशीनों की ओर से लगातार देरी होने के कारण जनपद के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों को ही आज मार्ग बंद होने की परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं आपदा राहत बचाव के लिए भी टीम को भी वहां पर फंसे रहने पड़े।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में धराली गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। ऊंचाई वाले इलाके में बादल फटा, जिससे खीरगंगा नदी में सैलाब आ गया। पहाड़ से तेजी के साथ नीचे उतरा पानी अपने साथहोटल, घर और होम स्टे को बहा ले गया। धराली का मुख्य बाजार पूरी तरह तबाह हो गया है। प्रसिद्ध कल्प मंदिर भी मलबे में बह गया है। चार लोगों की मौत हुई है और 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इसके कुछ देर बाद सुखी टॉप पर भी बादल फटने की घटना सामने आई, लेकिन उसमें किसी तरह के नुकसान की अभी जानकारी नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात कर स्थिति की जानकारी ली है और हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।

30 होटलों और दुकानों को नुकसान

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया की राहत बचाव में लगी टीमों ने धराली गांव से 60 लोगों को सुरक्षित कोपांग आईटीबीपी कैंप और 50 को गंगोत्री पहुंचाया है। साथ ही घटना में चार लोगों की मौत, 30 लापता हैं। वहीं 30 होटलों और दुकानों को नुकसान हुआ है।

मदद के लिए सेना के हेलिकॉप्टर तैयार

उत्तरकाशी जिले में राहत कार्यों के लिए भारतीय वायु सेना के चिनूक एमआई-17 वी5, चीता और एएलएच हेलीकॉप्टर चंडीगढ़ एयरबेस पर सक्रिय रूप से तैयार हैं। हेलीकॉप्टर आवश्यक उपकरणों और सामग्रियों के साथ तैयार हैं और राहत कार्य शुरू होते ही उड़ान भरेंगे।

उत्तरकाशी जनपद के धराली गांव में बादल फटने से खीरगंगा में भयंकर बाढ़ आ गई। डीएम प्रशांत आर्य ने बताया की धराली आपदा में अब तक चार लोगों की मौत हुई है। जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना है। पानी का सैलाब गांव की तरफ आते ही लोगों में चीख पुकार मच गई। कई होटलों में पानी और मलबा घुस गया है। धराली बाजार पूरी तरह तबाह हो गया है। कई होटल दुकाने ध्वस्त हो चुकी है। आर्मी हर्षिल/पुलिस/एसडीआरएफ टीम भटवाड़ी के लिए रवाना हुई हैं।

उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा पर पीएम मोदी ने दुख जताया। उन्होंने एक्स पर लिखा ‘इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से बात कर मैंने हालात की जानकारी ली है। राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं। लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है।’

हेल्पलाइन नंबर जारी

धराली गांव में अत्यधिक अतिवृष्टि के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
– 01374222126
– 222722
– 9456556431

गृहमंत्री अमित शाह ने सीएम से की बात

उत्तराखंड के धराली (उत्तरकाशी) में फ्लैश फ्लड की घटना को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात कर घटना की जानकारी ली। ITBP की निकटतम 3 टीमों को वहाँ भेज दिया गया है, साथ ही NDRF की 4 टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं, जो शीघ्र पहुँच कर बचाव कार्य में लगेंगी।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में बादल फटने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने गहरा दुःख प्रकट किया है। उन्होंने इस आपदा में जन-धन की हानि पर संवेदना व्यक्त की है और प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई है।

श्री अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा राज्य सरकार को हर संभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया।

गृह मंत्री ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ एवं अन्य राहत एजेंसियों को तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी अपना दौरा स्थगित कर तत्काल देहरादून के लिए रवाना हो गए हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हैं और केंद्र सरकार की ओर से प्रभावित क्षेत्र में तत्काल एवं आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जा रही है।

धराली में अतिवृष्टि और बादल फटने से उत्पन्न आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर हो रहा है। जिला प्रशासन, सेना, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। आपदा कंट्रोल रूप से भी हालात पर निरंतर निगरानी की जा रही है।

सीएम धामी ने जताया दुख
धराली उत्तरकाशी क्षेत्र में बादल फटने से हुए भारी नुकसान का सीएम धामी ने गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित टीमें युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं। इस सम्बन्ध में लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क में हूं।

दो एमआई और एक चिनूक हेलिकॉप्टर राहत बचाव का अनुरोध
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के पास उत्तरकाशी में बादल फटने की प्राथमिक सूचना प्राप्त हुई है। उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग ने भारत सरकार को दो एमआई और एक चिनूक हेलिकॉप्टर राहत और बचाव कार्य के लिए देने का अनुरोध किया है।

उत्तराखंड में भारी बारिश ने तबाही मचाई हुई है। आज मंगलवार सुबह ही उत्तरकाशी बडकोट तहसील क्षेत्र के बनाल पट्टी में भारी अतिवृष्टि होने से चपेट में आई करीब डेढ़ दर्जन बकरियां कुड गदेरे में बह गई। कुड गदेरा उफान पर आने से अफरातफरी मच गई। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक रोहित थपलियाल ने बताया, प्रदेश भर में 10 अगस्त तक भारी बारिश होने की संभावना है। खासकर पर्वतीय इलाकों में तेज दौर की बारिश के आसार हैं। वहीं, बारिश की वजह से सुरक्षा को देखते हुए देहरादून, पौड़ी, टिहरी और हरिद्वार में मंगलवार को भी स्कूल बंद रहेंगे।

जनपद में बीती रविवार देर रात से हो रही बारिश के कारण स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे का करीब 25 मीटर हिस्सा धंस गया है जिससे आवाजाही बंद हो गई है। वहीं स्यानाचट्टी के एक ओर पहाड़ी से बोल्डर गिर रहे हैं। उधर, गंगोत्री हाईवे सुबह से दोपहर तक कई स्थानों पर अवरुद्ध रहा। इस वर्ष का मानसून की बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे पर परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है। बीते रविवार देर रात से जारी बारिश के कारण ओजरी डाबरकोट, स्यानाचट्टी के पास मलबा, बोल्डर गिरने से सड़क पर आवाजाही बंद हो गई थी। वहीं स्यानाचट्टी के दूसरी ओर कुपड़ा मोटर मार्ग के समीप करीब 25 मीटर सड़क धंसने से परेशानी बढ़ गई है।

एनएच विभाग की ओर से ओजरी डाबरकोट सहित पालीगाड और स्यानाचट्टी के समीप एक स्थान पर आवाजाही शुरू करवा दी गई लेकिन सड़क करीब 25 मीटर धंसने से एनएच विभाग की मशीनरी को मार्ग खोलने में परेशानी हो रही है। ईई मनोज रावत मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि बारिश के चलते हाईवे खोलने में दिक्कत आ रही है। हाईवे धंसने वाली जगह पर शाम तक अंदर की ओर थोड़ा बहुत कटिंग कर छोटे वाहनों को निकालने का प्रयास किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर गंगोत्री हाईवे पर भी सुबह से दोपहर के बीच में डबराणी सहित नाग मंदिर और नेताला के समीप करीब एक से दो घंटे तक मलबा आने के कारण आवाजाही बंद रही। बीआरओ की ओर से उसे खुलवाकर आवागमन सुचारू किया गया।

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