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Saturday, January 29, 2022
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पुरानी पेंशन बहाली हेतु 01 जनवरी को राज्य के 80 हजार कर्मचारी मनायेंगे काला दिवस

राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा नए साल का पहला दिन काला दिवस के रूप में मनाने जा रही है। मोर्चे के नवनिर्वाचित प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित की गई बैठक मैं यह निर्णय लिया गया है।

आज आयोजित ऑनलाइन बैठक बैठक में गढ़वाल एवं कुमाऊं के मंडल पदाधिकारियों एवं विभिन्न जनपदों के पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत के आवाहन पर 1 जनवरी 2022 को काला दिवस मनाने के संबंध में रणनीति तैयार की गई।

इस बैठक में पुरानी पेंशन बहाली तक अपना कार्यक्रम जारी रखने का संकल्प लिया गया। प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने गूगल बैठक को संबोधित करते हुए कहा की हमें अपने कार्यक्रम को जारी रखते हुए शासन एवं सरकार पर लगातार दबाव बनाए रखना है। उन्होंने सभी एनपीएस कार्मिकों को सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए इस मंजिल को हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लगातार प्रयास करने के बाद भी हमें सफलता नहीं मिल रही है लेकिन इस से हमें निराश नहीं होना है।

प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि 1 जनवरी 2004 को केंद्र में पुरानी पेंशन व्यवस्था बंद कर नई पेंशन योजना लागू की गई थी। यह दिन सभी कर्मचारियों के लिए एक काला दिवस था। इसी उपलक्ष में नव वर्ष के अवसर पर 1 जनवरी को काला दिवस मनाएंगे और अपने अपने कार्यस्थल एवं निवास स्थान पर रहकर सरकार को सचेत करेंगे कि यदि उनके द्वारा पुरानी पेंशन बहाली हेतु ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले विधानसभा चुनाव में कर्मचारी एकजुट होकर सरकार का विरोध करेगे।

जिला उपाध्यक्ष राजीव उनियाल ने कहा कि लगातार शासन मुख्यमंत्री एवं माननीय विधायकों से भी वार्ता करने के बाद कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकल सका है। जिससे कि प्रदेश के समस्त कार्मिकों में एक आक्रोश है। लगता है कि प्रदेश सरकार पुरानी पेंशन के मामले में प्रदेश के कार्मिकों से छलावा कर रही है। जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना होगा।

जिला अध्यक्ष हिमांशु जगूड़ी ने कहा की हमने सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक लगातार संघर्ष किया है। लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम न मिलने से कर्मचारी परेशान एवं चिंतित हैं लेकिन निराश एवं हताश नहीं है। जिला महिला उपाध्यक्ष यमुना रावत ने कहा कि हमारा संघर्ष जारी रहेगा चाहे कोई भी परिस्थिति हो। उन्होंने सभी कर्मचारियों से एकता बनाए रखने एवं एकजुट होकर संघर्ष करने का भी आह्वान किया।

जिला वरिस्ठ उपाध्यक्ष माखन लाल शाह ने कहा कि सभी कर्मचारी एक हैं और समय आने पर यदि पुनः सड़कों पर उतरना हो तो उसके लिए भी तैयार हैं। बैठक में संदीप मैठाणी अध्य्क्ष कीर्तिनगर इकाई ने सुझाव दिया कि हमें लगातार प्रयास करते रहना है। चाहे वह सोशल मीडिया हो या शासन-प्रशासन।

रमेश नेगी ने कहा कि हमें एक बार पुनः मुख्यमंत्री से वार्ता करनी चाहिए और उन्हें अपना रुक साफ करने के लिए कहना चाहिए। दुर्गा प्रसाद लखेड़ा ने कहा की सचिव शत्रुघ्न सिंह से हुई वार्ता के निर्णय को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। जिससे कि कर्मचारियों को मालूम हो कि सरकार की मंशा क्या है।

बैठक में जगमोहन, चंद्रशेखर मेवाड़, दीपक मियां, अर्जुन राणा, मासन्त सिंह, आदि मौजूद थे। बैठक में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि सरकार पर दबाव बनाने के लिए 1 जनवरी के बाद जनपद मुख्यालय पर कोई ना कोई कार्यक्रम आयोजित किया जाए।

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