भराड़ीसैंण विधानसभा में बजट सत्र का आज चौथा दिन है। सीएम धामी का कहना है कि विपक्ष जितनी चर्चा चाहता है हम उससे पीछे नहीं हटेंगे। विपक्ष के एक-एक सवाल का जवाब देंगे। हमने कोई गलत काम नहीं किया है।
भराड़ीसैंण में अवस्थापना विकास के कार्य आगे बढ़ रहे हैं। स्थायी राजधानी के सपनों को साकार करने के लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है। दो-चार दिन में वापस लौटने की जल्दबाजी के पीछे यह भी कारण है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई है। सरकार गरैसैंण को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना बना रही है। इसे धरातल पर उतरने में काफी वक्त लगेगा।
विधानसभा सत्र के लिए पूरी सरकार भराड़ीसैंण में है। सत्र में सभी मंत्री, विधायकों के साथ आला अफसर भी पहुंचे हैं। सत्र की व्यवस्थाओं के साथ ही सुरक्षा के लिए सैकड़ों कर्मचारियों ने मोर्चा संभाल रखा है। सदन में जनहित के मुद्दों पर चर्चा हो रही है। वहीं, सदन के बाहर हर किसी की जुबान पर यही है कि सत्र कब समाप्त हो रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि हाट बाज़ार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की भी जांच होगी। जांच प्रक्रिया स्थानीय निकायों को भी देने को लेकर हुए सवाल पर मंत्री धन सिंह रावत ने जवाब दिया कि दिखाकर नीतिगत निर्णय लिया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विभाग में कर्मियों की कमी पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन किया जाएगा।
सदन में मिलावटी खाद्य पदार्थो पर चर्चा हो रही है। विधायक प्रेम चंद्र अग्रवाल, मुन्ना सिंह चौहान सहित अन्य के सवालों के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह कहा कि जल्द ही नियमित जांच शुरू कि जाएगी।
सदन में प्रश्न काल चल रहा है। संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा प्रदेश में 500 स्थान पर भूकंप चेतावनी प्रणाली को स्थापित किया जाएगा। 169 स्थान पर लगाए जा चुके हैं। 115 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
सीएम धामी ने कहा कि विपक्ष की ओर से बार-बार आरोप लगाए जा रहे हैं सरकार सदन नहीं चलाना चाहती है। लेकिन सच्चाई यह है कि पिछले चार वर्षों में भराड़ीसैंण में सबसे अधिक सत्र हुए हैं। भविष्य में इसकी संख्या बढ़ाई जाएगी। शुक्रवार तक सत्र पहले से तय है। विपक्ष जितनी चर्चा चाहता है हम उससे पीछे नहीं हटेंगे। विपक्ष के एक-एक सवाल का जवाब देंगे। हमने कोई गलत काम नहीं किया है। पहाड़ की उम्मीद व स्वाभिमान का प्रतीक गैरसैंण को हमने हृदय में बसाया है। यहीं वजह है कि सत्र के अलावा सरकार ने कई कार्यक्रम यहां कराए हैं।

