तिथि के लिए हर पर्व की तरह इस बार होली की तिथि पर भी असमंजस है। होली पर इस बार ग्रहण पड़ रहा है तो ऐसे में ज्योतिषाचार्य एक दिन पहले यानी दो मार्च को ही होलिका पूजन करने की बात कह रहे हैं। वहीं, कई ज्योतिषाचार्य तीन मार्च को तड़के होलिका दहन करने का तर्क दे रहे हैं। इसके बाद एक दिन खाली रहेगा और चार मार्च को रंगोत्सव मनाया जाएगा।
काफी साल बाद ऐसा हो रहा है कि पूजन और होली के पर्व में एक दिन का फासला हो रहा है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, पूर्णिमा तिथि इस बार दो मार्च की शाम 5:56 बजे शुरू होगी और तीन मार्च की शाम 5:08 बजे समाप्त होगी। तीन मार्च को चंद्रग्रहण भी रहेगा जो फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर लगेगा। शास्त्रों के अनुसार, विधान है कि जिस दिन प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि लगती है तब ही होलिका दहन किया जाता है।


