नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क ने विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी आज खोल दी है। हालांकि लाॅकडाउन के चलते इस घाटी में अभी सैलानी नहीं जा सकेंगे। उम्मीद की जा रही है कि अनलाॅक-1 के तहत यदि केन्द्र से अनुमति मिली तो जल्द पर्यटक इस सुंदर घाटी का दीदार कर सकेंगे।

कोरोना अपडेट-  प्रदेश में आज मिले 173 मामले, संख्या पहुंची 922

पार्क प्रशासन के मुताबिक इस घाटी में विभिन्न प्रजाति के फूलों के खिलने का दौर शुरू हो गया है। विदित हो कि पार्क प्रशासन ने अभी कुछ दिन पहले ही घाटी में करीब तीन किमी के क्षेत्र में रूट पर जीम बर्फ को हटा दिया था।

डीएफओ नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क किशन चंद्र ने जानकारी दी है कि आज इस घाटी को खोल दिया गया है, लेकिन लाॅकडाउन के कारण अभी यहां सैलानियों का प्रवेश नहीं हो पाएगा।

यह भी पढ़े-  लाॅकडाउन-5: प्रदेश में एक जून से नई व्यवस्था, जानें क्या हुए बदलाव

——————–

चमोली। विश्व धरोहर फूलों की घाटी आगामी एक जून से खुल जाएगी। हालांकि अभी इस घाटी में पर्यटकों की आवाजाही नहीं हो पाएगी, लेकिन नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने अपने स्तर से इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशासन के मुताबिक घाटी में पर्यटकों की आमद सरकार के निर्देशों एवं अनुमति के बाद ही हो पाएगी।
फिलहाल घाटी में जाने वाले मार्ग पर आए हिमखंडों को वन विभाग द्वारा काटकर रास्ता बना दिया गया है। विदित हो कि विश्व धरोहर फूलों की घाटी हर वर्ष एक जून को खुल जाती है, लेकिन इस बार कोरोना के कारण इस पर असमंजस बना हुआ था। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने इस संबंध में साफ कर दिया है कि यह घाटी आगामी एक जून को ही खोली जाएगी।

प्रकृति ने अपनी सारी सुंदरता बिखेरी है यहां

विश्व धरोहर फूलों की घाटी 87.5 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली हुई है। बताया जाता है कि इस घाटी में हर बार जुलाई और अगस्त महीने में पांच हजार से अधिक प्रजाति के फूल खिलते हैं। घाटी में इस दौरान इन आकर्षक रंग-बिरंगे फूलों, झरनें, बुग्याल (हरे घास के मैदान)के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता को नजदीक से दर्शन करने के लिए हर साल यहां देश-विदेश से सैकड़ों सैलानी पहुंचते हैं।

फूलों की घाटी है विश्व धरोहर

उत्तराखंड के चमोली जनपद में स्थित विश्व धरोहर फूलों की घाटी नंदा देवी नेशनल पार्क के अंतर्गत आती है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता और जैविक विविधता के कारण ही वर्ष 2005 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर घोषित किया था। अपनी जैव विविधता के कारण यह घाटी विश्व प्रसिद्ध है। सैलानियों के लिए यह खासा आकर्षण का केन्द्र है।

बोले डीएफओ

इस बार फूलों की घाटी को खोलने की औपचारिकता प्रभागीय वनाधिकारी नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क किशन चंद्र पूरी करेंगे। हालांकि उन्होंने बताया कि सरकार और विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद ही घाटी में सैलानियों की आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। पार्क प्रशासन ने सभी व्यवस्थाएं बना ली हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here