उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज एवं उनकी पत्नी पूर्व मंत्री अमृता रावत लगभग 17 दिन एम्स अस्पताल और 14 दिन होम क्वारंटाइन रहने के बाद स्वस्थ्य हो गए हैं। उनकी कोरोना की जांच रिपोर्ट नेगिटिव आई है।

बता दें कि कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और उनके स्टाफ के 22 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले थे। सभी को एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया। जहाँ महाराज और उनकी पत्नी समेत अन्य परिजनों को 17 दिन तक इलाज दिया गया। इसके बाद सभी को 14 दिन होम क्वारंटाइन किया गया था।

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रविवार को महाराज और उनके परिजनों ने यह अवधि पूरी कर ली है। इस दौरान सभी जांच रिपोर्ट नेगिटिव आई है। अब सभी को क्वारंटाइन से मुक्त कर दिया है। इधर, महाराज और परिजन स्वस्थ होने पर सरकार के साथ समर्थकों ने राहत की सांस ली है।

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ऋषिकेश एम्स में भर्ती पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के परिवार के पांच सदस्यों को आज सोमवार शाम को अस्पताल से छुट्टी देकर उन्हें होम क्वारंटीन रहने की सलाह दी गई है। जबकि मंत्री महाराज और उनकी पत्नी अमृता रावत अभी भी एम्स के कोविड वार्ड में भर्ती हैं।

एम्स के प्रो. यूबी मिश्रा ने बताया कि पर्यटन मंत्री के परिवार के पांचों सदस्य हालांकि कोरोना पॉजिटिव हैं, लेकिन वह सभी ए-सिम्टमेटिक (रोग के लक्षण नहीं दिखाई देना) हैं। लिहाजा केंद्र सरकार की गाइड लाइन के आधार पर उन्हें छुट्टी दे दी गई है। उनके आवास में क्वारंटीन रहने की सही व्यवस्था है। इसलिए अब वे घर में ही क्वारंटीन रहेंगे।

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प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के कोरोना संक्रमित होने के चलते सूबे के अन्य कैबिनेट मंत्रियों को फिलहाल क्वारंटीन नहीं किया जाएगा।

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हालांकि जिला प्रशासन की ओर से मांगी गई सूचि पर गोपन विभाग ने पांच मंत्रियों समेत 20 लोगों के नाम दे दिए हैं। अब इस मामले में जिला प्रशासन निर्णय लेगा।

सूबे के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने बताया कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए आईसीएमआर की ओर से जारी गाइड लाइन में संक्रमित व्यक्ति के संपर्क चिन्हिकरण की दो श्रेणी हाई रिस्क और लो रिस्क शामिल हैं।

हाई रिस्क वाले संपर्क की दशा में 14 दिन का होम क्वारंटीन एवं सैंपल टेस्ट किए जाएंगे। लो रिस्क संपर्क वाले अपना कार्य पहले की तरह कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में भाग लेने वाले मंत्री और अधिकारी कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के नजदीकी संपर्क में न होने के कारण लो रिस्क वाले संपर्क के दायरे में आते हैं। वह अपना कार्य सामान्य रूप से कर सकते हैं और उन्हें क्वारंटीन करने की जरूरत नहीं है।

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प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सूबे के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि की है। विदित हो कि इससे पूर्व शनिवार को उनकी पत्नी अमृता रावत भी कोरोना पॉजिटिव पाई गईं थीं, जिसके बाद आज उन्हें एम्स अस्पताल ऋषिकेश में भर्ती किया गया है। वहीं आज शाम को महाराज समेत अन्य सभी संक्रमितों को भी एम्स अस्पताल ऋषिकेश में भर्ती करा दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के साथ ही बेटे, बहुएं और पांच साल के पोते की भी कोरोना जांच रिपोर्ट पाजिटिव आई है। इसके साथ ही स्टाफ के करीब 17 कर्मचारियों की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है।

उत्तराखंड प्रदेश में वैश्विक महामारी कोरोना ने अब अपनी दस्तक आमजन के बाद वीवीआईपी के घरों में भी देनी शुरू कर दी है। जी हां, यहां हम बात कर रहे हैं उत्तराखण्ड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की।

बीते शनिवार को उनकी पत्नी पूर्व मंत्री अमृता रावत की जांच रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव मिली। अब बड़ा सवाल यहां यह है कि यदि सतपाल महाराज का सैंपल भी पाजिटिव निकला, तो क्या प्रदेश का पूरा मंत्रीमंडल को भी क्वारंटीन होना पड़ेगा!

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उल्लेखनीय है कि बीते शुक्रवार को प्रदेश कैबिनेट की बैठक में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने भी शिरकत की थी। हालांकि महाराज पहले से ही सार्वजनिक जीवन में शारीरिक दूरी समेत तमाम सावधानियों को बरतते रहे हैं।

इसका उदाहरण तब भी देखने को मिला, जब राज्य में 15 मार्च को कोरोना का पहला मामला सामने आया था और इसके बाद आयोजित प्रदेश कैबिनेट में महाराज ही अकेले ऐसे मंत्री थे जो सुरक्षा के लिहाज से फेस मास्क पहनकर आए थे। इसके बाद कई मंत्रियों ने उनका मजाक भी बना लिया था।

महाराज द्वारा इस महामारी को लेकर बरती जा रही सर्तकता का नमूना बीती 23 मई को भी देखने को मिला, जब उनके आवास पर राज्य के विभिन्न लोक कलाकारों के साथ उनके द्वारा फेस ग्लास पहनकर वीडियो कांफ्रेंसिंग की गई।

इधर, स्वास्थ्य महकमे ने पिछली कैबिनेट बैठक में महाराज की उपस्थिति के चलते उनके मिलने वाले मंत्रियों, अधिकारियों, स्टाफ के संपर्क में आने वाले लोगों को चिन्हित करने का काम चालू कर दिया है।

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भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग की टीम महाराज का सैंपल कोरोना जांच के लिए भेजेगी। यदि जांच में उनका सैंपल पॉजिटिव मिला, तो प्रदेश मंत्रिमंडल भी क्वारंटीन किया जाएगा।

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