उत्तराखण्ड चाय विकास बोर्ड द्वारा धौलादेवी अल्मोड़ा में टी प्रोसेसिंग यूनिट (चाय फैक्ट्री) स्थापित की जाएगी। बोर्ड के इस प्रस्ताव पर सूबे के उद्यान, रेशम व कृषि मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा सहमति दे दी गई है। इस प्रस्ताव के अनुसार धौलादेवी के 70 हेक्टेअर क्षेत्रफल में विकसित चाय बागानों से उत्पादित हरी पत्तियों को इस प्रोसेसिंग यूनिट में ड्रायर व शॉटिंग प्रक्रिया से अच्छी गुणवत्ता की चाय प्राप्त हो सकेगी। अभी तक बोर्ड को इसके लिए बागेश्वर चाय फैक्ट्री पर निर्भर रहना पड़ता है।

उत्तराखण्ड चाय विकास बोर्ड के मुताबिक इस इकाई की स्थापना पर रू0 39.25 लाख की धनराशि का व्यय अनुमानित है। इसमें प्रोसेसिंग मशीनरी की लागत रू0 19.25 लाख भी सम्मिलित है। बताया गया है कि टी विकास बोर्ड द्वारा यह धनराशि अपने संसाधन से वहन की जाएगी। बोर्ड के मुताबिक इस पर शासन को अतिरिक्त मानव श्रम व धनराशि की मांग नहीं की जाएगी।

बता दें कि पिछले दिनों कृषि मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा राज्य में चाय उत्पादन की प्रगति व सम्भावनाओं की समीक्षा करने पर राज्य में चाय क्षेत्र के विस्तार, उत्तराखण्ड टी की राज्य कर्मचारी कल्याण निगम, इन्दिरा अम्मा भोजनालायों, आंचल बूथ से बिक्री के साथ ही राज्य में हवाई अड्डों व रेलवे स्टेशनों से राज्य में उत्पादित चाय की बिक्री का मसौदा तैयार करने के निर्देश दिये गये थे। धौलादेवी प्रसंस्करण इकाई की स्थापना के उपरान्त इसमें टी टूरिज्म के अन्तर्गत शोरूम, टी-कैफे, सुलभ शौचालय निर्माण का कार्य जिला प्रशासन के सहयोग से कराए जा सकेंगे।

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