गणतंत्र दिवस की दिल्ली में राजपथ पर आयोजित परेड में इस वर्ष उत्तराखंड की झांकी भी दिखाई देगी। रक्षा मंत्रालय ने इसकी मंजूरी दे दी है।

उत्तराखंड के सूचना महानिदेशक डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने यह जानकारी देते हुए बताया कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए उत्तराखंड की झांकी का आवेदन केंद्र को भेजा गया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। इस साल झांकी के लिए देश के 17 राज्यों का चयन किया गया है।

उत्तराखंड की झांकी के लिए केदारखंड की थीम रखी गई है। इसमें कस्तूरी मृग, मोनाल और केदारनाथ की झलक दिखाई देगी।

वहीं, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की एनएसएस स्वयंसेवक और पिथौरागढ़ महाविद्यालय की छात्रा अपूर्वा दीक्षित भी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होंगी। वह एमएससी प्रथम वर्ष वनस्पति विज्ञान की छात्रा हैं। एनएसएस की नोडल अधिकारी डॉ. सरोज ने बताया कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए महाविद्यालय से दो विद्यार्थियों का प्रारंभिक चयन हुआ था।

नैनीताल में हुए दूसरे दौर की प्रक्रिया में अपूर्वा का चयन हुआ। दिसंबर में आगरा में अंतिम चयन प्रक्रिया हुई। उसमें उत्तराखंड से 14 छात्र शामिल हुए थे। इनमें गढ़वाल के तीन और कुमाऊं के एकमात्र अपूर्वा का चयन गणतंत्र दिवस परेड के लिए हुआ है।

विदित हो कि इससे पहले 2003 में ‘फुलदेई’, 2005 में ‘नंदाराज जात यात्रा’, 2006 में ‘फूलों की घाटी’, 2007 में ‘कार्बेट नेशनल पार्क’, 2009 में ‘साहसिक पर्यटन’, 2010 में ‘कुंभ मेला’, 2014 में ‘जड़ी-बूटी’, का सफल प्रदर्शन किया जा चुका है। इसके अलावा विश्व धरोहर घोषित रामायण से प्रेरित रम्माण की झांकी भी राजपथ पर दिखाई दी है। साल 2019 में गांधी जी की कौसानी यात्रा से जुड़े अनाशक्ति आश्रम की झांकी भी परेड में शामिल हुई थी।

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