प्रदेश सरकार ने कल एक जून से शुरू हो रहे अनलॉक-1 के लिए गाइड लाइन जारी कर दी है। राज्य में लॉकडाउन-4 के अंतर्गत बनाई गई व्यवस्था में कुछ खास परिवर्तन नहीं किया गया है।

सड़क मार्ग से अंर्तराज्यीय आवागमन के लिए पास अनिवार्य रहेगा, जबकि केंद्र सरकार ने इसमें छूट दी थी। शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक गैर जरूरी गतिविधियां पहले की तरह प्रतिबंधित रहेंगी।

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जबकि केंद्र ने रात नौ बजे से प्रातः पांच बजे तक प्रतिबंध रखने की गाइड लाइन जारी की है। राज्य में रेस्तरां, शॉपिंग माल, होटल और अन्य आतिथ्य सेवाएं खोलने को भी मंजूरी आगामी आठ जून के बाद ही मिल पाएगी।

प्रदेश में एक जून से प्रभावी रहेगी यह व्यवस्था

  • सुबह सात से शाम सात बजे तक दुकानें खुलेंगी।
  • एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए पास की अनिवार्यता लागू।
  • देहरादून स्मार्ट सिटी वेब पोर्टल पर पंजीकरण के बाद पास जारी किया जाएगा।
  • अंतरजनपदीय आवागमन को पंजीकरण ही अनिवार्य, पास की अनिवार्यता नहीं।
  • हवाई सेवा से आने वालों के लिए व्यवस्था पूर्ववत रहेगी।
  • आरोग्य सेतु के लिए पुराने नियम लागू रहेंगे।
  • अंतरराज्यीय यात्रा वालों के लिए क्वारंटीन के नियम भी पहले की तरह लागू।
  • रेड जोन में दुकानें प्रातः सात से शाम चार बजे तक खुलेंगी।
  • आवश्यक सेवाओं के अलावा सभी आफिस शाम चार बजे तक खुलेंगे।
  • श्रेणी एक और दो के सभी कर्मचारी, श्रेणी तीन और चार के 33 प्रतिशत कर्मचारी रहेंगे मौजूद।
  • रेड जोन में अंतरजनपदीय आवागमन को पास अनिवार्य।
  • ग्रीन और ऑरेंज जोन में पास के लिए केवल पंजीकरण।
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लाॅकडाउन में बीते 64 दिनों के बाद अब पूरा भारत चरणबद्ध ढंग से अनलॉक होने की तैयारी में है। हालांकि लॉकडाउन-5 आगे 1 से 30 जून 2020 तक बढ़ चुका है। इस दौरान कंटेनमेंट क्षेत्रों के बाहर कई सुविधाओं को चरणबद्ध ढंग से खोला जाएगा।

बता दें कि देश को अनलाॅक करने के लिए केंद्र सरकार ने तीन चरणों का प्लान तैयार किया है। प्रथम चरण 8 जून से लागू होगा। इसके अंतर्गत 8 जून के बाद धार्मिक स्थल, शॉपिंग मॉल, होटल एवं रेस्टोरेंट अनुबंध के साथ खुलेंगे।

स्कूल एवं शिक्षण संस्थाओं को खोलने का निर्णय जुलाई में राज्य सरकारों के द्वारा लिया जाएगा। अंर्तराष्ट्रीय हवाई सेवा शुरू करने और सिनेमा हॉल जैसे स्थल आमजन के लिए खोलने पर सरकार ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है।

पहला चरण
– सार्वजनिक स्थलों, पूजा के सार्वजनिक स्थान, होटल, रेस्तरां एवं अन्य आतिथ्य सेवाएं और शॉपिंग मॉल को 8 जून से खोलने की अनुमति।
– सरकार इस संबंध में दिशानिर्देश जारी करेगी

दूसरा चरण
– स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक एवं प्रशिक्षण तथा कोचिंग संस्थान आदि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विचार-विमर्श के बाद खोले जाएंगे।

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तीसरा चरण
– अंर्तराष्ट्रीय हवाई सेवा, सिनेमा हॉल, स्वीमिंग पूल, जिम, मेट्रो का संचालन, मनोरंजन पार्क आदि के लिए तिथियों का निर्धारण स्थिति के आकलन के आधार पर होगा।
– आगामी एक माह के लिए कंटेनमेंट जोन से बाहर की समस्त गतिविधियों को फिर से चरणों में खोलने के लिए नए दिशानिर्देश जारी।
– कंटेनमेंट जोन से बाहर आर्थिक गतिविधियों को छूट।
– एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए ई-पास की अनिवार्यता समाप्त।

अनलाॅक की कुछ खास बातें

  • प्रथम चरण 8 जून से, दूसरा जुलाई में होगा शुरू
  • एक जून से राज्यों के बीच आवागमन के लिए ई-पास की बाध्यता खत्म।
  • एक जून से रात्रि 9 बजे से सुबह 5 बजे तक रहेगा कफ्र्यू
  • तीसरा चरण पहले और दूसरे चरण की समीक्षा के बाद होगा तय।
  • बच्चे और बुर्जुगों को घर में रहने की सलाह

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उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि देश में लॉकडाउन पार्ट-4 कल समाप्त हो रहा है ऐसे में अभी तक यह संशय बना हुआ है कि इसके बाद लॉकडाउन की अवधि बढ़ाई जाएगी या फिर इसे समाप्त किया जाएगा, इसको लेकर प्रदेश सरकार की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है।

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इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा कोई प्रस्ताव न दिए जाने के चलते अब यह साफ हो गया है कि इस मामले में केन्द्र सरकार जो निर्णय लेगी, वहीं निर्णय यहां भी लागू किया जाएगा। हालांकि राज्य सरकार ने केन्द्र से कुछ छूट दिए जाने का सुझाव जरूर भेजा है लेकिन उस पर भी अंतिम निर्णय केन्द्र सरकार द्वारा लिया जाएगा।

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उत्तराखण्ड सरकार ने केंद्र से धार्मिक, पर्यटन गतिविधियों के साथ-साथ शाॅपिंग माॅल और सिनेमाघर खोलने की अनुमति मांगी है। सूबे के शहरी विकास मंत्री एवं सरकारी प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि प्रदेश में स्कूल एवं अन्य शिक्षण संस्थाओं को खोलने का कोई प्रस्ताव राज्य की ओर से नहीं भेजा गया है।

ऐसी भी संभावना जताई जा रही है कि केंद्र सरकार लॉकडाउन पार्ट-5 लागू कर सकती है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता है तो प्रदेश को कुछ और छूट दी जाएं, जिससे आर्थिक गतिविधियों का संचालन हो सके।

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केन्द्र सरकार से इसके तहत धार्मिक, पर्यटन गतिविधियों के साथ-साथ शाॅपिंग माॅल और सिनेमाघर खोलने की अनुमति मांगी गई है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सभी मामलों में अंतिम फैसला केन्द्र सरकार द्वारा ही लिया जाएगा।

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