नई टिहरी। पिछले कई माह से प्रदेश में तीसरे विकल्प के गठन के तौर पर नई पार्टी गठन करने की कवायद में जुटे पूर्व मंत्री दिनेश धनै के नेतृत्व में आज उत्तराखण्ड जन एकता पार्टी का गठन कर दिया गया।

बैठक में कार्यकर्ताओं ने प्रस्ताव पारित कर सर्वसम्मति से पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष पद पर पूर्व मंत्री दिनेश धनै को पार्टी की कमान सौंपी गई। बैठक में भारत चुनाव आयोग कार्यालय में पार्टी के पंजीकरण के लिए औपचारिकताएं पूरी की गई। कहा गया कि आगामी एक माह के भीतर चुनाव आयोग में पार्टी पंजीकरण के लिए सभी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए आवेदन किया जाएगा।

पूर्व मंत्री श्री धनै के यहां स्थित आवास पर आज कार्यकर्ताओं की बैठक में नई पार्टी उत्तराखण्ड जन एकता पार्टी का एलान किया गया। इसके बाद वक्ताओं ने नई पार्टी के गठन के उद्देश्य व मंशा को लेकर विस्तार से अपने विचार रखे। इस मौके पर कार्यकर्ताओं के द्वारा पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष पद के लिए पूर्व मंत्री दिनेश धनै के नाम का प्रस्ताव रखा गया, जिसे कार्यकर्ताओं ने ध्वनिमत से पारित कर पार्टी नेतृत्व की कमान उन्हें सौंपी।

इस मौके पर पार्टी के नव निर्वाचित केन्द्रीय अध्यक्ष श्री धनै ने कहा कि अब तक विभिन्न राजनैतिक दलों के लोगों ने सिर्फ नारा ही दिया है लेकिन उत्तराखण्ड जन एकता पार्टी पहाड़ का पानी, पहाड़ की जवानी को पहाड़ के काम लाने के लिए पुरजोर संघर्ष करेगी।

कहा कि यह पार्टी पहाड़ के विकास के लिए वास्तविकता के धरातल पर ठोस कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही पार्टी पहाड़ जनविरोधी नीतियों के विरोध में प्रदेश सरकार के खिलाफ चरणबद्ध ढंग से आंदोलन शुरू किए जाने की रूपरेखा तैयार कर उसे सार्वजनिक करेगी।

उन्होंने बगैर नाम लिए कहा कि दोनों दलों ने उत्तराखण्ड को दो दशक से गर्त में धकेलने का काम किया है और सिर्फ वोट की राजनीति ही की है। बैठक में विनोद सजवाण, रागिनी भटट, पूर्व प्रमुख आनंदी नेगी, शकुंतला नेगी, चंबा के ज्येष्ठ प्रमुख संजय मैठाणी, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष प्रताप गुंसाई, प्रशांत उनियाल, संजय रावत, निर्मला विष्ट, अनंतराम बहुगुणा, श्रीराम भटट, धन सिंह नेगी, विक्रम रावत, अरविन्द पंवार, धर्म सिंह गुनसोला आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।

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