देहरादून। पौड़ी जनपद के विकासखण्ड बीरौंखाल निवासी कोरोना संक्रमित युवक कोटद्वार पहुंचने से पहले उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बस में तीन दिन तक यात्रा करता रहा, जिसके चलते प्रशासन अब उक्त युवक के यात्रा इतिहास को खंगालने में जुटा हुआ है।

विदित हो कि बीती 13 मई को हरियाणा के गुरूग्राम से कोटद्वार लौटे 25 वर्षीय इस युवक को कोटद्वारा स्थित बेस अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान इस युवक के शरीर का तापमान असामान्य पाया गया था। इसके बाद ही युवक का सैंपल एम्स ऋषिकेश जांच के लिए भेजा गया था।

इस युवक के गुरूग्राम से कोटद्वार तक की यात्रा पर नजर डालें तो पता चलता है कि यह वहां से उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बस में बीती 10 मई को कोटद्वार के लिए सवार हुआ था, लेकिन वह गलती से हल्द्वानी पहुंच गया। इसी वजह से यह युवक तीन दिन तक रोडवेज की बसों में सफर करता रहा।

यह युवक गुरुग्राम में किसी निजी कंपनी में काम करता था। लॉकडाउन के कारण उसका रोजगार छिन गया। वहां फंसे होने के कारण उसने घर वापसी के लिए ऑनलाइन पास के लिए पंजीकरण करवाया था। 10 मई को राज्य सरकार ने गुरुग्राम में फंसे लोगों की घर वापसी के लिए निगम की बस भेजी थी, इस बीच यह युवक कोटद्वार के बजाय हल्द्वानी की बस में बैठ गया। इसके बाद हल्द्वानी से उसे 11 मई को हरिद्वार भेजा गया। 12 मई को युवक पूरे दिन और रात्रि हरिद्वार में रहा। बताया जा रहा है कि 13 मई को उसे हरिद्वार से रोडवेज में अन्य प्रवासी लोगों के साथ कोटद्वार भेजा गया।

कोटद्वार पहुंचने पर युवक की थर्मल जांच में शरीर का तापमान सामान्य से अधिक मिलने पर चिकित्सकों ने उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराकर सैंपल जांच के लिए भेजा। इस युवक के संपर्क में आए बीरोंखाल ब्लाक के ही दो युवकों को स्थानीय प्रशासन ने क्वारंटीन सेंटर भेज दिया है।

बताया जा रहा है कि यह दोनों युवक बस में कोरोना पॉजिटिव इस युवक के संपर्क में आए थे। कोरोना संक्रमित इस युवक की रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन इसके संपर्क में आए लोगों की छानबीन करने में जुटा हुआ है ताकी उन्हें क्वारंटीन किया जा सके। इस खबर के बाद से क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

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