बदरीनाथ महायोजना का प्लान तैयार हो गया है। पहले चरण में अनुमानित 245 करोड़ की लागत से धाम के सौंदर्यीकरण के साथ तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं के कार्य किए जाएंगे। वहीं, केदारनाथ पुनर्निर्माण के तहत दूसरे चरण में 128 करोड़ के कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे। आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए महत्वपूर्ण कार्यों को पहले प्राथमिकता दी जाएगी।

सचिवालय में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में होने वाले कार्यों की समीक्षा की। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि के भीतर पूरा करने के साथ गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जाए। बर्फबारी के कारण जो कार्य प्रभावित हुए हैं, उनमें तेजी लाई जाए। केदारनाथ धाम में लगभग 180 करोड़ रुपये के कार्य पूर्ण होने वाले हैं। दूसरे चरण में 128 करोड़ रुपये कार्य भी जल्द शुरू किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि केदारनाथ व बदरीनाथ के कपाट खुलने से पहले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिहाज से महत्वपूर्ण प्रकृति के सभी कार्य पूरे किए जाएं।  श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल, शेड की भी उचित व्यवस्था की जाए। जन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर के आसपास सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाए।

सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने बताया कि केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों में प्रथम चरण में मंडप से संबधित कार्य 85 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं। 15 अप्रैल तक यह कार्य पूरे हो जाएंगे। मंदाकिनी नदी पर बन रहे 60 मीटर स्पान ब्रिज का कार्य यात्रा शुरू होने से पहले पूरा किया जाएगा। केदारनाथ में तीन गुफाओं व सरस्वती घाट का निर्माण कार्य पूरा किया गया। शंकराचार्य समाधि का कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। शंकराचार्य की मूर्ति बनकर तैयार हो गई है।

बैठक में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, प्रमुख सचिव आनंद वर्द्धन, गढ़वाल आयुक्त रविनाथ रमन, गढ़वाल मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक एवं अपर सचिव आशीष चौहान, आर. राजेश कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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