अभी तक कालेजों में पुस्तकालय के माध्यम से छात्र अध्ययन करते रहे हैं, लेकिन अब आने वाले समय में विश्वविद्यालयों में पढ़ाई का डिजिटल दौर शुरू हो जाएगा। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो आने वाले समय में प्रदेश के पांच विश्वविद्यालय और 104 कालेज में अध्ययनरत छात्र-छात्रा ई ग्रंथालय के माध्यम से 35 लाख पाठ्य पुस्तकों को डिजिटल तरीके से अपने मोबाइल एप के जरिए पढ़ सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग की मानें तो प्रदेश के पांच विश्वविद्यालय और 104 कॉलेज ई ग्रंथालय से जुड़ गए हैं।

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अभी बीते रोज यहां सचिवालय में ई-ग्रंथालय का लोकार्पण करते हुए सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि छात्रों-शिक्षकों के लिए ई-ग्रंथालय एक बेहतर उपलब्धि साबित होगी। इस मौके पर सीएम ने ई-ग्रंथालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की बीते 10 वर्ष के प्रश्न बैंक भी इसमें शामिल कराने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा0 धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड देश का ऐसा पहला राज्य है, जहां प्रत्येक कॉलेज को ई-ग्रंथालय से जोड़ दिया गया है। विभाग की इसे उन्होंने बड़ी उपलब्धि बताया।

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क्या है ई ग्रंथालय

ई ग्रंथालय पुस्तकालय का डिजिटल संस्करण जैसा रूप है। पहले स्टेप में सभी विवि व कॉलेजों में उपलब्ध पुस्तकों को सूचीबद्ध किया जाएगा और फिर कॉलेज की वेबसाइट पर इन्हें लोड किया जाएगा। दूसरे स्टेप में इन पुस्तकों के कंटेंट सामग्री को डिजिटल स्वरूप प्रदान किया जाएगा, जिससे छात्र इन्हें ऑनलाइन पढ़ सकें। तीसरे स्टेप में सभी विश्वविद्यालय और कॉलेजों की पुस्तकों को एक पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे कोई भी छात्र-छात्रा किसी भी कॉलेज के पुस्तकालय में उपलब्ध किताब को ऑनलाइन पढ़ सके।

इसके लिए छात्र और शिक्षक की एक लॉगिन आईडी भी तैयार की जाएगी। सूबे का उच्च शिक्षा विभाग आगामी भविष्य में इसके सफल संचालन के लिए मोबाइल एप भी बनाने की भी तैयारी कर रहा है। यदि विभाग एप तैयार कर देता है तो इससे छात्रों को डिजिटल अध्ययन पढ़ाई में और अधिक सुविधा मिल सकेगी।

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