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Saturday, April 17, 2021
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उत्तराखंड में एक मार्च से खुलेंगे विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेज

उत्तराखंड में एक मार्च से विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेज खुल जाएंगे। बुधवार को इसके आदेश जारी हो गए हैं। प्रमुख सचिव आनंद वर्द्धन ने इसके आदेश जारी किए। बता दें कि कोरोना वायरस के कारण प्रदेश में सभी विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेज बंद कर दिए गए थे।

पांच दिसंबर को प्रदेश में यूजी और पीजी के प्रयोगात्मक विषय वाले छात्रों के लिए महाविद्यालय खोले गए थे। लेकिन अब सभी छात्र-छात्राओं के लिए  विवि और कॉलेज खोले जाएंगे। कॉलेज खुलने पर कोविड नियमों का पालन किया जाएगा। वहीं, प्रदेश में कोविड-19 की वजह से दस महीने बाद सात फरवरी से स्कूलों को भी भौतिक रूप से पढ़ाई के लिए खोल दिया था।

प्रदेश में 105 सरकारी महाविद्यालय हैं। इसके अलावा 18 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय हैं। सभी महाविद्यालयों में करीब दो लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। महाविद्यालय खुलने पर सभी छात्र महाविद्यालय आ सकेंगे।

प्रदेश में 18 अशासकीय कॉलेजों का अनुदान एक अप्रैल से बंद हो सकता है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. कुमकुम रौतेला के मुताबिक यदि इन कॉलेजों ने 31 मार्च तक राज्य विश्वविद्यालय से संबद्धता न ली तो एक अप्रैल से इन कॉलेजों को राज्य सरकार से मिलने वाला अनुदान रोक दिया जाएगा।

प्रदेश के अशासकीय कालेजों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को वेतन के रूप में राज्य सरकार की ओर से अनुदान मिलता रहा है, लेकिन अब सरकार की ओर से इससे यह कहते हुए हाथ खींच लिए गए हैं कि यदि कॉलेजों को अनुदान चाहिए तो उन्हें राज्य विश्वविद्यालय से संबद्धता लेनी होगी। जबकि वर्तमान में अधिकतर अशासकीय कॉलेज हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल से संबद्ध हैं।

उच्च शिक्षा निदेशक के मुताबिक राज्य विश्वविद्यालय से संबद्धता न लेने वाले कॉलेजों के अनुदान पर रोक के लिए शासन की ओर से आदेश जारी किया जा चुका है। इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से भी निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कुछ अशासकीय कालेजों की ओर से राज्य विश्वविद्यालय से संबद्धता ले ली गई है। जिन कालेजों की ओर से संबद्धता नहीं ली गई हैं, उन्हें इसके लिए 31 मार्च तक का समय दिया गया है।

उधर अशासकीय कॉलेज अनुदान पर रोक से नाराज हैं। उनका कहना है कि सरकार की ओर से इस तरह के आदेश जारी कर शिक्षकों एवं कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है।

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