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Sunday, July 25, 2021
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जीवन की समस्त बाधाओं को दूर करने के लिए शुक्र ग्रह को बनाएं मजबूत

लव रिलेशन के मामले में शुक्र की भूमिका अहम मानी गई है। शुक्र ग्रह के अशुभ होने पर लव रिलेशन मैं परेशानियां आती है। नवग्रहों में शुक्र का विशेष स्थान है। शुक्र को भोर का तारा भी कहा गया है। शादी विवाह संस्कार में शुक्र की स्थिति का विशेष ध्यान रखा जाता है। शुक्र अस्त पर शादी विवाह जैसे कार्य नहीं किए जाते हैं। शुक्र को लव और लग्जरी लाइफ का कारक माना गया है।

उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल बताते हैं कि शुक्र ग्रह के कमजोर या अशुभ होने पर लव रिलेशन यानि प्रेम संबंधों में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके साथ सुखों में भी कमी प्रदान करता है। इसलिए शुक्र को शुभ बनाए रखना जरूरी माना गया है।

शुक्र अशुभ हैं, ऐसे पता लगाएं

जन्म कुंडली में शुक्र अशुभ हैं इसका पता लगाया जा सकता है। जीवन में जब निम्नलिखित तरह की दिक्कतें आने लगें तो समझ लेना चाहिए कि शुक्र अशुभ फल प्रदान कर रहे हैं-

विवाह होने में बाधा है अथवा विवाह होकर टूट जाना सेक्स में कमजोरी फील होना स्वप्नदोष शीघ्रपतन आदि हो रहे हो, लव रिलेशन में प्रेम की कमी, काम और सुख में कमी, दांपत्य जीवन में मन मुटाव की स्थिति, आकर्षण में कमी, धन की कमी।

वाणी दोष: यदि उपरोक्त दोष जीवन में दिखाई दे रहे हो तो बिना विलंब किए शुक्र ग्रह का उपचार शुरू कर देना चाहिए
ज्योतिष शास्त्र में बड़े हस्ताक्षर आचार्य चंडी प्रसाद घिल्डियाल विश्लेषण करते हुए बताते हैं कि ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को वृष और तुला राशि का स्वामी माना गया है। मीन राशि शुक्र की उच्च राशि है। शुक्र कन्या राशि में नीच के माने गए हैं। बुध और शनि देव से शुक्र की मित्रता है। सूर्य और चंद्रमा से शुक्र के संबंध अच्छे नहीं माने जाते हैं।

वर्तमान समय में शुक्र कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं। शुक्र का राशि परिवर्तन 17 जुलाई 2021 को होगा। इस दिन कर्क राशि से निकल कर शुक्र सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र एक राशि में करीब 23 दिनों तक रहते हैं।

शुक्र ग्रह को सही करने के लिए क्या करें

प्रेम संबंधों में जब निरंतर बाधाएं सताने लगें शादी होने में बाधाएं आ रही हो अथवा शादी होकर टूट गई हो पत्नी का स्वास्थ्य ठीक ना रहता हो माता का स्वास्थ्य ठीक न रहता हो संतान ठीक से पढ़ाई न कर के माता-पिता को दुखी कर रही हो अथवा संतान का स्वास्थ्य ठीक न रहता हो बेटी और बेटे की शादी में रुकावट आ रही हो तो शुक्र का उपाय करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है।

ग्रहों को शांत करने के लिए यंत्र बनाकर लाखों लोगों को लाभ पहुंचाने की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की वजह से मुख्यमंत्री द्वारा ज्योतिष वैज्ञानिक की उपाधि से सम्मानित डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल बताते हैं कि शुक्र ग्रह को शुभ बनाने के लिए कतिपय ज्योतिषी डायमंड पहनने की सलाह देते हैं तो कुछ जरकन पहनने के लिए कहते हैं परंतु यह अनुभव सिद्ध है कि इन चीजों से शुक्र ग्रह बस में नहीं आता है।

शुक्र ग्रह को सुधारने के लिए पूर्ण वैदिक वैज्ञानिक पद्धति से यदि शुक्र ग्रह का यंत्र सिद्ध किया जाता है और तब उसे धारण किया जाता है तो जीवन की सारी बाधाएं दूर हो जाती है। इसमें विशेष रूप से राज सम्मान व्यापार वैवाहिक जीवन सेक्स संबंधी समस्याएं संतान प्राप्ति धन यश और वैभव की प्राप्ति होती है और जितने भी कार्य रुके हुए हो वह पूरे हो जाते हैं।

आचार्य का परिचय

नाम-आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल
प्रवक्ता संस्कृत। निवास स्थान- धर्मपुर चौक के पास अजबपुर रोड पर मोथरोवाला टेंपो स्टैंड 56 / 1 धर्मपुर देहरादून, उत्तराखंड। मोबाइल नंबर-9411153845
उपलब्धियां: वर्ष 2015 में शिक्षा विभाग में प्रथम गवर्नर अवार्ड से सम्मानित। उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत सरकार ने दी उत्तराखंड ज्योतिष रत्न की मानद उपाधि। त्रिवेंद्र सरकार ने दिया ज्योतिष विभूषण सम्मान। ज्योतिष में 5 सितंबर 2020 को प्रथम वर्चुअल टीचर्स राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त किया। वर्ष 2019 में ग्राफिक एरा में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिया ज्योतिष वैज्ञानिक सम्मान।

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