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Thursday, May 6, 2021
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जाख देवता मेला: 1100 साल पुरानी अद्भुत और अनोखी परंपरा के साक्षी बने हजारों श्रद्धालु

रूद्रप्रयाग। यहां केदारघाटी के देवशाल गांव के जाखधार मंदिर में आज दो दिवसीय जाख देवता मेला सम्पन्न हो गया। समापन पर आज सैकड़ों लोग करीब 1100 साल पुरानी अद्भुत और अनोखी परंपरा के साक्षी बने। आज यहां भी कोरोना पर आस्था भारी पड़ी। मंदिर के प्रांगण में धधकते अंगारों पर देवता के पश्वा द्वारा नृत्य किया गया। बाद में श्रद्धालु यज्ञकुंड की राख को प्रसाद के तौर पर अपने घरों को ले गए।

गुरूवार को मेले के दूसरे दिन जाख देवता के पश्वा मदन सिंह राणा श्रद्धालुओं के साथ गंगा स्नान के बाद दोपहर एक बजे विंध्यासनी मंदिर पहुंचे। यहां पर देवशाल गांव के देवशाली ब्राह्मणों की ओर से क्षेत्र के आराध्य देव की विधि विधान से पूजा-अर्चना के पश्चात वह जाखधार स्थित मंदिर पहुंचे।

मंदिर में परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना के बाद जाख देवता पश्वा मदन सिंह राणा पर अवतरित हुए और धधकते अंगारों पर नृत्य करने लगे। यह नजारा देख लोग मंत्र मुग्ध हो गए। भगवान शिव के यक्ष स्वरूप के यहां मौजूद सैकड़ों श्रद्धालु साक्षी बने।

बताया गया कि बीते बुधवार को जाख देवता मंदिर में सैकड़ों क्विंटल लकड़ी से यज्ञकुंड बनाया गया था। रात आठ बजे विशेष पूजा-अर्चना के बाद यज्ञकुंड में अग्नि प्रज्जवलित की गई। साथ ही रातभर चार पहर पूजा-अर्चना की गई।

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