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Tuesday, June 22, 2021
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ब्रह्ममुहूर्त में सुबह 4.15 बजे खुले भू-बैकुंठ धाम श्री बदरीनाथ जी के कपाट

भारत के चार धामों में भू-बैकुंठ धाम बद्रीनाथ के कपाट मंगलवार को ब्रहम बेला में शुभ मुहूर्त पर पूरे वैदिक मंत्रोचारण एवं पारम्परिक विधि विधान के साथ खोल दिए गए। ब्रदीनाथ धाम के मुख्य रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोचारण के साथ सुबह ठीक 4ः15 बजे मंदिर के कपाट खोलकर विधिवत पूजन करते हुए सभी के मंगलमय की प्रार्थना की।
मंगलवार को सुबह 3ः00 बजे से कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई। कुबेर जी, श्री उद्वव जी एवं गाडू घडा दक्षिण द्वार से मंदिर में पहुॅचाया गया। सबसे पहले मंदिर में मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबुदरी, धर्माधिकारी भूवन चन्द्र उनियाल एवं हककूकधारी ने मंदिर में प्रवेश किया और भगवान बद्रीनाथ जी की पूजा अर्चना की।

कोरोना संकट के चलते इस बार कपाट खुलने के अवसर पर मुख्य मंदिर में पुजारी रावल समेत धर्माधिकारी एवं हकहकूधारी ही मौजूद रहे। बद्रीनाथ मंदिर में पहली महाभिषेक पूजा प्रातः 9.30 बजे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की जाएगी। कपाटोत्घाटन के मौके पर मंदिर की सजावट लगभग 8 कुन्तल गेंदे के फूलों से की गई थी। पूरे मंदिर परिसर को सेनेटाइज्ड किया गया और सोेशियल डिस्टेंसिंग रखते हुए मास्क पहनकर पूरे विधि विधान के साथ मंदिर के कपाट खोले गए। बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के समय मुख्य पुजारी रावल वीसी ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, बद्रीनाथ मंदिर के धर्माधिकारी भूवन चन्द्र उनियाल, डिमरी पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, राजगुरू तथा हककूकधारी मौजूद थे। बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का भी औपचारिक रूप से आगाज हो गया।

कोरोना महामारी से बचाव के तहत जारी एडवाइजरी के अनुसार फिलहाल धार्मिक स्थलों में तीर्थ यात्रियों को आने की अनुमति नहीं है। इस वजह से कपाट खुलने के समय हजारों की संख्या में यहाॅ आने वाले श्रद्वालु भी इस बार कपाटोद्घाटन के साक्षी नही बन सके। इस वर्ष भी बेहद सादगी से मंदिर के कपाट खुले।

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भू-बैकुंठ धाम श्री बदरीनाथ जी के कपाट आज मंगलवार को पुष्य नक्षत्र और वृष लग्न में ब्रह्ममुहूर्त में 4.15 बजे खोल दिए गए। धार्मिक परम्पराओं के साथ ब्रह्ममुहूर्त में भगवान श्री बदरीविशाल जी के कपाट खोल दिए गए। इस अवसर पर कोरोना महामारी से पूरे विश्व को निजात पाने के लिये विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान कोविड नियमों का पूरा पालन किया गया।

बदरीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी श्रीमान रावल श्री ईश्वरप्रसाद नमूदारी जी एवं धर्माधिकारी, वेदपाठी व पूजारीगण, देवस्थानम बोर्ड के अधिकारी की उपस्थिति में निर्धारित शुभ मुहर्त में भगवान के श्री कपाट खुलें। सभी अधीनस्थ मंदिरों के भी कपाट खुले श्री आदिकेदारेश्वर , श्री शंकराचार्य मंदिर के कपाट खुले।

श्री माता मूर्ति मंदिर के कपाट पुजारी हनुमान प्रसाद डिमरी ने खोले तथा श्री भविष्य बदरी मंदिर के कपाट पुजारी सुशील डिमरी ने खोले।

टिहरी राजदरबार राजगुरू माधव प्रसाद नौटियाल,
उम्मटा डिमरी पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, अध्यक्ष विनोद डिमरी, दिनेश डिमरी, मेहता थोक, भंडारी थोक, कमदी थोक के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस अवसर पर उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी. डी. सिह तथा उप मुख्य कार्याधिकारी सुनील तिवारी,धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल,अपर धर्माधिकारी सत्यप्रकाश चमोला, अपर धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल , वेदपाठी रविन्द्र भट्ट वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान लेखाकार भूपेंद्र रावत, कमेटी सहायक संजय भट्ठ प्रबंधक राजेंद्र सेमवाल पुजारी सुशील डिमरी, हनुमान प्रसाद डिमरी, दफेदार कृपाल सनवाल, मंजेश भुजवाण, विनोद फर्स्वाण, सत्येन्द्र झिंक्वाण, आदि मौजूद रहे।

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धाम के कपाटोद्घाटन की सभी तैयारियां देवस्थानम बोर्ड की ओर से पूरी कर दी गई हैं।

कपाट खोलने से पूर्व श्री बदरीनाथ धाम के सिंहद्वार व अन्य देवालयों को करीब 20 कुंतल फूलों से सजाया गया है। इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिर के हक-हकूकधारियों के साथ ही धर्माधिकारी, आचार्य ब्राह्मणों को ही धाम में जाने की अनुमति दी गई है।

सोमवार सुबह नौ बजे योग ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर से बदरीनाथ धाम के रावल (मुख्य पुजारी) ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी के साथ कुबेर व उद्धव जी की उत्सव डोली और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुई और पूर्वाह्न 11 बजे धाम पहुंच गई।

धाम के कपाट खुलने पर कुबेर और उद्धव जी बदरीश पंचायत (बदरीनाथ गर्भगृह) में स्थापित कर दिए जाएंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए बदरीनाथ धाम परिसर, तप्तकुंड और आस्था पथ को सैनिटाइज किया गया है। बदरीनाथ बस अड्डे के समीप सभी वाहनों को सैनिटाइज करने के बाद ही धाम की ओर भेजा जा रहा है।

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