नई टिहरी। यदि आप वाटर स्पोट्र्स के शौकीन हैं तो चले आइए टिहरी झील। बीते चार माह बाद आखिरकार रविवार से आज टिहरी झील में बोटिंग फिर से चालू हो गई। कोरोना काल के चलते प्रशासन द्वारा Tehri lake में बोटिंग पर रोक लगा दी गई थी। जिला प्रशासन द्वारा झील में बोटिंग की अनुमति दिए जाने पर बोट संचालकों के चेहरे भी आज खिले मिले। हालांकि अभी सिर्फ उत्तराखण्ड वासियों को ही बोटिंग कराई जाएगी।

रविवार को चंबा की नगर पालिका अध्यक्ष सुमना रमोला ने Tehri lake में बोटिंग की शुरुआत की। विदित हो कि कोरोना के चलते बीती 17 मार्च से टिहरी झील में जिला प्रशासन द्वारा बोटिंग बंद कर दी थी। टिहरी बोट यूनियन के संरक्षक कुलदीप सिंह पंवार ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते टिहरी झील में मार्च में बोटिंग बंद की गई थी। उन्होंने बताया कि अभी सिर्फ राज्य के ही लोग बोटिंग का आनंद ले सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि Tehri lake में बोटिंग व्यवसाय से करीब 500 परिवार अपनी आजीविका चलाते हैं। बीते मार्च माह में बोटिंग व्यवसाय बंद होने से बोट संचालकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया था। इस बीच बोट यूनियन के द्वारा सरकार से मदद की गुहार भी लगाई लेकिन उनके हाथ सिर्फ निराशा ही लगी। बोट संचालकों ने अब सरकार को टैक्स न देने का भी ऐलान किया है। बोट संचालकों का कहना है कि टैक्स न देकर वह फिलहाल बोट की रिपेयरिंग व बैंक की किश्त आदि का भुगतान करेंगे।

बोट संचालकों के द्वारा मार्च में जमा की गई धनराशि वापसी की मांग भी की गई है। यह मांग करने वालों में राकेश बहुगुणा, प्रदीप पंवार, वीरेंद्र नेगी, आशीष रावत, मनोज रावत एवं जितेंद्र नेगी आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।

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