Home हमारा उत्तराखण्ड उत्तराखण्ड का सबसे लंबी दूरी का फ्लाईओवर वाहनों की आवाजाही के लिए...

उत्तराखण्ड का सबसे लंबी दूरी का फ्लाईओवर वाहनों की आवाजाही के लिए खुला

0
166
उत्तराखण्ड का सबसे लंबी दूरी का फ्लाईओवर वाहनों की आवाजाही के लिए खुला

राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58 पर नवनिर्मित प्रदेश का सबसे लंबी दूरी वाला हरिपुरकलां फ्लाईओवर को आज गुरुवार को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। यह फ्लाईओवर गुरुवार को सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर वाहनों के लिए खोल दिया गया।

अभी देहरादून से हरिद्वार के लिए वाहनों की आवाजाही हो पाई है, जबकि हरिद्वार से आने वाले वाहनों को अभी भी पुराने रेलवे फाटक से आना पड़ रहा है। दूसरे ट्रैक पर शेष रह गए कार्य को तेजी से निपटाया जा रहा है।

फ्लाईओवर पर काम के चलते कार्यदायी संस्था के अधिकारी बुधवार को देर रात तक फ्लाईओवर को खुलवाने की बात कहते रहे। देर रात तक फ्लाईओवर पर काम चल रहा था। रायवाला के जंगल से हरिपुरकलां मुख्य बाजार तक करीब दो किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर को बुधवार को वाहनों के लिए खोला जाना था। फ्लाईओवर पर फाइनल काम के चलते यह वाहनों के लिए नहीं खुल पाया। दो दिन पहले ट्रायल कर राजमार्ग प्रशासन की ओर से सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया था।

लेकिन इंजीनियरों के कहने पर कुछ स्थानों पर अभी काम किया जाना है। बुधवार देर रात तक कार्यदायी संस्था के मजदूर फ्लाईओवर को फाइनल टच देने में जुुटे थे। कार्यदायी संस्था के मुख्य परियोजना प्रबंधक सतीश कुमार ने बताया कि बुधवार को फ्लाईओवर को यातायात के लिए खोल दिया जाना था। लेकिन काम होने के कारण फ्लाईओवर वाहनों के लिए गुरुवार को खोला जा सका।

हरिपुरकलां फ्लाईओवर से दून-हरिद्वार-ऋषिकेश मार्ग पर अब लोगों को मोतीचूर रेलवे क्रॉसिंग फाटक पर जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग के नवनिर्मित हरिपुरकलां फ्लाईओवर की लंबाई करीब दो किमी है, जो प्रदेश का सबसे लंबी दूरी का फ्लाईओवर है।

फ्लाईओवर से गुजरने वाले वाहन देहरादून जिले के प्रवेश द्वार सप्तऋषि चेक पोस्ट से शुरू होकर हरिपुरकलां का मुख्य बाजार, सूखी नदी और राजाजी टाइगर रिजर्व के प्रवेश द्वार और जंगल क्षेत्र को पार कराकर राजाजी के मध्य वन क्षेत्र में तीन मोरी पुलिया तक पहुंचता है।

फ्लाईओवर के खुल जाने से आने-जाने वाले वाहन चालकों बड़ी राहत मिलने जा रही है। उन्हें अब इस क्षेत्र में जाम की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।

No comments

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!