वर्ष 2020 का पहला सूर्य ग्रहण आज भारत वर्ष में पूर्ण रूप से दृष्टिगोचर है। भारतीय समय अनुसार ग्रहण सुबह 10:20 पर शुरू होगा, जिसका मोक्ष दोपहर 1:49 पर है। देश के अलग-अलग स्थानों में ग्रहण की शुरुआत एवं समाप्ति में कुछ मिनटों का अंतर बताया जा रहा है‌।

मूलरूप से ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटा 28 मिनट है लेकिन शायंकाल 3 बजकर 4 मिनट तक ग्रहण का प्रभाव बना रहेगा।

उत्तराखंड चारधाम सहित देशभर में कल रात मंदिरों के कपाट सूतककाल शुरू होते ही बंद कर दिये गये है।ग्रहण समाप्त होनेपर मंदिरों का शुद्धि करण होगा इसके पश्चात कपाट पुनः खुलेंगे।

श्री बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम सहित आसपास के मंदिरों में सूतककाल कल शाम 10 बजकर 25 मिनट पर शुरू हो गया तथा ग्रहण की शुरुआत आज प्रात: 10 बजकर 25 मिनट है तथा ग्रहण का मोक्षकाल दिन में 1 बजकर 52 मिनट है। इसके पश्चात मंदिरों के कपाट खुलने के बाद दैनिक अभिषेक एवं भोग लगेगा।

ग्रहण काल में यह करें उपाय

  • सूतक काल में पूजा पाठ न करें।
  • ग्रहण शुरू, समाप्त होने पर स्नान करें।
  • गणेश, हनुमान चालीसा, गायत्री मंत्र, विष्णु मंत्र एवं चालीसा का पाठ करें।
  • खाने के सामान पर गेरू या कुशा रखना चाहिए।
  • ग्रहण समाप्त होने पर सरसों का तेल, तांबे का बर्तन, गुड़, उड़द, वस्त्र आदि दान करने चाहिए।
  • सूर्यग्रहण को नग्न आंखों से न देखें, ग्रहण देखने के लिए काले रंग के चश्मे का उपयोग करें।

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