उत्तरकाशी। जिले में स्थित गंगोत्री नेशनल पार्क में एक हिम तेंदुए की मौत हो गई। इस घटना से पार्क प्रशासन सकते में आ गया है। बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में हिम तेंदुओं की संख्या में वृद्धि हुई है। लेकिन बीते पांच वर्षों में तीन हिम तेंदुओं की मौत गंभीर चिंता का कारण बनी हुई है।

हिम तेंदुए की मौत को पार्क प्रशासन सामान्य बता रहा है। पार्क प्रशासन के मुताबिक बीमार होने के चलते शिकार न कर पाने से हिम तेंदुए की मौत हुई है। हालांकि मौत के स्पष्ट कारण जानने के लिए मृत हिम तेंदुए का बिसरा आदि जांच के लिए बरेली स्थित वाईल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट लैब भेज दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती आठ जून को गंगोत्री नेशनल पार्क में गश्त के दौरान नेलांग के दुमकुटिया पास में वन कर्मियों को बीमार अवस्था में हिम तेंदुआ दिखाई दिया। जिसके बाद उसकी निगरानी करते हुए वन कर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना विभाग के आला अधिकारियों को दी।

उक्त सूचना पर उत्तरकाशी से पार्क के उपनिदेशक नंदावल्लभ शर्मा, वन क्षेत्राधिकारी प्रताप पंवार तथा पशु डाक्टर डा. विनोद सोनी एवं डा.शिवानंद पाठक उपचार के लिए नेलांग पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो गई थी। इस दल के वहां पहुंचने से पहले ही हिम तेंदुए की मौत हो गई।

पशु डाक्टरों के पैनल की उपस्थिति में हिम तेंदुए का पोस्टमार्टम कर शव जलाकर नष्ट किया गया। विभाग के मुताबिक मृत हिम तेंदुआ मादा थी और इसकी उम्र 7 से 8 वर्ष के बीच थी। मालूम हो कि बीते वर्ष 2015 और 2018 में भी पार्क क्षेत्र में दो हिम तेंदुओं की मौत हो चुकी है।

गंगोत्री नेशनल पार्क के उप निदेशक नंदा वल्लभ शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पार्क क्षेत्र में हिम तेंदुओं की संख्या में खासी वृद्धि हुई है। बताया कि कैमरा ट्रैप के जरिए पार्क में करीब 30 से 35 हिम तेंदुए मौजूद हैं। पार्क क्षेत्र में हिम तेंदुओं की मौत सामान्य बीमारी के चलते हुई है। मृत हिम तेंदुए का बिसरा आदि नमूने जांच के लिए लैब भेजे जा रहे हैं, जिससे मौत के कारणों का खुलास हो पाएगा।

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