देहरादून। उत्तराखण्ड विधानसभा का एक दिवसीय सत्र आज हंगामेदार रहा। वैश्विक महामारी कोविड-19 को लेकर विपक्ष ने खूब हंगामा काटा। सदन में विपक्ष का कहना था कि राज्य में कोरोना से 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, इसलिए कोविड पर चर्चा हो।

सदन में आज तब अजीबोगरीब स्थिति हो गई, जब सत्ता पक्ष के लोहाघाट विधायक पूरण सिंह फर्त्याल ने नियम 58 के तहत कार्य स्थगन प्रस्ताव पेश किया। बताया जा रहा है कि उन्होंने टनकपुर जौलजीबी मोटर मार्ग के अंतर्गत फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर टेंडर करने से व्याप्त असंतोष के चलते ऐसा किया है। हंगामे के बीच सदन में रखे सभी विधेयक पारित किए गए और सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

बुद्धवार को आज सदन की कार्यवाही के दौरान ट्रैक्टर से विधानसभा जा रहे कांग्रेस विधायकों को पुलिस ने रिस्पना पुल पर रोक दिया, जिससे विधायक प्रीतम सिंह, काजी निजामुद्दीन, मनोज रावत समेत कई विधायक सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। विधायक काजी निजामुद्दीन और प्रीतम सिंह ने कहा कि ट्रैक्टर से विधानसभा जाना कोई अपराध नहीं है। पुलिस किस नियम के तहत उन्हें जाने से रोक रही है।

हो-हल्ला करने के कुछ देर बाद इन विधायकों को ट्रैक्टर से विधानसभा जाने दिया गया। कृषि विधेयक के खिलाफ विरोध जताते हुए यह विधायक ट्रैक्टर पर विधानसभा पहुंचे। कड़ी सुरक्षा और कोविड प्रोटोकॉल के बीच विधायक को सदन में जाने दिया गया। आज सुबह सदन की शुरूआत में सभी मंत्री और विधायकों द्वारा पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न स्वर्गीय प्रणब मुखर्जी, पूर्व विधायक स्वर्गीय बृजमोहन कोटवाल और स्वर्गीय नारायण सिंह भैंसोङा को सदन में श्रद्धांजलि दी गई, जिसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू हुई।

सदन में मुख्यमंत्री, मंत्री मदन कौशिक, अरविंद पांडेय, सुबोध उनियाल, रेखा आर्या, सतपाल महाराज ,विधायक मुन्ना सिंह चैहान, मुकेश कोली, भरत चैधरी, प्रीतम सिंह चैहान, प्रीतम सिंह पंवार, ममता राकेश, सुरेंद्र सिंह जीना, काजी निजामुद्दीन, मनोज रावत आदि मौजूद रहे।

कृषि अध्यादेश के विरोध में आम आदमी पार्टी ने विधानसभा कूच किया। पुलिस ने डिफेंस कॉलोनी गेट पर आप कार्यकर्ताओं को बैरिकेडिंग कर रोक दिया। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया। पुलिस और कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की भी हुई। दूसरी ओर राज्य निर्माण के 20 साल बाद भी आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण न किए जाने के विरोध में राज्य आंदोलनकारियों ने भी आज विधानसभा सत्र के दौरान प्रदर्शन किया।

रोजगार की मांग को लेकर उत्तराखंड बेरोजगार महासंघ के सदस्यों ने रिस्पना पुल बैरिकेडिंग के समीप विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा से मिली जानकारी के मुताबिक सत्र में प्रश्नकाल नहीं हुआ। सरकार की ओर से करीब 19 विधेयक लाए गए।

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