उत्तराखंड बोर्ड ने वैश्विक महामारी कोरोना के कारण हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के पाठ्यक्रम में 30 फीसदी की कटौती की है। बोर्ड के इस प्रस्ताव को शासन से स्वीकृति मिल गई है। इसके बाद अब प्रदेश में शिक्षकों को सिर्फ 70 फीसदी पाठ्यक्रम पढ़ाना है और छात्र वेबसाइट से विषयवार पाठ्यक्रम को डाउनलोड कर सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में लॉकडाउन के कारण उत्तराखंड बोर्ड ने बीते जुलाई माह के अंत में रिजल्ट घोषित किया। रिजल्ट घोषित होने के दो माह बाद जोकर भी अभी तक स्कूल-कॉलेज नहीं खुल पाए हैं, जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित हुई है। जबकि सामान्य वर्षों में हर वर्ष जुलाई में स्कूल-कॉलेज खुल जाते थे और अगस्त तक हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के छात्र परीक्षा फार्म भरकर जमा कर देते थे।

बोर्ड की सचिव डा0 नीता तिवारी ने बताया कि हर विषय के पाठ्यक्रम को थोड़ा-थोड़ा कम किया गया है, ताकि छात्रों पर किसी भी प्रकार का कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े। बोर्ड ने नए पाठ्यक्रम को https://ubse.uk.gov.in/ पर अपलोड कर दिया है।

बताया कि बोर्ड ने 30 फीसदी कटौती करते हुए नए पाठ्यक्रम को वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। इस संबंध में सभी शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वह वेबसाइट से पाठ्यक्रम को डाउनलोड कर छात्रों को पढ़ाएंगे। इससे छात्रों और शिक्षकों पर ज्यादा दबाव नहीं रहेगा। दूसरी ओर विद्यालय खुलते ही बोर्ड के छात्रों के परीक्षा फार्म भरवाए जाने की कार्यवाही सम्पन्न कराई जाएगी।

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