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Monday, September 26, 2022
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उत्तराखंड विधानसभा में हुई 250 नियुक्तियां निरस्त, विधानसभा सचिव मुकेश सिंघल निलंबित

उत्तराखंड विधानसभा भर्ती प्रकरण के संबंध में जांच रिपोर्ट समिति द्वारा गुरुवार को देर रात्रि विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी भूषण को सौंप दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि जांच समिति के अध्यक्ष डीके कोटिया, एसएस रावत एवं अवनेंद्र सिंह नयाल ने उन्हें रिपोर्ट सौंप दी है। विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी ने विधानसभा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।

विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी ने कहा कि जांच समिति ने माना है कि जो भी तदर्थ नियुक्तियां हुईं थी, वह नियम के खिलाफ थीं। उनके लिए ना तो विज्ञापन निकाला गया, ना रोजगार कार्यालय से कोई आवेदन मंगाए गए।

जांच समिति ने माना है कि इन भर्तियों से संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 16 का उल्लंघन हुआ है। मूल रिपोर्ट 29 पेज की है जबकि सभी अटैचमेंट के साथ यह रिपोर्ट 2014 पेज की है। 

विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक, देहरादून और गैरसैण विधानसभा के लिए पदों का पुनर्गठन होगा। विधानसभा में 2011 से पूर्व भर्ती हुए कर्मचारी नियमित हो चुके हैं, इन पर विधानसभा अध्यक्ष विधिक राय लेगी। उसके बाद ही कोई निर्णय होगा।

पिछले साल हुई 32 पदों की भर्तियों को निरस्त कर दिया गया है। आरएमएस टेक्नो सोलुशन कंपनी को दिए गए 56 लाख के भुगतान पर सचिव की भूमिका संदिग्ध है। 2021 के ही उपनल से भर्ती 22 नियुक्ति रद्द कर दी गई हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने जो नियुक्तियां निरस्त की हैं, उनमें 228 तदर्थ हैं और 22 उपनल के माध्यम से। कुल मिलाकर 250 हैं।

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उत्तराखंड विधानसभा भर्ती प्रकरण के संबंध में जांच रिपोर्ट समिति द्वारा गुरुवार को देर रात्रि विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी भूषण को सौंप देने के बाद आज विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि समिति ने सराहनीय कार्य किया है। विधानसभा अध्यक्ष ने समिति के सदस्यों की तारीफ की। 

विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी भूषण ने बताया कि समिति ने पाया की विधानसभा में जो तमाम तदर्थ नियुक्तियां की थी उसमे अनियमितता की गई हैं। समिति ने तमाम नियुक्तियों को निरस्त करने की सिफारिश की है।

विधानसभा अध्यक्ष ने साफ कहा कि वर्ष 2016 के 150 पद, 2020 तक के 6 पद एवं वर्ष 2021 तक की 72 भर्ती निरस्त कि जाएँगी। बताया कि इन नियुक्ति के लिए ना परीक्षा आयोजित की गई और ना ही किसी तरह की विज्ञप्ति जारी की गई।

6 फरवरी 2003 के आदेश के अनुसार तमाम तदर्थ तमाम नियुक्ति को निरस्त करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने फैसला लिया। बताया कि इसके लिए शासन को भेजा प्रस्ताव जाएगा। उपनल द्वारा की गई भर्ती भी निरस्त कि जाएँगी। 32 पदों पर हुई परीक्षा भी निरस्त कि जाएगी। विधानसभा सचिव मुकेश सिंघल निलंबित कर दिए गए हैं।

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उत्तराखंड विधानसभा भर्ती प्रकरण के संबंध में जांच रिपोर्ट समिति द्वारा गुरुवार को देर रात्रि विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी भूषण को सौंप दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि जांच समिति के अध्यक्ष डीके कोटिया , एसएस रावत एवं अवनेंद्र सिंह नयाल ने उन्हें रिपोर्ट सौंप दी है। वह इस संबंध में आज विधानसभा भवन में प्रेस को संबोधित करेंगी।

उत्तराखंड विधानसभा में भर्तियों की जांच पूरी कर विशेषज्ञ समिति ने रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट की सिफारिशों का खुलासा विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ही करेंगी। वह एक-दो दिन में इसका खुलासा कर सकती हैं। समिति की जांच में राज्य गठन के बाद से 2022 तक कांग्रेस व भाजपा सरकारों के कार्यकाल में विधानसभा में की गई भर्तियां शामिल हैं।

बृहस्पतिवार को कोटद्वार क्षेत्र के दौरे से लौटीं विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण को विशेषज्ञ समिति ने भर्तियों की जांच रिपोर्ट सौंप दी है। स्पीकर को रिपोर्ट सौंपते समय समिति के तीनों सदस्य मौजूद थे। पूर्व आईएएस डीके कोटिया की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञ समिति ने 20 दिन में भर्तियों की जांच पूरी कर रिपोर्ट तैयार की है। समिति में सुरेंद्र सिंह रावत और अवनेंद्र सिंह नयाल भी शामिल हैं। 

विशेषज्ञ समिति की जांच रिपोर्ट के बाद हलचल बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक जांच समिति ने विधानसभा में भर्तियों, अधिकारियों व कर्मचारियों की पदोन्नतियों में नियमों का पालन न करने की सिफारिश की है। अब सबकी निगाहें विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण की ओर से जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई को लेकर टिकी हैं।

हालांकि भर्तियों की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने की घोषणा करते समय स्पीकर ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया था कि जांच रिपोर्ट आने का इंतजार करो। दूध का दूध और पानी का पानी होगा। विधानसभा की गरिमा को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटूंगी। समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर विधानसभा अध्यक्ष कार्रवाई के लिए क्या फैसला लेती हैं। इसका खुलासा एक-दो दिन में हो सकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडियाकर्मियों से कहा कि विधानसभा में नियुक्तियों से संबंधित मामला उनके सामने आया, उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर जांच करने का अनुरोध किया। बकौल धामी, मैंने स्पीकर से कहा था कि जांच में यदि नियुक्तियां गलत हैं तो उन्हें निरस्त किया जाना चाहिए।

https://fb.watch/fJdrd7u7Mp/

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