डा0 महेश भट्ट
हमारे शरीर मे बीमारियों से लड़ने की एक अदभुत क्षमता होती है इसी को रोग प्रतिरोधक क्षमता या इम्युनिटी कहते हैं। आजकल एक शब्द बहुत प्रचलित हो रखा है ‘इम्युनिटी बूस्टर’। हमको ये समझने की जरूरत है कि ये सब शब्द मार्केटिंग को बढ़ाने के लिए ऐसे समय पर जब लोग किसी महामारी जैसी आपदा से परेशान होते हैं, तो कुछ उत्पादों को बेचने के लिए गढ़े जाते रहे हैं, असल इम्युनिटी बूस्टर तो हमारा भोजन ही है, यदि हम संतुलित भोजन (बैलेंस्ड डाइट) लेते हैं और एक्सरसाइज रोज करते हैं तो हमारी इम्युनिटी अच्छी होती है।

संतुलित भोजन से मतलब है कि भोजन के सभी तत्व उसमें हों। ये एक आदत की बात है। आप ये मानकर चलिये कि जिस खाद्य पदार्थ का जितना ज्यादा विज्ञापन होता है उसके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होने की संभावना उतनी ही कम है। आप खुद ही सोच लीजिए आपने कभी हरी शब्जी का या मौसमी फलों के विज्ञापन देखे हैं, सायद नहीं, इसके बदले हम क्या देखते हैं चिप्स, कोल्ड ड्रिंक, फ़ास्ट फूड इनके विज्ञापन, जो स्वास्थ्य के लिये खराब होते हैं।

अतः एक आदत आपके और आपके परिवार की संतुलित भोजन की आदत को बढ़ा सकती है, वो ये कि तय किया जाय जिस खाद्य वस्तु का जितना ज्यादा विज्ञापन उसका उतना ही सीमित ओर कम उपयोग, साथ ही फ्रिज में एवं घर मे उन चीजों को रखा जाय जो स्वास्थ्य के लिए अच्छी हो, ताकि जब भी बच्चों को भूख लगे तो वे फल खाएं। अगले हफ्ते इम्युनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों के बारे में।

(सर्जन, लेखक, सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाहकार) एमडी एमएमबीएचएस ट्रस्ट एवं अध्यक्ष विज्ञान भारती, उत्तराखण्ड

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