हरिद्वार। अयोध्या में आगामी 5 अगस्त को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भूमि पूजन करेंगे। श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर होने वाले भूमि पूजन में तीर्थ नगरी हरिद्वार से गंगा का जल और रेत्ती भेजी जाएगी।

शनिवार को विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनोज वर्मा एवं जिलाध्यक्ष नितिन गौतम ने यह जानकारी देते हुए बताया कि लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़े श्रीराम मंदिर का भव्य निर्माण प्रारंभ होने जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में विहिप के कार्यकर्ताओं ने श्रीराम मंदिर के पूजन में यहां से गंगा का पवित्र जल और गंगा की रेत्ती भेजने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि सोमवार को साधु-संतों के सानिध्य में गंगा जल का कलश और गंगा रेत्ती अयोध्या भेजी जाएगी, ताकि भूमि पूजन में उसका प्रयोग हो सके।

इधर, जनपद पौड़ी का प्रत्येक विहिप कार्यकर्ता अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण में योगदान को लेकर उत्साहित है। जिलाध्यक्ष महेंद्र असवाल ने बताया कि विहिप का प्रत्येक कार्यकर्ता राम मंदिर निर्माण में अपनी क्षमता के अनुरूप योगदान देने को तत्पर है, लेकिन कोरोना के चलते कार्यकर्ता अयोध्या नहीं जा पा रहे हैं। बताया कि जिले के कोट ब्लॉक स्थित सितोनस्यूं पट्टी के फलस्वाड़ी में सीता माता मंदिर है। कार्यकर्ता सितोनस्यूं से माटी, चारों धामों से माटी व जल लेकर प्रदेश संगठन को सौंपेंगे।

उत्तराखण्ड से चारधाम की मिट्टी और नदियों का पवित्र जल ले जाने को लेकर अंतिम निर्णय आगामी 29 जुलाई को हरिद्वार में होने वाली बैठक में चर्चा के बाद तय किया जाएगा। साथ ही किस जिले से कितने लोग अयोध्या जाएंगे, इसकी सूची तैयार की जाएगी। बताया कि 03 अगस्त को चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी व उत्तरकाशी से परिषद के चयनित लोग अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगे।

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